सोफे से उठते समय कमर में खोंसी पिस्तौल से चली गोली, एनआरआई युवक की दर्दनाक मौत, सीसीटीवी में कैद हुई दिल दहला देने वाली घटना।
पंजाब के फाजिल्का जिले के अबोहर क्षेत्र में एक चौंकाने वाली और दर्दनाक घटना सामने आई है। गांव ढाणी सूच्चा सिंह में रहने वाले एनआरआई युवक
पंजाब के फाजिल्का जिले के अबोहर क्षेत्र में एक चौंकाने वाली और दर्दनाक घटना सामने आई है। गांव ढाणी सूच्चा सिंह में रहने वाले एनआरआई युवक हरपिंद्र सिंह उर्फ सोनू की मौत अपनी ही लाइसेंसी पिस्तौल से दुर्घटनावश चली गोली से हो गई। यह हादसा तब हुआ जब वह घर के अंदर सोफे पर कुछ रिश्तेदारों के साथ बैठा था। जैसे ही वह सोफे से उठा, उसकी कमर में खोंसी लोडेड पिस्तौल अचानक चल गई और गोली उसके पेट में जा लगी। गोली लगते ही वह बुरी तरह घायल हो गया और कमरे में चीख-पुकार मच गई।
घटना सोमवार देर शाम की है। हरपिंद्र सिंह अपने घर में आराम से सोफे पर बैठा हुआ था। उसकी कमर में पिस्तौल खोंसी हुई थी। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि वह जैसे ही खड़ा होने की कोशिश करता है, पिस्तौल से गोली चल जाती है। गोली की आवाज सुनते ही घर के अन्य सदस्य और रिश्तेदार तुरंत उसकी मदद के लिए दौड़ते हैं। वे उसे सहारा देकर कमरे से बाहर निकालते हैं और फौरन नजदीकी सरकारी अस्पताल अबोहर ले जाते हैं। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे बठिंडा के एक बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया। हालांकि, बठिंडा ले जाते समय रास्ते में ही हरपिंद्र सिंह ने दम तोड़ दिया। मृतक हरपिंद्र सिंह की उम्र लगभग 27 से 30 वर्ष बताई जा रही है। वह एनआरआई था और गांव ढाणी सूच्चा सिंह का निवासी था। उसके पिता दर्शन सिंह स्थानीय ब्लॉक समिति के सदस्य हैं। घटना की सूचना मिलते ही बल्लुआना पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी रविंद्र शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच की। फुटेज से स्पष्ट हो गया कि यह एक दुर्घटना थी और पिस्तौल कमर में खोंसे होने के कारण सोफे से उठते समय चल गई। गोली सीधे पेट में लगी, जिससे गंभीर चोट आई।
पुलिस ने मृतक के पिता दर्शन सिंह के बयान दर्ज किए। बयानों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 194 के तहत मामला दर्ज किया गया, जो दुर्घटनावश मौत से संबंधित है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया और इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया। अंतिम संस्कार गमगीन माहौल में किया गया। परिवार में कोहराम मच गया और चंद पलों में खुशी का माहौल मातम में बदल गया। यह घटना घरेलू सीसीटीवी कैमरों में पूरी तरह कैद हो गई, जिसमें हरपिंद्र सिंह का सोफे पर बैठना, उठते समय गोली चलना, गोली लगने के बाद गिरना और परिजनों का मदद के लिए दौड़ना साफ दिखाई दे रहा है। फुटेज से यह पुष्टि हुई कि किसी बाहरी व्यक्ति का इसमें कोई हाथ नहीं था और यह पूरी तरह दुर्घटनावश हुई। पुलिस ने पिस्तौल को कब्जे में ले लिया है और आगे की जांच जारी है। इस हादसे ने एक बार फिर हथियारों के सुरक्षित रखरखाव की आवश्यकता को उजागर किया है। लोडेड पिस्तौल को कमर में खोंसकर रखने की आदत कितनी खतरनाक हो सकती है, यह इस घटना से स्पष्ट हो गया।
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