Gujarat: खराब स्कूटर से तंग आकर ग्राहक ने शोरूम के सामने लगाई आग, कंपनी पर लापरवाही का आरोप।
गुजरात के बानासकांठा जिले के पालनपुर शहर में एक चौंकाने वाली घटना ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है। यहां एक स्थानीय निवासी ने अपने खराब हो चुके इलेक्ट्रिक स्कूटर को शोरूम के ठीक
गुजरात के बानासकांठा जिले के पालनपुर शहर में एक चौंकाने वाली घटना ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है। यहां एक स्थानीय निवासी ने अपने खराब हो चुके इलेक्ट्रिक स्कूटर को शोरूम के ठीक सामने आग के हवाले कर दिया। यह कदम गुस्से और निराशा से भरा था, क्योंकि व्यक्ति का कहना है कि स्कूटर की खराबी की शिकायत करने के बावजूद कंपनी ने कोई ध्यान नहीं दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों की गुणवत्ता और सर्विस सिस्टम पर सवाल उठने लगे हैं।
घटना 7 अक्टूबर 2025 को दोपहर के समय घटी। पालनपुर के आबू रोड हाईवे पर स्थित ओला इलेक्ट्रिक के शोरूम के बाहर एक व्यक्ति ने अपने स्कूटर को घेरकर केरोसिन डाल दिया और फिर उसे आग लगा दी। आग की लपटें उठते ही आसपास के लोग दौड़ पड़े। कुछ ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक स्कूटर काफी क्षतिग्रस्त हो चुका था। व्यक्ति ने चिल्लाते हुए कहा कि स्कूटर का स्टीयरिंग और टायर का कनेक्शन बीच सड़क पर ही टूट गया था, जिससे दुर्घटना होने का खतरा पैदा हो गया। वह कई दिनों से शोरूम में शिकायत दर्ज करा रहा था, लेकिन स्टाफ ने उसकी बात को अनसुना कर दिया।
व्यक्ति का नाम हार्दिक पटेल बताया जा रहा है। वह पालनपुर के एक छोटे से गांव में रहता है और हाल ही में पर्यावरण के प्रति जागरूक होकर इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदा था। हार्दिक ने बताया कि उसने स्कूटर को लगभग छह महीने पहले खरीदा था। शुरुआती दिनों में सब कुछ ठीक था, लेकिन पिछले दो महीनों से यह लगातार खराबियां दिखा रहा था। एक दिन सड़क पर चलते हुए अचानक स्टीयरिंग का कनेक्शन टूट गया, जिससे स्कूटर अनियंत्रित हो गया। हार्दिक ने किसी तरह संभाला, लेकिन उसके परिवार को लगा कि यह जानलेवा हो सकता था। उसने तुरंत शोरूम में स्कूटर को सर्विस के लिए दिया, लेकिन वहां से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
शोरूम के कर्मचारियों का कहना था कि पार्ट्स उपलब्ध नहीं हैं और मरम्मत में समय लगेगा। हार्दिक ने कई बार फोन किया, ईमेल भेजा, लेकिन कंपनी की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठा। निराश होकर उसने यह चरम कदम उठाया। घटना के दौरान शोरूम के बाहर खड़ी भीड़ ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन गुस्से में आग लगा चुका था। पुलिस को सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग बुझ चुकी थी। हार्दिक को हिरासत में लिया गया है और उसके खिलाफ संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, पुलिस ने कहा कि वह पूछताछ कर रही है और कंपनी की लापरवाही की जांच भी होगी।
यह घटना ओला इलेक्ट्रिक कंपनी के लिए एक बड़ा झटका है। कंपनी ने हाल ही में इलेक्ट्रिक वाहनों के बाजार में तेजी से कदम रखा है, लेकिन सर्विस और क्वालिटी को लेकर कई शिकायतें सामने आ रही हैं। गुजरात में ही ओला के कई ग्राहक सोशल मीडिया पर अपनी परेशानियां साझा कर चुके हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक साल में ओला स्कूटरों से जुड़ी कम से कम पांच फायरिंग घटनाएं दर्ज की गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रिक स्कूटरों में बैटरी और मैकेनिकल पार्ट्स की गुणवत्ता पर ज्यादा ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि ये सड़क पर चलते वक्त जान जोखिम में डाल सकते हैं।
पालनपुर पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर ने बताया कि हार्दिक की शिकायत वैध लग रही है। स्कूटर की जांच कराई जाएगी और अगर कंपनी की गलती पाई गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। स्थानीय प्रशासन ने भी मामले को संज्ञान में लिया है। बानासकांठा जिले के कलेक्टर ने कहा कि उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। यह घटना न केवल एक व्यक्ति की नाराजगी को दर्शाती है, बल्कि पूरे इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग की कमजोरियों को भी उजागर करती है।
इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार भारत में तेजी से बढ़ रहा है। सरकार की योजनाओं के तहत लाखों लोग पेट्रोल से इलेक्ट्रिक की ओर मुड़ रहे हैं। लेकिन ऐसी घटनाएं उपभोक्ताओं का भरोसा कम करती हैं। ओला कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और ग्राहक की शिकायत को गंभीरता से लेंगे। कंपनी ने मरम्मत का वादा किया है, लेकिन हार्दिक जैसे लोग अब क्या भरोसा करेंगे? विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि वाहन खरीदने से पहले सर्विस सेंटर की उपलब्धता और वारंटी की शर्तें अच्छी तरह जांच लें।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई लोग हार्दिक के पक्ष में हैं, कहते हैं कि कंपनी को पहले ग्राहक की सुननी चाहिए थी। वहीं कुछ का मानना है कि आग लगाना गलत तरीका था, कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए। वायरल वीडियो में हार्दिक को चिल्लाते देखा जा सकता है, जहां वह कहता है, मैंने अपना कठिन कमाया पैसा लगाया, लेकिन कंपनी ने धोखा दिया। यह वीडियो हजारों बार शेयर हो चुका है।
बानासकांठा जिला गुजरात का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां कृषि और छोटे उद्योग प्रमुख हैं। यहां के लोग सरल जीवन जीते हैं और नई तकनीक को अपनाने में रुचि रखते हैं। लेकिन ऐसी घटनाएं विकास की राह में बाधा बन सकती हैं। स्थानीय व्यापारियों ने कहा कि शोरूम के आसपास सुरक्षा बढ़ानी चाहिए। अग्निशमन विभाग ने भी सलाह दी कि शोरूमों में फायर एक्सटिंग्विशर हमेशा तैयार रखें।
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