Budget 2026 के बाद बीड़ी पर GST 18% तक कम, सिगरेट और पान मसाला पर 40% GST के साथ अतिरिक्त शुल्क से कीमतें बढ़ीं
सिगरेट पर नया उत्पाद शुल्क लंबाई के आधार पर निर्धारित किया गया है, जो 1 फरवरी 2026 से प्रभावी है। छोटी नॉन-फिल्टर सिगरेट (65 मिमी तक) पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगभग 2.05 रुपये प्रति
केंद्रीय Budget 2026-27 के साथ लागू हुई नई कर व्यवस्था से तंबाकू उत्पादों पर कर संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। 1 फरवरी 2026 से सिगरेट, पान मसाला और अन्य चबाने वाले तंबाकू उत्पादों पर कुल कर बोझ बढ़ गया है, जबकि बीड़ी पर GST दर कम कर दी गई है। यह बदलाव GST परिषद के सितंबर 2025 के फैसले और दिसंबर 2025 में पारित केंद्रीय उत्पाद शुल्क संशोधन विधेयक के आधार पर लागू हुआ है। पहले इन उत्पादों पर 28 प्रतिशत GST के साथ क्षतिपूर्ति सेस लगता था, लेकिन अब क्षतिपूर्ति सेस समाप्त होने के बाद 40 प्रतिशत GST के साथ अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सेस की व्यवस्था की गई है। बीड़ी को राहत देते हुए GST दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे बीड़ी सस्ती हो गई है जबकि सिगरेट महंगी हो गई है।
1 फरवरी 2026 से बीड़ी पर GST दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी गई है। यह बदलाव बीड़ी उपभोक्ताओं और इससे जुड़े श्रमिकों को राहत प्रदान करता है। बीड़ी मुख्य रूप से निम्न आय वर्ग द्वारा उपयोग की जाती है और इस पर कुल कर बोझ में कोई वृद्धि नहीं की गई है। सरकार ने बीड़ी पर कर दर कम रखकर उद्योग और इससे जुड़े लाखों श्रमिकों को संरक्षण दिया है। वहीं, सिगरेट पर 40 प्रतिशत GST के साथ लंबाई आधारित अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लागू किया गया है। उत्पाद शुल्क प्रति 1000 स्टिक के आधार पर 2050 रुपये से 8500 रुपये तक है, जो प्रति स्टिक 2.05 रुपये से 8.50 रुपये तक होता है। छोटी नॉन-फिल्टर सिगरेट (65 मिमी तक) पर लगभग 2.05 रुपये प्रति स्टिक, छोटी फिल्टर सिगरेट पर 2.10 रुपये, मध्यम लंबाई (65-70 मिमी) वाली पर 3.6 से 4 रुपये और लंबी सिगरेट (70-75 मिमी) पर 5.4 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लगेगा। असामान्य डिजाइन वाली सिगरेट पर सबसे अधिक 8.50 रुपये प्रति स्टिक का शुल्क है। इस बदलाव से सिगरेट की कीमतें बढ़ गई हैं।
सिगरेट पर लंबाई आधारित उत्पाद शुल्क 2.05 से 8.50 रुपये प्रति स्टिक, कुल कर बोझ बढ़ने से उपभोक्ताओं पर असर
सिगरेट पर नया उत्पाद शुल्क लंबाई के आधार पर निर्धारित किया गया है, जो 1 फरवरी 2026 से प्रभावी है। छोटी नॉन-फिल्टर सिगरेट (65 मिमी तक) पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगभग 2.05 रुपये प्रति स्टिक है। छोटी फिल्टर सिगरेट पर 2.10 रुपये प्रति स्टिक का शुल्क लगेगा। मध्यम लंबाई वाली सिगरेट (65-70 मिमी) पर 3.6 से 4 रुपये प्रति स्टिक और लंबी सिगरेट (70-75 मिमी) पर लगभग 5.4 रुपये प्रति स्टिक का अतिरिक्त बोझ है। गैर-मानक या असामान्य डिजाइन वाली सिगरेट पर 8.50 रुपये प्रति स्टिक का उत्पाद शुल्क लागू होगा, हालांकि अधिकांश लोकप्रिय ब्रांड इस उच्चतम श्रेणी में नहीं आते। सिगरेट पर 40 प्रतिशत GST के साथ यह अतिरिक्त उत्पाद शुल्क कुल कर बोझ बढ़ाता है। पहले 28 प्रतिशत GST और क्षतिपूर्ति सेस की व्यवस्था थी, लेकिन अब नई संरचना से सिगरेट की कीमतें बढ़ गई हैं। बाजार अनुमानों के अनुसार, कुछ ब्रांडों की कीमतें 15 से 28 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं।
बीड़ी पर राहत जारी, 18% GST से कीमतें कम, सिगरेट पर बढ़ोतरी से तुलनात्मक अंतर बढ़ा
बीड़ी पर GST दर को 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है, जो 1 फरवरी 2026 से लागू है। यह राहत बीड़ी उद्योग और उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है। बीड़ी पर कुल कर बोझ में कोई वृद्धि नहीं हुई है, बल्कि GST में कमी के साथ समायोजन किया गया है। इससे बीड़ी सस्ती हो गई है। वहीं, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर 40 प्रतिशत GST के साथ अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और सेस से कीमतें बढ़ी हैं। पान मसाला पर 40 प्रतिशत GST के साथ स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सेस लागू है।
गुटखा पर 91 प्रतिशत उत्पाद शुल्क और चबाने वाले तंबाकू पर 82 प्रतिशत उत्पाद शुल्क है। कच्चे तंबाकू पर 60 से 70 प्रतिशत उत्पाद शुल्क और ई-सिगरेट तथा अन्य निकोटीन उत्पादों पर 100 प्रतिशत कर लगाया गया है। यह कर संरचना 'सिन गुड्स' पर उच्च कर बनाए रखने और स्वास्थ्य लक्ष्यों को प्राप्त करने के उद्देश्य से बनाई गई है। बीड़ी पर कम दर से इसकी खपत प्रभावित नहीं हुई है जबकि सिगरेट पर उच्च कर से उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ बढ़ा है। यह बदलाव GST परिषद के फैसले और केंद्रीय उत्पाद शुल्क संशोधन के बाद लागू हुए हैं, जिसका उद्देश्य राजस्व संग्रह बढ़ाना और तंबाकू उत्पादों की खपत नियंत्रित करना है। कुल मिलाकर सिगरेट महंगी हुई है जबकि बीड़ी सस्ती हो गई है।
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