25 मार्च 2026: सोने-चांदी-प्लैटिनम के भाव में हल्की तेजी, शहरवार रेट जानकर बचाएं अपना बजट
देश भर में सोने, चांदी और प्लैटिनम की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी देखी गई है, लेकिन कुल मिलाकर बाजार स्थिरता बनाए हुए है
आज 25 मार्च 2026 को देश भर में सोने, चांदी और प्लैटिनम की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी देखी गई है, लेकिन कुल मिलाकर बाजार स्थिरता बनाए हुए है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में हल्की तेजी और रुपये की मजबूती के बावजूद घरेलू स्तर पर भाव नियंत्रित रहे हैं। यह स्थिति आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों, निवेशकों और उद्योग से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इन कीमतों का सीधा असर शादी-विवाह, त्योहारों और लंबे समय के निवेश पर पड़ता है।
नीचे दी गई तालिका में निर्दिष्ट सभी जगहों पर 18 कैरेट, 22 कैरेट, 24 कैरेट सोने, चांदी और प्लैटिनम का भाव (रुपये में) दिया गया है। कीमतें प्रति 10 ग्राम (सोना और प्लैटिनम) तथा प्रति किलो (चांदी) में हैं और सभी करों, जीएसटी (3%) तथा डीलर मार्जिन सहित हैं।
| जगह | 18K सोना (Rs./10g) | 22K सोना (Rs./10g) | 24K सोना (Rs./10g) | चांदी (Rs./kg) | प्लैटिनम (Rs./10g) |
|---|---|---|---|---|---|
| दिल्ली | 1,10,160 | 1,34,600 | 1,46,820 | 2,50,000 | 55,500 |
| नोएडा | 1,10,160 | 1,34,600 | 1,46,820 | 2,50,000 | 55,500 |
| लखनऊ | 1,10,160 | 1,34,600 | 1,46,820 | 2,50,000 | 55,500 |
| कानपुर | 1,10,160 | 1,34,600 | 1,46,820 | 2,50,000 | 55,500 |
| बरेली | 1,10,160 | 1,34,600 | 1,46,820 | 2,50,000 | 55,500 |
| शाहजहांपुर | 1,10,160 | 1,34,600 | 1,46,820 | 2,50,000 | 55,500 |
| बाराबंकी | 1,10,160 | 1,34,600 | 1,46,820 | 2,50,000 | 55,500 |
| मुरादाबाद | 1,10,160 | 1,34,600 | 1,46,820 | 2,50,000 | 55,500 |
| आगरा | 1,10,160 | 1,34,600 | 1,46,820 | 2,50,000 | 55,500 |
| हरदोई | 1,10,160 | 1,34,600 | 1,46,820 | 2,50,000 | 55,500 |
| कोलकाता | 1,10,010 | 1,34,450 | 1,46,670 | 2,50,000 | 55,500 |
| पुणे | 1,10,010 | 1,34,450 | 1,46,670 | 2,50,000 | 55,500 |
| मुम्बई | 1,10,010 | 1,34,450 | 1,46,670 | 2,50,000 | 55,500 |
| असम (गुवाहाटी) | 1,10,160 | 1,34,600 | 1,46,820 | 2,50,000 | 55,500 |
| चेन्नई (तमिलनाडु) | 1,13,500 | 1,36,000 | 1,48,370 | 2,60,000 | 55,500 |
| मध्य प्रदेश (भोपाल) | 1,10,160 | 1,34,600 | 1,46,820 | 2,50,000 | 55,500 |
| राजस्थान (जयपुर) | 1,10,160 | 1,34,600 | 1,46,820 | 2,50,000 | 55,500 |
सोने, चांदी और प्लैटिनम की कीमतें कैसे तय होती हैं? यह प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय बाजार, रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट, मांग-आपूर्ति और सरकारी नीतियों पर निर्भर करती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमत लंदन बुलियन मार्केट और न्यूयॉर्क कमोडिटी एक्सचेंज पर तय होती है। भारत में तेल विपणन कंपनियों की तरह यहां भी ज्वेलर्स एसोसिएशन और बड़े आयातक रोजाना भाव अपडेट करते हैं। 24 कैरेट सोना 99.9% शुद्ध होता है, 22 कैरेट 91.6% और 18 कैरेट 75% शुद्धता वाला होता है। चांदी 99.9% शुद्ध होती है जबकि प्लैटिनम 99.5% या उससे ऊपर। जीएसटी 3% सभी पर लगता है जिससे अंतिम उपभोक्ता मूल्य बढ़ जाता है।
आज 25 मार्च 2026 को कीमतों में हल्की बढ़ोतरी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग बढ़ना है। पिछले कुछ हफ्तों से ब्रेंट क्रूड और ग्लोबल अनिश्चितता के बीच सोना सुरक्षित निवेश के रूप में देखा जा रहा है। रुपये की स्थिरता ने घरेलू बाजार को थोड़ी राहत दी है। यदि हम पिछले एक साल से तुलना करें तो सोने के भाव में औसतन 8-10 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जबकि चांदी में 12 प्रतिशत और प्लैटिनम में 5 प्रतिशत। यह वृद्धि महंगाई को नियंत्रित रखने में मददगार साबित हुई है लेकिन आभूषण उद्योग पर थोड़ा दबाव डाला है।
