पाकिस्तानका झूठा दावा- मीडिया ने दावा किया था कि भारतीय महिला फाइटर पायलट उनके कब्जे में है, भारत में सेवारत शिवांगी सिंह को QFI सम्मान।

भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। 9 अक्टूबर 2025 को तमिलनाडु के तंबरम में स्थित फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर स्कूल में

Oct 11, 2025 - 14:11
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पाकिस्तानका झूठा दावा- मीडिया ने दावा किया था कि भारतीय महिला फाइटर पायलट उनके कब्जे में है, भारत में सेवारत शिवांगी सिंह को QFI सम्मान।
पाकिस्तानका झूठा दावा- मीडिया ने दावा किया था कि भारतीय महिला फाइटर पायलट उनके कब्जे में है, भारत में सेवारत शिवांगी सिंह को QFI सम्मान।

भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। 9 अक्टूबर 2025 को तमिलनाडु के तंबरम में स्थित फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर स्कूल में आयोजित 159वीं क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर कोर्स की समापन समारोह में उन्हें क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर (क्यूएफआई) बैज से सम्मानित किया गया। यह बैज उड़ान कौशल, प्रशिक्षण क्षमता और पेशेवर उत्कृष्टता का प्रतीक है। इस समारोह में भारतीय वायुसेना, सेना, नौसेना और मित्र देशों के कुल 59 अधिकारियों को यह सम्मान मिला। मुख्य अतिथि एयर मार्शल तेजबीर सिंह, ट्रेनिंग कमांड के वरिष्ठ वायु स्टाफ अधिकारी थे।

शिवांगी सिंह भारत की पहली महिला पायलट हैं जिन्होंने फ्रांस निर्मित राफेल लड़ाकू विमान उड़ाया। वे अंबाला स्थित गोल्डन एरोज स्क्वाड्रन की सदस्य हैं। 2017 में कमीशंड होने के बाद उन्होंने मिग-21 बाइसन जैसे विमानों पर प्रशिक्षण लिया और फिर राफेल पर उड़ान भरी। इस उपलब्धि के साथ ही वायुसेना ने उनकी हालिया तस्वीर जारी की, जो ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली आधिकारिक तस्वीर है। यह तस्वीर पाकिस्तानी मीडिया के झूठे दावों को पूरी तरह बेनकाब करती है। पाकिस्तानी प्रचारकों ने मई 2025 में दावा किया था कि शिवांगी सिंह को पाकिस्तानी सेना ने गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन यह पूरी तरह गलत साबित हो चुका है।

ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि समझना जरूरी है। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई। इसके जवाब में भारत ने 7 मई को नियंत्रण रेखा के पार आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। यह ऑपरेशन चार दिनों तक चला और 10 मई को युद्धविराम हुआ। इस दौरान पाकिस्तानी सेना और मीडिया ने प्रचार युद्ध तेज कर दिया। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तानी वायुसेना ने भारतीय राफेल विमान मार गिराया और उसकी महिला पायलट शिवांगी सिंह को सियालकोट के पास गिरफ्तार कर लिया। अल जजीरा जैसे कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी पाकिस्तानी स्रोतों के हवाले से यह खबर चलाई, लेकिन बिना किसी सबूत के।

ये दावे सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। प्रो-पाकिस्तान अकाउंट्स ने पुरानी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए। एक तस्वीर जून 2023 की थी, जब कर्नाटक में किरण ट्रेनर जेट क्रैश हुआ था। इसमें दो पायलट इजेक्ट होकर बच गए थे, लेकिन इसे राफेल क्रैश का बताकर फैलाया गया। एक वीडियो पैराग्लाइडर के लैंडिंग का था, जो मई 2025 से पहले का था। पाकिस्तानी हैंडल्स ने दावा किया कि स्थानीय लोगों ने भारतीय पायलट को पकड़ लिया। लेकिन भारत सरकार की प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) फैक्ट चेक ने तुरंत इनकी पोल खोल दी। 10 मई को पीआईबी ने कहा कि भारतीय महिला एयर फोर्स पायलट को पाकिस्तान ने कब्जे में नहीं लिया। यह दावा पूरी तरह झूठा है।

पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने भी 11 मई को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन दावों से इंकार किया। आईएसपीआर के डायरेक्टर जनरल मेजर जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि उनके पास कोई भारतीय पायलट हिरासत में नहीं है। उन्होंने अल जजीरा की रिपोर्ट को सोशल मीडिया की अफवाह बताया। भारतीय वायुसेना ने भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर में सभी पायलट सुरक्षित लौट आए। एनडीटीवी के पत्रकार शिव अरूर ने तो खुद शिवांगी सिंह से बात की और बताया कि वे बेस पर ड्यूटी पर हैं। लेकिन पाकिस्तानी प्रचार रुका नहीं। कई हफ्तों तक पाक मीडिया ने अफवाहें फैलाईं, जैसे कि शिवांगी सिंह को यातनाएं दी जा रही हैं।

