Guna: दो साल बाद लापता 9 वर्षीय बच्चे को मृत समझा था, वापस मिलने पर उड़ गये होश, एसपी कार्यालय में भावुक मुलाकात ने रुला दिया।
मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक ऐसी घटना घटी जिसने हर किसी का दिल छू लिया। दो साल पहले अचानक घर से लापता हो गया एक नौ साल का मासूम बच्चा, जिसे उसके परिजन मृत ही मान
मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक ऐसी घटना घटी जिसने हर किसी का दिल छू लिया। दो साल पहले अचानक घर से लापता हो गया एक नौ साल का मासूम बच्चा, जिसे उसके परिजन मृत ही मान चुके थे। लेकिन किस्मत ने करवट ली और वह बच्चा अब जिंदा लौट आया। गुना के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जब वह अपने माता-पिता से मिला, तो खुशी के आंसू छलक पड़े। मां की गोद में समा गया बच्चा, पिता की आंखें नम हो गईं और एसपी अंकित सोनी भी इस दृश्य को देख भावुक हो उठे। यह मिलन न केवल एक परिवार की खुशी लाया, बल्कि पुलिस की मेहनत और दृढ़ता का भी प्रतीक बन गया। बच्चे की तलाश में जुटी गुना पुलिस ने कटनी जिले के एक बाल संरक्षण गृह से उसे बरामद किया और पहचान की पुष्टि के बाद सुरक्षित उसके घरवालों को सौंप दिया।
यह कहानी शुरू होती है सितंबर 2023 से। गुना शहर के एक साधारण से मोहल्ले में रहने वाले रामस्वरूप अहिरवार और उनकी पत्नी सुनीता के घर का इकलौता बेटा था शिवम। शिवम तब नौ साल का था, पढ़ने-लिखने में तेज और खेलकूद में आगे। एक सामान्य शाम को शिवम घर के पास ही दोस्तों के साथ खेल रहा था। अचानक वह गायब हो गया। शुरुआत में परिजनों ने सोचा शायद दोस्तों के पास चला गया होगा, लेकिन रात होने तक भी जब लौटने का नाम न लिया तो हड़कंप मच गया। पूरे मोहल्ले में चीख-पुकार मच गई। रामस्वरूप ने तुरंत गुना के कोतवाली थाने में लापता बच्चे की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू हो गया, दोस्तों से पूछताछ की गई, सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। लेकिन शिवम का कोई सुराग नहीं मिला।
दिन बीतते गए, हफ्ते गुजर गए। पुलिस की टीमें रात-दिन लगी रहीं। रामस्वरूप और सुनीता हर मंदिर-मस्जिद में जाकर दुआएं मांगते। उन्होंने अखबारों में विज्ञापन दिए, सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कीं। लेकिन सब व्यर्थ। महीनों बाद केस को लंबा मान लिया गया। परिजनों का दिल टूट चुका था। सुनीता तो बीमार पड़ गईं, दवा-दारू चलती रहीं। रामस्वरूप मजदूरी करते-करते थक जाते, लेकिन हर रात शिवम के नाम की पुकार करते। दो साल बीत चुके थे। अब तो परिवार ने मान लिया कि उनका बेटा शायद इस दुनिया में नहीं रहा। वे उसके लिए एक छोटा सा श्राद्ध कर्म भी कर चुके थे। जीवन की धारा फिरने लगी थी, लेकिन दिल के कोने में वह दर्द हमेशा बना रहा।
फिर आया वह टर्निंग पॉइंट। अक्टूबर 2025 की शुरुआत में गुना पुलिस को मध्य प्रदेश बाल संरक्षण आयोग से एक सूचना मिली। कटनी जिले के बाल संरक्षण गृह में एक अनाम बच्चा रह रहा था, जो खुद को गुना का बताता था। गृह के अधिकारी हैरान थे क्योंकि बच्चा अपनी पूरी डिटेल्स नहीं बता पा रहा था। सिर्फ इतना कहता कि वह गुना से है और घर का नाम याद है। आयोग ने राज्य स्तर पर सभी जिलों को अलर्ट किया। गुना एसपी अंकित सोनी ने तुरंत अपनी टीम को निर्देश दिए। सीनियर सब-इंस्पेक्टर राकेश शर्मा की अगुवाई में एक विशेष टीम गठित की गई। उन्होंने पुराने लापता बच्चों के रिकॉर्ड खंगाले। शिवम का केस सबसे ऊपर आया। तस्वीरें मिलाई गईं, उम्र चेक की गई। सब कुछ मैच कर रहा था।