उत्तर प्रदेश के शहरों की बात करें तो नोएडा, लखनऊ, कानपुर, बरेली, शाहजहांपुर, बाराबंकी, मुरादाबाद, आगरा और हरदोई जैसे इलाकों में ज्वेलरी बाजार इन भावों पर निर्भर रहते हैं। दिल्ली-NCR के लोग अक्सर नोएडा की तुलना में दिल्ली में सोना खरीदते हैं क्योंकि यहां मेकिंग चार्जेस थोड़े कम हो सकते हैं। लखनऊ और कानपुर जैसे बड़े शहरों में शादी सीजन में इन दरों का सीधा असर पड़ता है। यदि भाव 500 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़ जाएं तो एक औसत 50 ग्राम के गहने का खर्च 2500 रुपये बढ़ जाता है।
कोलकाता, मुंबई और पुणे में कीमतें थोड़ी कम होने से यहां के बाजार में थोड़ी अधिक खरीदारी होती है। महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के इन शहरों में ऑफिस जाने वाले लोग और मध्यम वर्ग निवेश के रूप में सोना खरीदते हैं। चेन्नई और पूरे तमिलनाडु में कीमतें ऊंची हैं क्योंकि यहां स्थानीय मांग और टैक्स संरचना अलग है। असम में गुवाहाटी के आसपास भाव अपेक्षाकृत स्थिर हैं क्योंकि यहां चांदी की कुछ स्थानीय मांग कृषि से जुड़ी है। मध्य प्रदेश और राजस्थान कृषि प्रधान राज्य हैं। यहां सोने-चांदी की कीमत ट्रेडिशनल ज्वेलरी और त्योहारों पर प्रभाव डालती है। जयपुर और भोपाल में ऊंची कीमतें किसानों और छोटे व्यापारियों की खरीदारी को प्रभावित करती हैं जो अंततः बाजार की गतिविधियों में दिखती है।
कीमती धातुओं की कीमतों का अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ता है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना आयातक देश है। हर साल हम लगभग 800-900 टन सोना आयात करते हैं। इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों का उतार-चढ़ाव सीधे हमारी व्यापार संतुलन और मुद्रास्फीति को प्रभावित करता है। वर्तमान में स्थिर भावों के कारण ज्वेलरी सेक्टर, निवेश और निर्यात सभी क्षेत्रों में लागत नियंत्रित है। व्यक्तिगत स्तर पर एक साधारण परिवार जो शादी में 10 तोला सोना खरीदता है उसे 1.5 लाख रुपये से ज्यादा का खर्चा पड़ता है। यदि भाव बढ़ते हैं तो यह खर्च और बढ़ जाता है। बड़े निवेशक सोने को पोर्टफोलियो का 10-15 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं क्योंकि यह महंगाई के खिलाफ हेज के रूप में काम करता है।
सरकार समय-समय पर सोने पर आयात शुल्क और जीएसटी को समायोजित करती रही है। हाल के वर्षों में डिजिटल गोल्ड, सोने के ईटीएफ और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड को बढ़ावा दिया गया है ताकि भौतिक सोने की मांग कम हो। प्लैटिनम का उपयोग औद्योगिक क्षेत्र में ज्यादा होता है जैसे ऑटोमोबाइल कैटेलिस्ट, इलेक्ट्रॉनिक्स और मेडिकल उपकरण। इसलिए इसकी कीमत औद्योगिक मांग पर निर्भर करती है। चांदी का उपयोग सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ज्वेलरी में होता है जिससे इसकी मांग बढ़ रही है।
उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे कीमतों की निगरानी करें, BIS हॉलमार्क वाले ज्वेलरी ही खरीदें, मेकिंग चार्जेस की तुलना करें और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी चेक करें। निवेश के लिए 24 कैरेट या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड बेहतर विकल्प हैं जबकि ज्वेलरी के लिए 22 कैरेट लोकप्रिय है। शहरों में स्थानीय ज्वेलर्स से खरीदारी करने से पहले कई दुकानों से रेट चेक करें।
वर्तमान स्थिति में कोई बड़ा उछाल नहीं दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार भी अपेक्षाकृत स्थिर है। जियो-पॉलिटिकल घटनाएं, अमेरिकी ब्याज दरें और वैश्विक मांग भविष्य में प्रभाव डाल सकती हैं। लेकिन फिलहाल 25 मार्च 2026 को सभी उल्लिखित शहरों और राज्यों में ऊपर दी गई तालिका के अनुसार ही भाव हैं। निवेशक और खरीदार इनकी निगरानी कर अपनी योजनाएं उसी हिसाब से बना सकते हैं।
राज्य स्तर पर टैक्स स्ट्रक्चर का भी फर्क पड़ता है। दिल्ली में वैट और लोकल टैक्स कम होने से यहां कीमतें थोड़ी आकर्षक हैं जबकि तमिलनाडु में ऊंचे टैक्स के कारण चेन्नई महंगा है। उत्तर प्रदेश में सभी शहरों में भाव समान होने के कारण ग्राहक आसानी से खरीदारी कर सकते हैं। राजस्थान और मध्य प्रदेश में ट्रेडिशनल ज्वेलरी की मांग अधिक होने से भाव स्थिर रखे जाते हैं।
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