महाराष्ट्र में शिरडी वंदे भारत एक्सप्रेस पर पथराव: चार कोचों की खिड़कियां टूटीं, कोई यात्री घायल नहीं।
महाराष्ट्र के कल्याण के निकट ठाकुरली और कल्याण स्टेशनों के बीच 13 मार्च 2026 की सुबह शिरडी जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस
- कल्याण के पास ठाकुरली-कल्याण खंड पर नशे में धुत आरोपी ने फेंके पत्थर, वीडियो वायरल
- 23 वर्षीय कबाड़ी सनी कांबले गिरफ्तार, रेलवे पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की
महाराष्ट्र के कल्याण के निकट ठाकुरली और कल्याण स्टेशनों के बीच 13 मार्च 2026 की सुबह शिरडी जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22223, सीएसएमटी-साईनगर शिरडी) पर पथराव की घटना ने यात्रियों में भय पैदा कर दिया। सुबह लगभग 7:15 बजे ट्रेन जब इस खंड से गुजर रही थी, तब नशे की हालत में एक व्यक्ति ने कई पत्थर फेंके, जिससे ट्रेन के चार कोच—C1, C3, C4 और C7—की खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो गईं। खिड़कियां वंदे भारत की विशेष डिजाइन वाली डबल-लेयर ग्लास वाली थीं, इसलिए पत्थर अंदर नहीं घुसे और किसी यात्री को चोट नहीं आई। हालांकि, कांच टूटने की आवाज और शीशे के टुकड़ों के गिरने से ट्रेन में हड़कंप मच गया, यात्रियों में डर फैला और कई लोग अपनी सीटों से उठकर सुरक्षित स्थान की ओर भागे। ट्रेन में प्रीमियम क्लास के यात्रियों की संख्या अधिक थी, जो इस घटना से काफी आहत हुए। रेलवे अधिकारियों ने तुरंत घटना की सूचना रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (आरपीएफ) और स्थानीय पुलिस को दी, जिसके बाद जांच शुरू हुई। यह घटना वंदे भारत ट्रेनों पर पथराव की बढ़ती घटनाओं की श्रृंखला में एक और कड़ी है, जो देश भर में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा रही है।
घटना के तुरंत बाद आरपीएफ कल्याण और क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच (सीआईबी) की टीम ने रेलवे ट्रैक के आसपास बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। आरोपी को पैट्रिपुल के निकट एक इमारत के पास से हिरासत में लिया गया, जहां वह भागने की कोशिश कर रहा था। आरोपी की पहचान 23 वर्षीय सनी कांबले के रूप में हुई, जो पुणे के शुक्रवार पेठ का निवासी है और कबाड़ का काम करता है। पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने दिन में गाँजा (वीड) का सेवन किया था और नशे की हालत में रेलवे ट्रैक के पास घूम रहा था। जब ट्रेन गुजरी तो उसने ट्रैक से पत्थर उठाकर विभिन्न कोचों पर फेंके, जिसका उद्देश्य यात्रियों को डराना था। आरोपी ने घटना के बाद खुद का वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और जांच में महत्वपूर्ण सबूत बना। पुलिस ने आरोपी को आधारवाड़ी जेल, कल्याण में भेज दिया है और उसके खिलाफ रेलवे एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या आरोपी पहले भी रेलवे संपत्ति से जुड़े अपराधों में शामिल था, क्योंकि हाल ही में ठाकुरली के पास सिंधगड़ एक्सप्रेस में एक मोबाइल चोरी की घटना हुई थी।
ट्रेन पर पथराव से यात्रियों में भय का माहौल बना रहा, क्योंकि वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड और प्रीमियम ट्रेन पर ऐसी घटना अप्रत्याशित थी। कई यात्रियों ने घटना के बाद शिकायत दर्ज कराई कि वे डरे हुए हैं और आगे की यात्रा में असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। ट्रेन में बच्चे और बुजुर्ग भी सवार थे, जिन्हें घटना का सबसे अधिक प्रभाव पड़ा। कांच टूटने की आवाज सुनकर कई लोगों ने सोचा कि कोई बड़ा हमला हुआ है, जिससे पैनिक बढ़ गया। राहत की बात यह रही कि वंदे भारत की मजबूत खिड़कियां होने से कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन मनोवैज्ञानिक प्रभाव यात्रियों पर लंबे समय तक रह सकता है। रेलवे ने प्रभावित कोचों की मरम्मत के लिए तुरंत टीम भेजी और ट्रेन को निर्धारित समय से थोड़ी देरी के साथ आगे बढ़ाया गया। इस घटना ने वंदे भारत ट्रेनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि ऐसी घटनाएं पहले भी कई राज्यों में हो चुकी हैं।
आरोपी का मोडस ऑपरेंडी
सनी कांबले ने नशे की हालत में ट्रैक से पत्थर उठाकर फेंके। उसने पत्थरबाजी के बाद खुद का वीडियो बनाया, जो सोशल मीडिया पर वायरल होने से जांच में मदद मिली। पूछताछ में उसने गाँजा सेवन स्वीकार किया और कहा कि उसका इरादा यात्रियों को डराना था।
रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स ने घटना के बाद त्वरित कार्रवाई की, जिससे आरोपी को कुछ ही घंटों में पकड़ा जा सका। आरपीएफ और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने ट्रैक के आसपास के इलाके की तलाशी ली और आरोपी को पैट्रिपुल के निकट से हिरासत में लिया। आरोपी के पास से कोई हथियार या अन्य संदिग्ध सामान नहीं मिला, लेकिन उसके मोबाइल फोन से वीडियो और अन्य डेटा जब्त किया गया है। पुलिस ने कहा कि आरोपी अकेला था और कोई संगठित गिरोह इसमें शामिल नहीं लगता। हालांकि, जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या आरोपी ने पहले भी ऐसी हरकतें की हैं या अन्य ट्रेनों पर पथराव में शामिल रहा है। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि वंदे भारत जैसी ट्रेनों पर पथराव रोकने के लिए ट्रैक के किनारे फेंसिंग और सीसीटीवी बढ़ाए जा रहे हैं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में चुनौतियां बनी हुई हैं। इस घटना ने रेलवे सुरक्षा पर बहस छेड़ दी है, जहां विशेषज्ञों का कहना है कि नशे और जागरूकता की कमी ऐसी घटनाओं का मुख्य कारण है।
यह घटना वंदे भारत ट्रेनों पर पथराव की बढ़ती संख्या का हिस्सा है, जो पिछले कुछ महीनों में कई राज्यों में देखी गई है। महाराष्ट्र में यह पहली बड़ी घटना नहीं है, लेकिन वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेन पर होने से यह ज्यादा चर्चा में आई। रेलवे ने कहा कि ट्रेन की खिड़कियां मजबूत होने से बड़ी दुर्घटना टली, लेकिन ऐसी घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। आरपीएफ ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है और जांच पूरी होने पर चार्जशीट दाखिल की जाएगी। ट्रेन के प्रभावित कोचों की मरम्मत हो चुकी है और सेवा सामान्य हो गई है।
Also Read- बॉम्बे हाई कोर्ट ने LPG सप्लाई कमी पर केंद्र और प्राइवेट फर्म को नोटिस जारी किया।
What's Your Reaction?







