हमीरपुर मौदहा में 40 साल बाद बेटी के जन्म पर डीजे और 12 स्कॉर्पियो काफिले से भव्य जश्न, परिवार ने खुशी सड़कों पर उतारी।
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मौदहा कस्बे के फत्तेपुर मोहल्ले में अंजुम परवेज उर्फ राजू और उनकी पत्नी निकहत फातिमा के घर 40 वर्षों के बाद बेटी का
- अंजुम परवेज उर्फ राजू और निकहत फातिमा के घर नवजात बेटी का स्वागत, गुब्बारों से सजी गाड़ियां और ढोल-नगाड़े के साथ जुलूस
- बुंदेलखंड के फत्तेपुर मोहल्ले में बेटी को घर लाने का अनोखा अंदाज, परिवार ने बेटी को अल्लाह की रहमत बताया
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मौदहा कस्बे के फत्तेपुर मोहल्ले में अंजुम परवेज उर्फ राजू और उनकी पत्नी निकहत फातिमा के घर 40 वर्षों के बाद बेटी का जन्म हुआ है। यह घटना 14 जनवरी 2026 के आसपास हुई, जब निकहत फातिमा को एक किलोमीटर दूर अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती कराया गया और उन्होंने बेटी को जन्म दिया। परिवार में इतने वर्षों बाद बेटी के आने से खुशी का ठिकाना नहीं रहा। नवजात बेटी को अस्पताल से घर लाने के लिए परिवार ने भव्य जश्न का आयोजन किया, जिसमें डीजे की धुनों पर लोग नाचते-गाते सड़कों पर निकले। जुलूस में 12 स्कॉर्पियो गाड़ियां गुब्बारों से सजाई गईं और आगे-पीछे ढोल-नगाड़े और बैंड-बाजे बजते रहे। पूरा मोहल्ला और परिवार इस जश्न में शामिल हुआ। अंजुम परवेज ने कहा कि बेटियां अल्लाह की रहमत होती हैं और इतने सालों बाद मिली इस बेटी ने उनकी जिंदगी खुशियों से भर दी है। इसलिए उन्होंने इस खुशी को छुपाने के बजाय पूरी दुनिया के सामने मनाने का फैसला किया।
जन्म के दो दिन बाद बेटी को घर लाने का जश्न मनाया गया, जहां हाईवे पर गुब्बारों से सजी गाड़ियां चल रही थीं और पीछे बैंड-बाजे, डीजे तथा ढोल-नगाड़े बज रहे थे। लोग नाचते-गाते घर तक पहुंचे और घर पहुंचते ही परिवार की महिलाओं ने बच्ची का बैंड-बाजों के साथ ग्रैंड वेलकम किया। यह जश्न बुंदेलखंड क्षेत्र में बेटी के जन्म पर सामान्य रूप से मनाए जाने वाले उत्सव से अलग था। परिवार ने तय किया कि बेटी का जन्म गर्व और खुशी का मौका है। अंजुम परवेज और निकहत फातिमा की यह पहल सामाजिक संदेश देने वाली बनी। डॉक्टर अंशु मिश्रा ने कहा कि बीते तीन वर्षों में मौदहा में इस तरह का सार्वजनिक जश्न पहली बार देखने को मिला है।
यह घटना बुंदेलखंड जैसे क्षेत्र में बेटी-बेटे के बीच फर्क की सोच को चुनौती देती दिखाई दी। जहां कई जगह बेटी के जन्म पर कम उत्साह दिखता है, वहां इस परिवार ने खुशी को खुलकर व्यक्त किया। परिवार में पहले कोई संतान नहीं थी और इतने वर्षों बाद बेटी मिलने से सभी सदस्य उत्साहित थे। जुलूस में शामिल लोगों ने सड़कों पर नाच-गाना किया और बेटी को घर लाने की प्रक्रिया को उत्सव में बदल दिया। अंजुम परवेज उर्फ राजू ने बताया कि बेटी का जन्म उनके लिए बहुत बड़ी खुशी है और उन्होंने इसे सामान्य तरीके से नहीं मनाना चाहा। पत्नी निकहत फातिमा ने भी इस खुशी को साझा किया। परिवार ने जुलूस निकालकर पूरे मोहल्ले को शामिल किया। मौदहा कस्बे में यह जश्न स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। 12 स्कॉर्पियो गाड़ियों का काफिला और डीजे के साथ जुलूस ने लोगों का ध्यान खींचा। परिवार ने बेटी को अल्लाह की रहमत करार दिया और खुशी को छुपाने से इनकार किया।
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