पत्थर से पत्थर जवाब- संभल हिंसा में फेंके गए पत्थरों से बनी नई पुलिस चौकी, वैदिक मंत्रों-हवन के साथ उद्घाटन। 

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा में उपद्रवियों द्वारा फेंके गए पत्थरों को एकत्रित

Dec 13, 2025 - 12:10
 0  5
पत्थर से पत्थर जवाब- संभल हिंसा में फेंके गए पत्थरों से बनी नई पुलिस चौकी, वैदिक मंत्रों-हवन के साथ उद्घाटन। 
पत्थर से पत्थर जवाब- संभल हिंसा में फेंके गए पत्थरों से बनी नई पुलिस चौकी, वैदिक मंत्रों-हवन के साथ उद्घाटन। 

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा में उपद्रवियों द्वारा फेंके गए पत्थरों को एकत्रित कर उसी से नई पुलिस चौकी का निर्माण किया गया है। यह पुलिस चौकी संभल कोतवाली क्षेत्र के नखासा क्षेत्र में बनाई गई है, जहां हिंसा के दौरान सबसे ज्यादा पथराव हुआ था। चौकी का नाम "शांति कुंज पुलिस चौकी" रखा गया है। इसका उद्घाटन 14 दिसंबर 2025 को वैदिक मंत्रोच्चारण और हवन-पूजन के साथ किया जाएगा। उद्घाटन कार्यक्रम में जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहेंगे। हिंसा में फेंके गए सैकड़ों पत्थरों को एकत्रित करके उनका उपयोग चौकी की दीवारों और निर्माण में किया गया है। चौकी के मुख्य द्वार पर एक शिलापट्ट भी लगाया गया है, जिसमें लिखा है कि यह चौकी उन पत्थरों से बनी है जो हिंसा के दौरान फेंके गए थे। हिंसा के बाद प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से क्षेत्र में सघन सफाई अभियान चलाया था और सड़कों पर बिखरे सभी पत्थरों को एकत्रित कराया था। इन पत्थरों को पहले पुलिस लाइन में रखा गया और फिर तय किया गया कि इन्हीं पत्थरों से नई पुलिस चौकी बनाई जाएगी। चौकी का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया गया और अब यह पूरी तरह तैयार है। चौकी में पुलिस कर्मियों की तैनाती भी कर दी गई है। चौकी के निर्माण में लगभग 500 से अधिक पत्थरों का उपयोग किया गया है, जो हिंसा के दौरान विभिन्न स्थानों से फेंके गए थे। चौकी की दीवारों पर इन पत्थरों को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। यह चौकी क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

संभल हिंसा में चार लोगों की मौत हुई थी और कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। हिंसा के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कई उपद्रवियों को गिरफ्तार किया और क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया। नई पुलिस चौकी बनाने का निर्णय इसी सख्ती का हिस्सा है। चौकी के सामने एक बोर्ड भी लगाया गया है, जिसमें संदेश दिया गया है कि हिंसा करने वालों को पत्थर से ही जवाब दिया जाएगा। चौकी का निर्माण कार्य पुलिस और प्रशासन की निगरानी में पूरा किया गया। चौकी में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिसमें सीसीटीवी कैमरे, इंटरकॉम सिस्टम और अन्य आवश्यक उपकरण शामिल हैं। उद्घाटन कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 14 दिसंबर को सुबह हवन-पूजन होगा, उसके बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच चौकी का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। चौकी के उद्घाटन से क्षेत्र में पुलिस की मौजूदगी और मजबूत होगी। हिंसा के बाद यह पहला बड़ा निर्माण कार्य है, जो प्रशासन की सख्ती को दर्शाता है। पत्थरों का उपयोग करके चौकी बनाना एक संदेश भी है कि हिंसा करने वालों के हथियारों से ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

चौकी का निर्माण लगभग एक महीने में पूरा किया गया। हिंसा के तुरंत बाद पत्थर एकत्रित करने का काम शुरू हो गया था। प्रशासन ने सभी पत्थरों को सुरक्षित रखा और फिर उनका उपयोग निर्माण में किया। चौकी की दीवारें मजबूत बनाई गई हैं और इनमें हिंसा वाले पत्थर स्पष्ट दिखाई देते हैं। चौकी के बाहर शांति कायम रखने का संदेश लिखा गया है। चौकी में चौबीस घंटे पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। क्षेत्र में अब शांति है और लोग सामान्य जीवन जी रहे हैं। शांति कुंज पुलिस चौकी का निर्माण हिंसा के बाद प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का उदाहरण है। हिंसा में प्रयुक्त पत्थरों को ही चौकी में इस्तेमाल करके यह संदेश दिया गया है कि कानून अपना काम करेगा। उद्घाटन के दिन वैदिक रीति-रिवाज से पूजन होगा। चौकी के उद्घाटन के साथ ही क्षेत्र में पुलिसिंग और मजबूत होगी। यह चौकी नखासा बाजार के पास स्थित है, जहां हिंसा सबसे ज्यादा हुई थी।

चौकी में पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जा चुकी है। चौकी के निर्माण में स्थानीय मजदूरों का भी सहयोग लिया गया। हिंसा के बाद क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए यह चौकी महत्वपूर्ण होगी। उद्घाटन कार्यक्रम सादगी से होगा, लेकिन वैदिक परंपरा का पूरा पालन किया जाएगा। हिंसा में फेंके गए पत्थरों का उपयोग करके चौकी बनाना प्रशासन का अनोखा कदम है। संभल में हुई हिंसा के बाद प्रशासन ने कई कदम उठाए, जिनमें नई पुलिस चौकी बनाना प्रमुख है। यह चौकी उन्हीं पत्थरों से बनी है जो हिंसा में फेंके गए थे। उद्घाटन 14 दिसंबर को होगा। कार्यक्रम में हवन और वैदिक मंत्र होंगे। चौकी क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहायक होगी।

Also Read- मुरादाबाद ATM लूट का सनसनीखेज खुलासा: बुर्का पहने बदमाशों ने दो मिनट में उखाड़ ली मशीन, पुलिस ने मुठभेड़ में पकड़े पांच आरोपी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow