गूगल ने Gemini एआई में लॉन्च किया JEE मेन मॉक टेस्ट फीचर, छात्र अब फ्री में फुल-लेंथ प्रैक्टिस टेस्ट देकर तैयारी कर सकते हैं
यह फीचर छात्रों को उनके ज्ञान की कमियों को पहचानने में मदद करता है। जेमिनी इन इनसाइट्स के आधार पर कस्टमाइज्ड स्टडी प्लान बना सकता है। इससे छात्र अपनी तैयारी को और प्रभा
- JEE मेन की तैयारी में नया टूल: गूगल जेमिनी चैटबॉट में उपलब्ध फुल-लेंथ मॉक टेस्ट, फिजिक्स वाला और करियर्स360 से वेटेड कंटेंट, इंस्टेंट फीडबैक के साथ
- भारतीय छात्रों के लिए गूगल का बड़ा ऐलान, जेमिनी एआई पर JEE मेन प्रैक्टिस टेस्ट लॉन्च, कस्टमाइज्ड स्टडी प्लान और कमजोर क्षेत्रों की पहचान आसान हुई
गूगल ने 28 जनवरी 2026 को भारत में छात्रों के लिए नई एआई टूल्स की घोषणा की जिसमें जेमिनी चैटबॉट में JEE मेन के फुल-लेंथ प्रैक्टिस टेस्ट शामिल हैं। यह फीचर छात्रों को JEE मेन एग्जाम की तैयारी में मदद करने के लिए लॉन्च किया गया है। JEE मेन भारत का प्रमुख इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम है जो IIT, NIT और अन्य टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन के लिए आयोजित होता है। लाखों छात्र हर साल इस एग्जाम में भाग लेते हैं। गूगल ने इस फीचर को जेमिनी में इंटीग्रेट किया है जहां छात्र सिर्फ "I want to take a JEE Main mock test" टाइप करके फुल-लेंथ मॉक टेस्ट शुरू कर सकते हैं। यह प्रैक्टिस टेस्ट फिजिक्स वाला और करियर्स360 जैसी एजुकेशन कंपनियों से वेटेड कंटेंट पर आधारित हैं। कंटेंट को रिगरसली वेटेड किया गया है ताकि यह असली एग्जाम के सवालों से मिलता-जुलता हो। छात्र टेस्ट पूरा करने के बाद इंस्टेंट फीडबैक प्राप्त करते हैं जिसमें यह बताया जाता है कि वे किन क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है। जहां छात्र को समझ नहीं आता वहां वे जेमिनी से सही जवाब की व्याख्या मांग सकते हैं।
यह फीचर छात्रों को उनके ज्ञान की कमियों को पहचानने में मदद करता है। जेमिनी इन इनसाइट्स के आधार पर कस्टमाइज्ड स्टडी प्लान बना सकता है। इससे छात्र अपनी तैयारी को और प्रभावी बना सकते हैं। यह टूल फ्री में उपलब्ध है और जेमिनी ऐप या वेबसाइट पर एक्सेस किया जा सकता है। गूगल ने इसे भारत में छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखकर लॉन्च किया है। यह सुविधा जल्द ही गूगल सर्च के AI मोड में भी रोल आउट होगी। AI मोड में कैनवास टूल के जरिए छात्र अपनी क्लास नोट्स अटैच करके स्टडी गाइड्स और इंटरएक्टिव क्विज बना सकते हैं। यह टूल छात्रों को उनके नोट्स को ऑर्गनाइज करने और पढ़ाई को बेहतर बनाने में सहायता देता है। गूगल ने भारत में एआई को एजुकेशन में इंटीग्रेट करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
JEE मेन प्रैक्टिस टेस्ट फीचर SAT प्रैक्टिस टेस्ट के बाद लॉन्च किया गया है जो गूगल ने हाल ही में घोषित किया था। गूगल का कहना है कि छात्र पहले से ही जेमिनी का उपयोग फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स जैसे सब्जेक्ट्स की पढ़ाई के लिए कर रहे हैं। नोटबुकLM जैसे टूल्स से वे स्टडी मटेरियल को क्विज, फ्लैशकार्ड्स या ऑडियो-वीडियो समरी में बदल सकते हैं। यह फीचर इंडिया AI समिट 2026 में अनाउंस किया गया। गूगल ने भारत में एजुकेशन के लिए एआई टूल्स को बढ़ावा देने के लिए अन्य पहल भी की हैं। कंपनी ने 85 करोड़ रुपये का ग्रांट घोषित किया है जो 75 मिलियन छात्रों को सपोर्ट करेगा। साथ ही मेरठ में देश का पहला AI-एनेबल्ड स्टेट यूनिवर्सिटी बनाने की साझेदारी की है।
JEE मेन मॉक टेस्ट में छात्रों को एग्जाम जैसा अनुभव मिलता है। कंटेंट लोकल एजुकेशन पार्टनर्स से लिया गया है ताकि यह भारतीय छात्रों की जरूरतों के अनुरूप हो। फीडबैक सिस्टम छात्रों को स्पेसिफिक नॉलेज गैप्स बताता है। जेमिनी एक्सप्लेनेशन दे सकता है और स्टडी प्लान जेनरेट कर सकता है। यह टूल छात्रों को कोचिंग या पेड कोर्सेज के बिना भी तैयारी करने में मदद करता है। गूगल ने कहा कि यह स्ट्रक्चर्ड एग्जाम प्रिपरेशन के लिए है न कि सिर्फ आंसर्स का शॉर्टकट। छात्र मल्टीपल लैंग्वेजेस में भी उपयोग कर सकते हैं। गूगल इंडिया टीम ने इसे भारत की नेक्स्ट जेनरेशन को सपोर्ट करने वाली नई AI टूल्स का हिस्सा बताया है। छात्र जेमिनी में टेस्ट लेकर अपनी तैयारी को मजबूत कर सकते हैं। यह फीचर जेमिनी ऐप और वेब पर उपलब्ध है।
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