दिल्ली पुलिस ASI रंगे हाथों पकड़ा: 15 हजार रुपये घूस लेते CBI ने गिरफ्तार किया।
दिल्ली में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने दिल्ली पुलिस के एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर को 15 हजार रुपये की
- CBI ट्रैप में फंसा दिल्ली पुलिस ASI: जमानत के बदले 15 हजार की घूस, धमकी का आरोप
- पश्चिम विहार थाने का ASI गिरफ्तार: 25 हजार मांगे, 15 हजार पर तय, CBI ने दबोचा
दिल्ली में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने दिल्ली पुलिस के एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पश्चिम विहार थाने में तैनात था और शिकायतकर्ता से उसके भाई को जमानत दिलाने के बदले रिश्वत मांग रहा था। आरोपी ने रिश्वत न देने पर झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी थी।
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने दिल्ली पुलिस के पश्चिम विहार थाने में तैनात असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर ओम प्रकाश को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 7 फरवरी 2026 को हुई जब सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी को शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये लेते हुए मौके पर पकड़ लिया। आरोपी ने शुरू में शिकायतकर्ता से उसके भाई को जमानत दिलाने में मदद के बदले 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। जब शिकायतकर्ता ने रकम देने से इनकार किया तो आरोपी ने धमकी दी कि वह शिकायतकर्ता के भाई को अन्य झूठे मामलों में फंसा देगा।
शिकायतकर्ता ने सीबीआई से संपर्क किया और पूरी घटना की जानकारी दी। सीबीआई ने 7 फरवरी को ही मामला दर्ज किया और ट्रैप लगाया। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोपी को 15 हजार रुपये दिए। जैसे ही आरोपी ने रकम स्वीकार की सीबीआई टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को हिरासत में लिया गया और आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
गिरफ्तारी 7 फरवरी 2026 को हुई। स्थान राजौरी गार्डन इलाके के आसपास था जहां ट्रैप लगाया गया। आरोपी ASI ओम प्रकाश पश्चिम विहार थाने में तैनात था। सीबीआई ने बताया कि आरोपी ने जमानत मामले में मदद का झांसा देकर रिश्वत मांगी। शुरुआती मांग 25 हजार रुपये की थी लेकिन बाद में बातचीत के बाद 15 हजार पर सहमति बनी। धमकी का इस्तेमाल कर आरोपी ने शिकायतकर्ता पर दबाव बनाया था। ट्रैप सफल रहा और आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया गया।
आरोपी ने शिकायतकर्ता से 25 हजार रुपये मांगे। रकम न देने पर भाई को अन्य मामलों में फंसाने की धमकी दी। अंत में 15 हजार रुपये पर रिश्वत तय हुई। सीबीआई ने इसी रकम पर ट्रैप लगाया। यह घटना दिल्ली पुलिस में भ्रष्टाचार के मामलों की श्रृंखला में शामिल है। सीबीआई ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू की है। मामले में पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई हुई। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसकी पोस्टिंग और अन्य विवरणों की जांच की जा रही है।
शिकायतकर्ता ने सीबीआई से संपर्क किया। 7 फरवरी को मामला दर्ज हुआ। ट्रैप लगाया गया। आरोपी ने 15 हजार रुपये स्वीकार किए। मौके पर गिरफ्तार किया गया। जांच जारी है।
सीबीआई ने इस कार्रवाई से भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है। आरोपी ASI पर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। जांच में अन्य संभावित शामिल लोगों की तलाश की जा रही है। आरोपी का नाम ओम प्रकाश है। वह पश्चिम विहार थाने में तैनात ASI था। गिरफ्तारी के बाद थाने में हलचल मची। यह मामला पुलिस विभाग में रिश्वतखोरी और दुरुपयोग के आरोपों को उजागर करता है। सीबीआई की ट्रैप टीम ने सतर्कता से काम किया। शिकायतकर्ता ने एजेंसी का सहयोग किया। जांच पूरी होने पर आगे की कार्रवाई होगी।
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