2012 पुणे सिलसिलेवार बम धमाकों के आरोपी असलम शब्बीर शेख उर्फ बंटी जहागीरदार की बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या। 

महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के श्रीरामपुर शहर में 31 दिसंबर 2025 को दोपहर के समय एक सनसनीखेज घटना घटी जब 2012 के पुणे जंगली

Jan 1, 2026 - 12:36
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2012 पुणे सिलसिलेवार बम धमाकों के आरोपी असलम शब्बीर शेख उर्फ बंटी जहागीरदार की बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या। 
2012 पुणे सिलसिलेवार बम धमाकों के आरोपी असलम शब्बीर शेख उर्फ बंटी जहागीरदार की बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या। 

महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के श्रीरामपुर शहर में 31 दिसंबर 2025 को दोपहर के समय एक सनसनीखेज घटना घटी जब 2012 के पुणे जंगली महाराज रोड सिलसिलेवार बम धमाकों के आरोपी असलम शब्बीर शेख उर्फ बंटी जहागीरदार की अज्ञात बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना तब हुई जब जहागीरदार एक रिश्तेदार के अंत्यविधि में शामिल होने के बाद कब्रिस्तान से लौट रहे थे। वह एक अन्य व्यक्ति के साथ मोपेड या दोपहिया वाहन पर सवार थे और बोरावके कॉलेज रोड पर जर्मन हॉस्पिटल के मुख्य गेट के पास पहुंचे थे। तभी दो बाइक सवार अज्ञात व्यक्तियों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं।

जहागीरदार को तीन या उससे अधिक गोलियां लगीं जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर गिर पड़े। हमलावरों ने गोली चलाने के बाद बाइक पर फरार हो गए। घायल जहागीरदार को तुरंत पास के निजी अस्पताल ले जाया गया लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज की मदद से हमलावरों की पहचान करने का प्रयास किया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई जिससे हमलावरों की बाइक और उनकी हरकतें दर्ज हुईं। पुलिस ने पांच विशेष टीमों का गठन किया है जो हमलावरों की तलाश में जुटी हुई हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हमले में दो पिस्तौलों का इस्तेमाल किया गया और हमलावरों की संख्या दो थी। जहागीरदार की उम्र 51 या 52 वर्ष थी और वह श्रीरामपुर के रहने वाले थे।

वह 2012 के पुणे बम धमाकों के मामले में सह आरोपी थे जहां 1 अगस्त 2012 को जंगली महाराज रोड पर चार कम तीव्रता वाले बम विस्फोट हुए थे। इन विस्फोटों में एक व्यक्ति घायल हुआ था और जगहें बालगंधर्व रंगमंदिर के पास डेना बैंक शाखा मैकडोनाल्ड्स आउटलेट और गरवारे ब्रिज के निकट थीं। महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड ने जनवरी 2013 में जहागीरदार को गिरफ्तार किया था क्योंकि आरोप था कि उन्होंने मामले के अन्य आरोपियों को पिस्तौल और गोला बारूद उपलब्ध कराया था। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2023 में उन्हें जमानत दे दी थी और वह ट्रायल का सामना कर रहे थे। इस मामले में कुल आठ आरोपी गिरफ्तार हुए थे। जहागीरदार के खिलाफ अहिल्यानगर जिले में कई आपराधिक मामले दर्ज थे जिनमें हत्या शारीरिक चोट और धमकी देने जैसे अपराध शामिल थे। वह कई बार क्षेत्र से निष्कासित भी किए जा चुके थे। घटना के समय वह एक रिश्तेदार की अंत्यविधि से लौट रहे थे और दोपहिया वाहन पर सवार थे। हमलावरों ने उन्हें रोककर नजदीक से गोलियां चलाईं जिससे वह गिर गए और हमलावर फरार हो गए।

पुलिस अधीक्षक सोमनाथ घार्गे ने पुष्टि की कि हमलावर अज्ञात हैं और मकसद की जांच चल रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि अपराध में और लोग शामिल थे या नहीं। घटना दोपहर करीब 2 बजे की है और श्रीरामपुर शहर में दिनदहाड़े गोलीबारी से इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस ने घटनास्थल से खाली कारतूस बरामद किए और फॉरेंसिक जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज में हमलावरों की बाइक स्पष्ट दिख रही है जिससे उनकी पहचान करने में मदद मिल सकती है। जहागीरदार श्रीरामपुर में स्थानीय स्तर पर सक्रिय थे और हाल ही में नगर परिषद चुनावों में उनके परिवार के सदस्य की जीत में भूमिका की चर्चा थी। लेकिन पुलिस जांच में मुख्य फोकस हमले के मकसद पर है जो फिलहाल स्पष्ट नहीं है। यह घटना 31 दिसंबर 2025 को हुई जब नए साल की पूर्व संध्या पर लोग उत्सव की तैयारी में थे लेकिन इस गोलीबारी ने इलाके को स्तब्ध कर दिया। पुलिस ने गुन्हा दर्ज कर लिया है और हमलावरों को पकड़ने के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। जहागीरदार की मौत के बाद अस्पताल में शव postmortem के लिए भेजा गया और परिवार को सौंपा जाएगा। यह मामला 2012 के पुणे बम धमाकों से जुड़ा होने के कारण विशेष ध्यान आकर्षित कर रहा है जहां कम तीव्रता के बमों का इस्तेमाल किया गया था।

पुलिस विभिन्न कोणों से जांच कर रही है जिसमें पुरानी दुश्मनी या अन्य कारण शामिल हो सकते हैं। घटनास्थल पर पुलिस की टीम ने सबूत जुटाए और गवाहों के बयान दर्ज किए। हमलावरों ने गोली चलाने के बाद तेजी से भाग निकले जिससे कोई और घायल नहीं हुआ। जहागीरदार के साथ मौजूद व्यक्ति सुरक्षित रहा। यह घटना श्रीरामपुर के मुख्य इलाके में हुई जिससे स्थानीय लोग सहम गए। पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और सीसीटीवी की मदद से ट्रेस करने का काम जारी है। 2012 के मामले में जहागीरदार पर आरोप था कि उन्होंने हथियार उपलब्ध कराए थे जो अन्य आरोपियों ने इस्तेमाल किए। वह ट्रायल के दौरान बाहर थे। अब उनकी मौत से मामले पर असर पड़ सकता है लेकिन पुलिस अलग से हत्या की जांच कर रही है। घटना के बाद अस्पताल के बाहर भीड़ जमा हो गई और पुलिस को स्थिति संभालनी पड़ी। हमलावरों की बाइक का नंबर या अन्य विवरण सीसीटीवी से मिल सकता है। पुलिस ने पांच टीमों को अलग अलग दिशाओं में भेजा है। यह दिनदहाड़े हुई हत्या से अपराध की जांच तेज हो गई है। जहागीरदार का शव अस्पताल में रखा गया और postmortem के बाद अंतिम संस्कार होगा। पुलिस मकसद पता लगाने में जुटी है।

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