घायल मरीज ने यूरिन थैली टांगकर ठेके पर पहुंच खरीदी शराब, वीडियो वायरल, शाहजहांपुर मेडिकल कॉलेज में शराब की लत ने मचाया हंगामा।
उत्तर प्रदेश का शाहजहांपुर जिला एक ऐतिहासिक शहर है, जहां गंगा की सहायक नदियां बहती हैं और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था मजबूत है। लेकिन यहां के राजकीय मेडिकल कॉलेज
उत्तर प्रदेश का शाहजहांपुर जिला एक ऐतिहासिक शहर है, जहां गंगा की सहायक नदियां बहती हैं और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था मजबूत है। लेकिन यहां के राजकीय मेडिकल कॉलेज ने रविवार को एक ऐसी घटना से सुर्खियां बटोरीं, जिसने न सिर्फ स्थानीय लोगों को चौंका दिया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तूफान ला दिया। कॉलेज में भर्ती एक घायल मरीज ने अस्पताल की तीसरी मंजिल से चुपके से निकलकर पास के शराब ठेके पर पहुंच गया। उसके हाथ में यूरिन थैली लटकी हुई थी, सिर पर पट्टी बंधी थी और पैरों पर प्लास्टर चढ़ा हुआ था। फिर भी वह लड़खड़ाते हुए शराब खरीदकर पीने लगा। नशे में धुत होकर वह सड़क किनारे बेहोश हो गया। किसी राहगीर ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो कुछ ही घंटों में वायरल हो गया।
यह घटना शनिवार दोपहर की बताई जा रही है। मरीज का नाम विपिन है, जो थाना निगोही क्षेत्र के रहने वाले हैं। दो दिन पहले विपिन का एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से चोट लग गया था। हादसे में उसके सिर और पैरों को काफी नुकसान पहुंचा था। परिवार ने उसे तुरंत शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बताया कि विपिन को सिर में चोट के कारण मानसिक रूप से थोड़ी परेशानी हो रही थी। उसे तीसरी मंजिल के पुरुष वार्ड में रखा गया था, जहां नर्सें और परिजन निगरानी रखते थे। लेकिन शनिवार को दोपहर के समय विपिन ने सबको चकमा दे दिया। वह बिना किसी को बताए वार्ड से बाहर निकल आया। अस्पताल के मुख्य द्वार से होते हुए वह सीधे अजीजगंज क्षेत्र के शराब ठेके पर पहुंच गया।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि विपिन ठेके पर पहुंचा तो उसके हाथ में यूरिन थैली लटक रही थी। ठेके के कर्मचारी ने उसे पहचान लिया, लेकिन विपिन ने जिद पकड़ ली। उसने एक बोतल शराब खरीदी। ठेके के बाहर ही उसने पैग बनाकर पीना शुरू कर दिया। पास के हैंडपंप से उसने पानी लिया और बची हुई शराब की बोतल अपनी जेब में छिपा ली। नशा चढ़ते ही विपिन का संतुलन बिगड़ गया। वह सड़क किनारे गिर पड़ा और बेहोश हो गया। राहगीरों ने उसे देखा तो हड़बड़ा गए। किसी ने वीडियो बनाया, तो किसी ने उसके परिजनों को फोन किया। विपिन के परिवार वाले दौड़े चले आए और उसे उठाकर वापस अस्पताल ले गए। लेकिन तब तक वीडियो सोशल मीडिया पर फैल चुका था। ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर हजारों लोग इसे शेयर कर रहे थे।
विपिन की मां ने घटना के बाद मीडिया से बात की। उन्होंने बताया कि विपिन का एक्सीडेंट बहुत बुरा था। हादसे के बाद से उसका दिमाग ठीक से काम नहीं कर रहा। डॉक्टरों ने कहा था कि उसे आराम की जरूरत है, लेकिन शराब की लत ने सब बर्बाद कर दिया। मां ने रोते हुए कहा कि विपिन पहले से ही शराब का आदी था। हादसे के बाद हमने सोचा था कि अब सुधार हो जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। परिवार के अन्य सदस्यों ने बताया कि विपिन को शराब छुड़ाने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन वह मानता ही नहीं। इस घटना से परिवार शर्मिंदा है और अब वे विपिन का इलाज किसी नशा मुक्ति केंद्र में करवाने की सोच रहे हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने मामले की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि वीडियो उनके संज्ञान में आ गया है। एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की गई है, जो पूरी घटना की पड़ताल करेगी। प्राचार्य ने बताया कि अस्पताल में मरीजों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन वार्ड से बाहर निकलने पर कोई सख्ती नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। डॉक्टरों का कहना है कि विपिन की हालत स्थिर है, लेकिन शराब पीने से उसके घावों पर बुरा असर पड़ सकता है। संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
यह घटना न सिर्फ विपिन की शराब की लत को उजागर करती है, बल्कि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही है। शाहजहांपुर मेडिकल कॉलेज एक प्रमुख सरकारी संस्थान है, जहां रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज करवाने आते हैं। यहां 500 बेड हैं और विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हैं। लेकिन ऐसी घटना से मरीजों के परिजनों में डर फैल गया है। कई लोग कह रहे हैं कि अगर घायल मरीज इतनी आसानी से बाहर निकल सकता है, तो अन्य सुरक्षा क्या होगी? स्थानीय निवासियों ने अस्पताल प्रशासन से मांग की है कि वार्डों के बाहर गेट लगाए जाएं और राउंड द क्लॉक निगरानी हो। एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि शराब की लत एक महामारी है, जो युवाओं को बर्बाद कर रही है। सरकार को नशा मुक्ति अभियान को और मजबूत करना चाहिए।
शराब की लत पर बात करें तो यह एक गंभीर समस्या है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत में करोड़ों लोग शराब के आदी हैं। उत्तर प्रदेश में भी यह समस्या बढ़ रही है। शाहजहांपुर जैसे ग्रामीण इलाकों में युवा बेरोजगारी और तनाव के कारण शराब की ओर मुड़ जाते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि शराब लीवर, हृदय और मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाती है। एक कट से ही ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। विपिन जैसे मामले परिवारों को तोड़ देते हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी कि शराब छुड़ाने के लिए काउंसलिंग और दवाओं का सहारा लें। सरकार ने उत्तर प्रदेश में शराब की दुकानों पर सख्ती की है, लेकिन बिक्री बढ़ रही है।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कुछ लोग विपिन की लत पर सहानुभूति जता रहे हैं, तो कुछ अस्पताल की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं। वीडियो में विपिन की दयनीय हालत देखकर कई यूजर्स ने कमेंट किए कि नशा इंसान को पशु बना देता है। एक यूजर ने लिखा कि अगर मरीज खुद बाहर जा सकता है, तो डॉक्टरों की ड्यूटी क्या? वहीं, कुछ ने शराब नीति पर सवाल उठाए। प्राचार्य ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी। अगर स्टाफ की लापरवाही पाई गई, तो उन्हें दंडित किया जाएगा।
शाहजहांपुर जिला प्रशासन ने भी संज्ञान लिया है। जिलाधिकारी ने प्राचार्य से बात की और तुरंत कदम उठाने को कहा। स्थानीय पुलिस ने ठेके के कर्मचारियों से पूछताछ की। ठेके वाले ने बताया कि विपिन ने पैसे देकर शराब ली, इसलिए रोका नहीं। लेकिन अब ठेकेदार पर भी नजर रखी जा रही है। यह घटना एक सबक है कि अस्पतालों में मरीजों की मानसिक स्थिति पर भी ध्यान देना जरूरी है। विपिन का परिवार अब प्राइवेट काउंसलर से मदद ले रहा है। उम्मीद है कि वह जल्द ठीक हो जाएगा।
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