अब क्यूएफआई बैज मिलने के बाद वायुसेना ने 10 अक्टूबर को तस्वीर जारी की। इसमें शिवांगी सिंह बैज लगाए मुस्कुराती नजर आ रही हैं। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। पत्रकार शिव अरूर ने लिखा कि शिवांगी सिंह ने तंबरम में क्यूएफआई बैज हासिल किया, जो पाकिस्तान के उस झूठे दावे को बेनकाब करता है कि वे उन्हें गिरफ्तार कर चुके थे। पीआईबी फैक्ट चेक ने भी 11 अक्टूबर को एक पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा अकाउंट पर पलटवार किया। उस अकाउंट ने दावा किया कि वायुसेना ने एडिटेड तस्वीर शेयर की है। पीआईबी ने कहा कि यह झूठ है। आधिकारिक तस्वीर वायुसेना के एक्स हैंडल पर उपलब्ध है।

शिवांगी सिंह का सफर प्रेरणादायक है। वे वाराणसी की रहने वाली हैं। बचपन से ही उड़ान का शौक था। 2015 में एनडीए परीक्षा पास की और 2017 में फाइटर स्क्वाड्रन में कमीशंड हुईं। पहले मिग-21 पर ट्रेनिंग ली, फिर 2020 में राफेल पर उड़ान भरी। वे पहली महिला हैं जिन्होंने फ्रांस में राफेल का प्रशिक्षण लिया। ऑपरेशन सिंदूर में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। वायुसेना ने कहा कि वे दबाव में शांत रहती हैं और नेतृत्व क्षमता रखती हैं। अब क्यूएफआई बैज के साथ वे नई पीढ़ी के पायलटों को ट्रेनिंग दे सकेंगी।

फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर स्कूल 1948 से चल रहा है। यह भारत और विदेशों में एयरक्रू ट्रेनिंग के लिए महत्वपूर्ण है। क्यूएफआई कोर्स छह महीने का कठिन होता है। इसमें उड़ान कौशल, सिखाने की कला और सुरक्षा पर जोर दिया जाता है। शिवांगी सिंह पहली महिला फाइटर पायलट हैं जिन्हें यह बैज मिला। पहले हेलीकॉप्टर पायलट महिलाओं को यह सम्मान मिल चुका है। 2021 में स्क्वाड्रन लीडर आश्रिता वी ओले티 पहली महिला बनीं जो एयर फोर्स टेस्ट पायलट स्कूल से ग्रेजुएट हुईं।

पाकिस्तान का यह प्रचार युद्ध नया नहीं है। 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक के समय भी उन्होंने झूठे दावे किए थे। लेकिन हर बार तथ्य सामने आते हैं। ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से 300 किलोमीटर दूर पाकिस्तानी विमानों को निशाना बनाया। पाकिस्तान को कई विमान गंवाने पड़े। लेकिन प्रचार में वे जीत दिखाने की कोशिश करते रहे। विशेषज्ञ कहते हैं कि यह साइकोलॉजिकल ऑपरेशन का हिस्सा है, जिससे जनता में भ्रम फैलाया जाए। लेकिन भारत की त्वरित फैक्ट चेकिंग ने इसे नाकाम कर दिया।

इस घटना से महिलाओं को प्रेरणा मिलती है। शिवांगी सिंह महिलाओं के लिए रोल मॉडल हैं। वे कहती हैं कि मेहनत और समर्पण से कुछ भी संभव है। वायुसेना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। अब फाइटर जेट्स में भी बराबरी का मौका मिला है। ऑपरेशन सिंदूर ने वायुसेना की ताकत दिखाई। भारत ने सटीक हमलों से आतंकवाद पर करारा जवाब दिया। युद्धविराम के बाद दोनों देशों ने तनाव कम करने की कोशिश की, लेकिन प्रचार जारी रहा।

विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर अफवाहें तेजी से फैलती हैं। इसलिए सत्यापन जरूरी है। पीआईबी ने लोगों से अपील की कि आधिकारिक स्रोतों से ही खबर लें। अगर कोई संदिग्ध सामग्री दिखे तो रिपोर्ट करें। शिवांगी सिंह की उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत विजय है, बल्कि भारतीय वायुसेना की मजबूती का प्रतीक है। पाकिस्तानी दावे अब हास्यास्पद लगते हैं। वे राफेल को 69 विमानों का नाम देकर मजाक उड़ाते थे, लेकिन हकीकत में भारत की हवाई श्रेष्ठता साबित हुई।

शिवांगी सिंह अब ट्रेनिंग के क्षेत्र में योगदान देंगी। फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर बनना आसान नहीं। इसमें जोखिम भरी उड़ानें और सटीकता चाहिए। वायुसेना ने कहा कि यह कोर्स विमानन सुरक्षा को मजबूत करता है। समापन समारोह में एयर मार्शल तेजबीर सिंह ने ग्रेजुएट्स को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये इंस्ट्रक्टर भविष्य के पायलटों को तैयार करेंगे। शिवांगी सिंह की तस्वीर देखकर सोशल मीडिया पर भारतीय उत्साहित हैं। कई ने लिखा कि यह पाकिस्तान को करारा जवाब है।

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