रविवार की शाम ने निगलीं दो जानें, प्रयागराज के एसएन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्रों की बाइक दुर्घटना में दर्दनाक मौत, हरदोई-आगरा के युवाओं का परिवार शोक में डूबा। 

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में रविवार शाम को एक सड़क हादसे ने दो होनहार एमबीबीएस छात्रों की जिंदगियां हमेशा के लिए छीन

Dec 1, 2025 - 12:18
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रविवार की शाम ने निगलीं दो जानें, प्रयागराज के एसएन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्रों की बाइक दुर्घटना में दर्दनाक मौत, हरदोई-आगरा के युवाओं का परिवार शोक में डूबा। 
रविवार की शाम ने निगलीं दो जानें, प्रयागराज के एसएन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्रों की बाइक दुर्घटना में दर्दनाक मौत, हरदोई-आगरा के युवाओं का परिवार शोक में डूबा। 

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में रविवार शाम को एक सड़क हादसे ने दो होनहार एमबीबीएस छात्रों की जिंदगियां हमेशा के लिए छीन लीं। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएन मेडिकल कॉलेज) के तृतीय वर्ष के ये छात्र, जो अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रहे थे, एक साथी को बिदा करने के बाद बाइक से लौटते समय अनियंत्रित होकर दुर्घटना का शिकार हो गए। मृतकों में हरदोई जिले के निवासी आकाश वर्मा और आगरा के कमलानगर के रहने वाले रवि शर्मा शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में मेडिकल छात्र अस्पताल पहुंचे और शवों के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े।

घटना रविवार शाम करीब 6 बजे की है, जब एसएन मेडिकल कॉलेज के तृतीय वर्ष के ये दो छात्र अपने एक सहपाठी को स्टेशन पर छोड़ने के लिए निकले थे। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, छात्रों का ग्रुप एक रेजिडेंट डॉक्टर के विवाह समारोह से लौट रहा था, और सहपाठी को ट्रेन पकड़नी थी। बिदाई के बाद आकाश और रवि अपनी बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर कॉलेज हॉस्टल की ओर लौट रहे थे। प्रयागराज-मिर्जापुर रोड पर जीरो रोड के पास एक खतरनाक मोड़ पर उनकी बाइक अनियंत्रित हो गई। तेज रफ्तार और सड़क पर गड्ढों के कारण बाइक सड़क से फिसल गई और पास खड़े एक ट्रक से जा टकराई। दोनों छात्र मौके पर ही गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत 108 एम्बुलेंस को सूचना दी, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही दोनों ने दम तोड़ दिया।

अमर उजाला की खबर के मुताबिक, आकाश वर्मा (23 वर्ष) हरदोई जिले के शाहाबाद क्षेत्र के एक किसान परिवार से थे। वे 2022 बैच के एमबीबीएस छात्र थे और मेडिकल क्षेत्र में सेवा करने का सपना देखते थे। आकाश का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था, और उनकी फीस कॉलेज की स्कॉलरशिप से चल रही थी। दूसरी ओर, रवि शर्मा (22 वर्ष) आगरा के कमलानगर मोहल्ले के एक व्यापारी परिवार से थे। रवि बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल थे और एनईईटी में उच्च रैंक हासिल कर एसएन मेडिकल कॉलेज में दाखिला ले चुके थे। दोनों दोस्त कॉलेज में एक ही बैच के थे और अक्सर साथ रहते थे। घटना के समय वे हेलमेट पहने हुए थे, लेकिन तेज गति ने सब व्यर्थ कर दिया। पुलिस ने बताया कि बाइक की स्पीड 80 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक थी, जो उस सड़क की लिमिट से दोगुनी थी।

घटना की सूचना मिलते ही एसएन मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया। आज तक की रिपोर्ट में वर्णन है कि रात करीब 8 बजे तक कॉलेज के सैकड़ों छात्र, प्रोफेसर और जूनियर डॉक्टर शवों के पास पहुंच गए। मेडिकल छात्र संघ (एमएसएस) ने तत्काल मीटिंग बुलाई और सड़क हादसों के खिलाफ जागरूकता अभियान की घोषणा की। दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। आकाश का शव सोमवार सुबह हरदोई ले जाया गया, जहां गांव में अंतिम संस्कार किया गया। परिवार में मां-पिता और दो छोटे भाई-बहन हैं, जो इस सदमे से टूट चुके हैं। रवि का पार्थिव शरीर आगरा पहुंचा, और कमलानगर में हजारों लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। आगरा के मेयर ने परिवार को सांत्वना देते हुए 5 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा की।

पुलिस जांच में साफ हो गया है कि हादसे का मुख्य कारण तेज रफ्तार और सड़क की खराब स्थिति थी। डीआईजी प्रयागराज ने बताया कि जीरो रोड पर पिछले एक वर्ष में 15 से अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें अधिकांश गड्ढों के कारण। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने बाइक के ब्रेक सिस्टम की जांच की, जो सामान्य पाया गया। लेकिन ड्राइवर की लापरवाही स्पष्ट है। सहपाठियों ने बताया कि आकाश और रवि अक्सर बाइक पर ही घूमते थे और स्पीड के शौकीन थे। एक जूनियर छात्र ने कहा कि वे विवाह समारोह से उत्साहित होकर लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में बातचीत में व्यस्त हो गए। पुलिस ने एफआईआर ओवर स्पीडिंग और लापरवाही के खिलाफ दर्ज की है, लेकिन चूंकि दोनों मृतक हैं, तो मामला मिसहैपल के रूप में बंद हो सकता है।

यह हादसा प्रयागराज के मेडिकल समुदाय के लिए गहरा आघात है। एसएन मेडिकल कॉलेज, जो उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख चिकित्सा संस्थान है, ने पहले भी छात्रों की दुर्घटनाओं का सामना किया है। इंडिया टीवी की विशेष रिपोर्ट में उल्लेख है कि कॉलेज में 500 से अधिक एमबीबीएस छात्र हैं, और अधिकांश बाइक पर ही आवागमन करते हैं। प्राचार्य डॉ. संजय मिश्रा ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि आकाश और रवि कॉलेज के गौरव थे। आकाश आयुर्वेद पर रिसर्च कर रहा था, जबकि रवि कार्डियोलॉजी में विशेषज्ञ बनना चाहता था। उनके निधन से बैच का एक हिस्सा खाली हो गया है। मेडिकल छात्रों ने सोमवार को काली पट्टी बांधकर क्लास बहिष्कार किया और सड़क सुरक्षा के लिए ज्ञापन सौंपा।

परिवारों का दर्द अनकहा है। आकाश के पिता रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि बेटा हर हफ्ते फोन करता था और कहा करता था, "पापा, डॉक्टर बनकर गांव का नाम रोशन करूंगा।" अब वह सपना अधूरा रह गया। हरदोई में ग्रामीणों ने सड़क हादसों के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं, रवि की मां सुनीता शर्मा आगरा में रोते हुए बोलीं, "मेरा लाल अभी तो जिंदगी की शुरुआत कर रहा था।" परिवार ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक संदेश जारी कर जांच के आदेश दिए।

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