खाकी के दो जांबाज अब बंधे अटूट बंधन में: आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई और अंशिका बिश्नोई की हुई रिंग सेरेमनी। 

भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के दो होनहार अधिकारियों, कृष्ण कुमार बिश्नोई और अंशिका बिश्नोई ने 26 मार्च 2026 को एक निजी और गरिमामय समारोह

Mar 27, 2026 - 12:11
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खाकी के दो जांबाज अब बंधे अटूट बंधन में: आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई और अंशिका बिश्नोई की हुई रिंग सेरेमनी। 
खाकी के दो जांबाज अब बंधे अटूट बंधन में: आईपीएस कृष्ण कुमार बिश्नोई और अंशिका बिश्नोई की हुई रिंग सेरेमनी। 
  • संभल से बरेली तक खुशियों की गूंज: दो तेजतर्रार पुलिस कप्तानों ने सगाई कर शुरू किया जीवन का नया सफर
  • प्रशासनिक मर्यादा और पारिवारिक उल्लास का संगम: आईपीएस कपल की सगाई की तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाईं

भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के दो होनहार अधिकारियों, कृष्ण कुमार बिश्नोई और अंशिका बिश्नोई ने 26 मार्च 2026 को एक निजी और गरिमामय समारोह में एक-दूसरे को अंगूठी पहनाकर अपने रिश्ते को आधिकारिक रूप प्रदान किया। संभल के पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में तैनात कृष्ण कुमार बिश्नोई और बरेली (दक्षिण) की पुलिस अधीक्षक अंशिका बिश्नोई की यह सगाई प्रशासनिक हल्कों में काफी समय से प्रतीक्षित थी। दोनों ही अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में अपनी सख्त कार्यप्रणाली और अपराध नियंत्रण के लिए जाने जाते हैं, लेकिन सगाई के इस विशेष अवसर पर उनका एक अलग ही रूप देखने को मिला। समारोह के दौरान दोनों के चेहरों पर तैरती सहज मुस्कान और आपसी ठहाकों ने उपस्थित मेहमानों का मन मोह लिया और यह पल इस पूरे आयोजन का सबसे मुख्य आकर्षण बन गया।

सगाई समारोह का आयोजन बेहद सादगी और परंपराओं के साथ संपन्न हुआ। कृष्ण कुमार बिश्नोई मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं और अपनी मेधावी सोच के कारण उत्तर प्रदेश कैडर में एक विशिष्ट पहचान बना चुके हैं। वहीं, अंशिका बिश्नोई भी बिश्नोई समाज से ही आती हैं और उनकी कार्यकुशलता की चर्चा बरेली के पुलिस महकमे में अक्सर होती रहती है। इस रिश्ते की सबसे खास बात यह है कि दोनों एक ही समुदाय और एक ही प्रतिष्ठित सेवा से जुड़े हुए हैं, जिससे उनके बीच की आपसी समझ और पेशेवर तालमेल को एक नई मजबूती मिलेगी। सगाई की रस्मों के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में सजे इस जोड़े ने बड़ों का आशीर्वाद लिया और अपने सुनहरे भविष्य की नींव रखी।

कृष्ण कुमार बिश्नोई की पहचान एक ऐसे अधिकारी के रूप में है जो तकनीक और फील्ड वर्क के बीच बेहतरीन संतुलन बनाकर चलते हैं। संभल जैसे जिले में तैनाती के दौरान उन्होंने कई चुनौतीपूर्ण मामलों को सुलझाया है और जनता के बीच पुलिस की छवि को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दूसरी ओर, अंशिका बिश्नोई ने बरेली साउथ में अपनी तैनाती के दौरान महिला सुरक्षा और संगठित अपराध के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए हैं। दो समान विचारधारा वाले और साहसी अधिकारियों का एक साथ आना प्रशासनिक दृष्टि से भी सकारात्मक माना जा रहा है, क्योंकि वे भविष्य में एक-दूसरे के अनुभवों से सीखकर समाज सेवा के नए प्रतिमान स्थापित कर सकेंगे। अक्सर पुलिस अधिकारियों की व्यक्तिगत जिंदगी ड्यूटी की व्यस्तताओं के बीच दबकर रह जाती है। ऐसे में आईपीएस कपल का यह मिलन 'वर्क-लाइफ बैलेंस' का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करता है। उत्तर प्रदेश पुलिस में पहले भी कई ऐसे आईपीएस जोड़े रहे हैं जिन्होंने सफलतापूर्वक अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों और पारिवारिक जीवन का निर्वहन किया है। कृष्ण और अंशिका की यह जोड़ी अब इसी गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बन गई है, जो आने वाले समय में युवा सिविल सेवा अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

सगाई समारोह में दोनों परिवारों के करीबी सदस्य और कुछ चुनिंदा प्रशासनिक मित्र ही शामिल हुए। कार्यक्रम को निजी रखने का प्रयास किया गया था ताकि गरिमा बनी रहे। हालांकि, सोशल मीडिया पर जैसे ही इस जोड़े की सगाई की तस्वीरें सामने आईं, उन्हें बधाइयां देने वालों का तांता लग गया। तस्वीरों में कृष्ण कुमार और अंशिका एक-दूसरे के साथ बेहद खुश नजर आ रहे थे और उनकी केमिस्ट्री यह बयां कर रही थी कि वे न केवल जीवनसाथी के रूप में बल्कि एक-दूसरे के अच्छे मित्र के रूप में भी इस रिश्ते को आगे बढ़ाएंगे। दोनों अधिकारियों ने सगाई के बाद भी अपनी ड्यूटी को प्राथमिकता दी है, जो उनके कार्य के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

प्रशासनिक स्तर पर इस सगाई के बाद अब उनके विवाह की तारीखों को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं, हालांकि अभी तक किसी निश्चित तिथि की घोषणा नहीं की गई है। बिश्नोई समाज में भी इस मिलन को लेकर काफी खुशी देखी जा रही है, क्योंकि समाज के दो गौरवशाली युवाओं ने अपनी जड़ों और संस्कृति को सम्मान देते हुए इस रिश्ते को चुना है। सगाई के इस अवसर पर भोजन और सजावट में भी राजस्थानी और उत्तर भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिली। मेहमानों के लिए तैयार किए गए विशेष व्यंजनों ने इस समारोह के स्वाद को और भी बढ़ा दिया, जिससे यह आयोजन सभी के लिए यादगार बन गया।

पुलिस महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस नवयुगल को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। अधिकारियों का मानना है कि जब दो आईपीएस अधिकारी एक सूत्र में बंधते हैं, तो वे एक-दूसरे की ड्यूटी की जटिलताओं, अनिश्चित समय और मानसिक दबाव को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं। कृष्ण कुमार और अंशिका की इस सगाई ने यह सिद्ध किया है कि कड़े अनुशासन और व्यस्तता के बावजूद जीवन के खूबसूरत पलों के लिए समय निकालना अनिवार्य है। संभल और बरेली के लोगों ने भी अपने प्रिय अधिकारियों की इस नई पारी की शुरुआत पर हर्ष व्यक्त किया है।

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