जंग के असर से IndiGo ने बढ़ाया किराया: आज रात 12 बजे से लागू होगा नया फ्यूल सरचार्ज।
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण जेट फ्यूल की कीमतों में आई भारी वृद्धि का हवाला देते हुए
- ईरान युद्ध से जेट फ्यूल की कीमतों में भारी उछाल, IndiGo ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लगाया अतिरिक्त चार्ज
- घरेलू उड़ानों पर 425 रुपये से यूरोप तक 2300 रुपये तक बढ़ेगा किराया, यात्रियों पर पड़ेगा सीधा असर
भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण जेट फ्यूल की कीमतों में आई भारी वृद्धि का हवाला देते हुए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की घोषणा की है। यह अतिरिक्त चार्ज 14 मार्च 2026 की रात 12:01 बजे से सभी नई बुकिंग्स पर लागू होगा। एयरलाइन ने कहा कि मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव के चलते एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में क्षेत्रीय स्तर पर 85 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है, जो एयरलाइंस की परिचालन लागत का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा है। इस वृद्धि ने एयरलाइन की लागत संरचना पर गहरा प्रभाव डाला है, जिसके कारण बेस फेयर में भारी बदलाव के बजाय फ्यूल सरचार्ज लगाना बेहतर विकल्प माना गया। यह फैसला यात्रियों के लिए उड़ानें महंगी बनाने वाला है, खासकर उन लोगों के लिए जो होली या अन्य त्योहारों के लिए यात्रा की योजना बना रहे हैं। एयरलाइन ने स्पष्ट किया कि यह चार्ज सेक्टर-वाइज लागू होगा और विभिन्न गंतव्यों के आधार पर अलग-अलग राशि होगी। घरेलू और भारतीय उपमहाद्वीप की उड़ानों पर 425 रुपये, मध्य पूर्व पर 900 रुपये, दक्षिण पूर्व एशिया, चीन, अफ्रीका और पश्चिम एशिया पर 1800 रुपये तथा यूरोप की उड़ानों पर 2300 रुपये का सरचार्ज लगेगा। यह कदम एयर इंडिया और अन्य एयरलाइंस द्वारा पहले से लागू किए गए सरचार्ज के बाद आया है, जो वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता को दर्शाता है।
यह फैसला ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष से जुड़ा है, जिसने तेल आपूर्ति श्रृंखला और शिपिंग मार्गों को प्रभावित किया है। क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं, जिससे ATF की लागत में अचानक उछाल आया। एयरलाइंस को लंबे रूट लेने पड़ रहे हैं क्योंकि मध्य पूर्व के एयरस्पेस में प्रतिबंध और पाकिस्तान के एयरस्पेस पर पहले से प्रतिबंध के कारण उड़ानें लंबी हो गई हैं। IndiGo ने कहा कि पूर्ण लागत वसूली के लिए बेस फेयर में बड़ा बदलाव जरूरी होता लेकिन यात्रियों को राहत देने के लिए छोटा सरचार्ज लगाया गया है। यह चार्ज सभी नई बुकिंग्स पर लागू होगा, जबकि पहले से बुक टिकटों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। एयरलाइन ने यात्रियों से अपील की है कि वे बुकिंग से पहले नई कीमतों की जांच कर लें। इस कदम से घरेलू उड़ानों पर औसतन 400-500 रुपये और अंतरराष्ट्रीय पर 1000-2000 रुपये तक की बढ़ोतरी संभावित है, जो यात्रियों की योजना को प्रभावित करेगी।
नया फ्यूल सरचार्ज की सूची
घरेलू और भारतीय उपमहाद्वीप: 425 रुपये मध्य पूर्व: 900 रुपये दक्षिण पूर्व एशिया, चीन, अफ्रीका और पश्चिम एशिया: 1800 रुपये यूरोप: 2300 रुपये यह चार्ज प्रति सेक्टर लागू होगा और 14 मार्च 2026, 00:01 बजे से प्रभावी।
फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला एयरलाइंस की बढ़ती लागत को कवर करने के लिए लिया गया है, जहां ATF कुल परिचालन खर्च का बड़ा हिस्सा है। मध्य पूर्व संघर्ष से तेल की आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे वैश्विक बाजार में कीमतें अस्थिर हो गई हैं। IndiGo ने कहा कि यह अस्थायी उपाय है और स्थिति सामान्य होने पर सरचार्ज हटाया जा सकता है। एयरलाइन ने सरकार से भी ATF पर टैक्स में राहत और एयरपोर्ट चार्जेस कम करने की मांग की है ताकि यात्रियों पर बोझ कम हो। अन्य एयरलाइंस जैसे एयर इंडिया ने भी समान कदम उठाए हैं, जहां घरेलू उड़ानों पर 399 रुपये और अंतरराष्ट्रीय पर अधिक सरचार्ज लगाया गया है। यह प्रवृत्ति दिखाती है कि भारतीय विमानन क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्द बुकिंग करें यदि यात्रा आवश्यक है, क्योंकि आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं।
संघर्ष के कारण एयरलाइंस को लंबे रूट अपनाने पड़ रहे हैं, जैसे यूके जाने वाली उड़ानें अफ्रीका के रास्ते हो रही हैं और उत्तर अमेरिका के लिए स्टॉपओवर बढ़े हैं। इससे फ्यूल खपत बढ़ी है और परिचालन लागत में इजाफा हुआ है। IndiGo ने कहा कि सरचार्ज यात्रियों को पूरी लागत ट्रांसफर करने से बचाने का प्रयास है, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर आगे बदलाव संभव हैं। एयरलाइन ने यात्रियों से समझ की अपील की है और कहा कि यह वैश्विक कारक है जिस पर उनका नियंत्रण नहीं है। इस फैसले से बजट यात्रियों पर सबसे अधिक असर पड़ेगा, जो पहले से महंगी उड़ानों से जूझ रहे हैं।
What's Your Reaction?