टीम ने फौरन कटनी रवाना हो लिया। वहां बाल गृह पहुंचे तो बच्चा सामने था। लेकिन पहचान की पूरी प्रक्रिया अपनाई गई। बच्चे से सवाल-जवाब किए गए, पुरानी तस्वीरें दिखाई गईं। बच्चे ने रोते हुए कहा, पापा-मम्मी कहां हैं? यह सुनकर टीम के सदस्यों की आंखें भी नम हो गईं। बच्चे की मेडिकल जांच कराई गई, काउंसलिंग की गई। सब कुछ साफ था। अब बाकी था परिजनों से मिलवाना। एसपी सोनी ने खुद इस मामले को हैंडल किया। उन्होंने रामस्वरूप को फोन किया और कहा कि आपके बेटे का सुराग मिल गया है। रामस्वरूप को विश्वास ही नहीं हुआ। वे सोच रहे थे शायद मजाक हो। लेकिन जब एसपी ने बच्चे की आवाज रिकॉर्डिंग सुनाई, तो वे फूट-फूटकर रो पड़े।
8 अक्टूबर 2025 को गुना एसपी कार्यालय में वह ऐतिहासिक पल आया। रामस्वरूप और सुनीता घंटों पहले पहुंच चुके थे। उनका चेहरा पीला पड़ गया था, हाथ कांप रहे थे। तभी दरवाजे से बच्चा अंदर आया, पीछे पुलिसकर्मी। शिवम ने मां को देखा और दौड़ पड़ा। सुनीता ने उसे सीने से लगा लिया। दोनों की चीख निकल गई। रामस्वरूप ने बच्चे को छुआ, जैसे सपना हो। एसपी अंकित सोनी भी कोने में खड़े होकर यह दृश्य देख रहे थे। उनकी आंखें लरजाईं, गला रुँध गया। उन्होंने कहा कि यह हमारी पुलिस का सबसे बड़ा इनाम है। कार्यालय में मौजूद सभी स्टाफ ने तालियां बजाईं। यह मिलन करीब आधा घंटा चला। बच्चे ने बताया कि वह कैसे लापता हुआ, कैसे कटनी पहुंचा। लेकिन अभी वह पूरी तरह खुल नहीं पाया।
अब सवाल उठता है कि शिवम इन दो सालों में कहां रहा? बच्चे ने हलफनामा दिया कि वह खुद ही घर से भटक गया था। खेलते हुए दूर चला गया और रास्ता भूल गया। भूख-प्यास से तड़पते हुए उसे कुछ राहगीरों ने देख लिया। वे उसे कटनी ले गए, लेकिन वहां छोड़ दिया। फिर बाल गृह के लोगों ने उसे शरण दी। बच्चा डर के मारे कुछ बोल न सका। गृह के अधीक्षक ने बताया कि शिवम को भर्ती करते समय कोई आईडी नहीं मिली, इसलिए अनाम रखा गया। वह शांत स्वभाव का था, लेकिन अक्सर घर की बातें करता। पुलिस को अब इसकी गहन जांच करनी है कि क्या कोई बाहरी हाथ था या सिर्फ भटकना। एसपी सोनी ने कहा कि हम हर पहलू की जांच करेंगे। अगर कोई लापरवाही पाई गई तो कार्रवाई होगी।
यह घटना गुना जिले के लिए मिसाल बन गई। एसपी अंकित सोनी ने बताया कि लापता बच्चों के मामलों में हम कभी हार नहीं मानते। उनके कार्यकाल में ही कई बच्चे बरामद हो चुके हैं। गुना पुलिस ने बाल संरक्षण के लिए विशेष हेल्पलाइन शुरू की है। जिले में 20 से ज्यादा लापता बच्चों के केस पेंडिंग थे, जिनमें से आधे सॉल्व हो चुके। रामस्वरूप ने पुलिस का लाख धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि एसपी साहब हमारे भगवान हैं। सुनीता ने बच्चे को गोद में लपेटे हुए कहा कि अब कभी अलग न होने दूंगी। गांव वालों ने भी घर पहुंचते ही स्वागत किया। ढोल-नगाड़े बजे, मिठाई बांटी गई।
मध्य प्रदेश में लापता बच्चों की समस्या गंभीर है। राज्य बाल संरक्षण आयोग के अनुसार, हर साल हजारों बच्चे गायब होते हैं। इनमें से ज्यादातर गरीब परिवारों से। कारण होते हैं गरीबी, घरेलू झगड़े, ट्रैफिकिंग या फिर भटकना। कटनी जैसे बाल गृह महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहां सैकड़ों बच्चे रहते हैं, जिन्हें शिक्षा, भोजन और सुरक्षा मिलती है। लेकिन पहचान की कमी एक समस्या है। आयोग ने सुझाव दिया है कि सभी गृहों में डिजिटल रिकॉर्ड अनिवार्य हो। गुना पुलिस ने इस केस से सीख ली है। अब वे सभी लापता केस को राज्य स्तर पर लिंक करेंगे।
शिवम अब स्कूल वापस लौटेगा। परिजनों ने कहा कि उसे काउंसलर से बात कराई जाएगी। दो साल का गैप भरना आसान नहीं, लेकिन परिवार का प्यार सब ठीक कर देगा। यह कहानी साबित करती है कि उम्मीद कभी न छोड़ें। पुलिस की मेहनत और तकनीक ने चमत्कार कर दिखाया। सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल हो गया, जहां एसपी कार्यालय का मिलन दृश्य हजारों बार शेयर हुआ। लोग कमेंट कर रहे हैं कि पुलिस जिंदाबाद। एसपी सोनी ने अपील की कि अगर कोई बच्चा लापता हो तो तुरंत रिपोर्ट करें। देरी न करें।
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