देश भर में ईंधन की कीमतों में आया उतार-चढ़ाव, महानगरों से लेकर उत्तर प्रदेश के जिलों तक पेट्रोल-डीजल के नए भाव जारी
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे कानपुर, बरेली, शाहजहांपुर, बाराबंकी, मुरादाबाद, आगरा और हरदोई में भी ईंधन की कीमतों में स्थानीय स्तर पर भिन्नता पाई जाती है। तेल कंपनियां रोज सुबह छह बजे अपनी नई मूल्य सूची जारी करती हैं, जिसमें डीलर कमीशन और राज्यों के स्थानीय करों को शामिल करके अंतिम खुदरा मूल्य त
भारतीय वित्तीय और ऊर्जा बाजार में ईंधन की दैनिक कीमतों का आम नागरिक के बजट पर सीधा और गहरा असर पड़ता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव और देश के भीतर विभिन्न राज्यों द्वारा लगाए जाने वाले मूल्य वर्धित कर यानी वैट के कारण हर शहर में पेट्रोल और डीजल के दामों में भिन्नता देखी जाती है। इसी क्रम में आज देश के सभी प्रमुख महानगरों और उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान तथा असम जैसे राज्यों के प्रमुख शहरों में तेल विपणन कंपनियों ने ईंधन के नए दाम जारी कर दिए हैं। वाहन चालकों और आम उपभोक्ताओं के लिए दैनिक यात्रा की योजना बनाने से पहले अपने शहर के वर्तमान भाव जानना बेहद आवश्यक हो जाता है, क्योंकि तेल की कीमतों में मामूली सा बदलाव भी मासिक बजट को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे सटे औद्योगिक क्षेत्र नोएडा में ईंधन की कीमतों में एक संतुलित अंतर देखा जा रहा है। दिल्ली में जहां पेट्रोल का भाव स्थिर बना हुआ है, वहीं उत्तर प्रदेश के नोएडा और लखनऊ जैसे शहरों में स्थानीय परिवहन लागत और प्रांतीय करों के समायोजन के कारण दरों में कुछ अंतर दिखाई देता है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में करों के ऊंचे ढांचे के कारण ईंधन की कीमतें हमेशा की तरह देश के अन्य हिस्सों की तुलना में काफी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे वहां के स्थानीय निवासियों को आवागमन के लिए अधिक जेब ढीली करनी पड़ रही है। इसके विपरीत, दक्षिण भारत के प्रमुख राज्यों जैसे तमिलनाडु के चेन्नई शहर में कीमतें अपेक्षाकृत कुछ नियंत्रित स्थिति में नजर आ रही हैं, जो वहां के उपभोक्ताओं के लिए एक आंशिक राहत की बात है।
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों जैसे कानपुर, बरेली, शाहजहांपुर, बाराबंकी, मुरादाबाद, आगरा और हरदोई में भी ईंधन की कीमतों में स्थानीय स्तर पर भिन्नता पाई जाती है। तेल कंपनियां रोज सुबह छह बजे अपनी नई मूल्य सूची जारी करती हैं, जिसमें डीलर कमीशन और राज्यों के स्थानीय करों को शामिल करके अंतिम खुदरा मूल्य तय किया जाता है। मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में भी भौगोलिक स्थिति और डिपो से दूरी के आधार पर पेट्रोल-डीजल के दाम तय होते हैं, जिसके कारण एक ही राज्य के भीतर अलग-अलग शहरों में उपभोक्ताओं को अलग-अलग दरों पर तेल खरीदना पड़ता है। असम और कोलकाता जैसे पूर्वी क्षेत्रों में भी तेल की आपूर्ति व्यवस्था के अनुसार कीमतों का निर्धारण किया गया है।
देश के विभिन्न राज्यों, महानगरों और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में ईंधन की सटीक स्थिति को समझने के लिए नीचे एक विस्तृत मूल्य तालिका दी गई है, जिसमें प्रत्येक स्थान के अनुसार पेट्रोल और डीजल के प्रति लीटर भाव को प्रदर्शित किया गया है:
| स्थान / शहर का नाम | पेट्रोल का भाव (रुपये प्रति लीटर) | डीजल का भाव (रुपये प्रति लीटर) |
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| नोएडा | 102.12 | 95.21 |
| लखनऊ | 101.89 | 95.36 |
| कानपुर | 101.65 | 94.80 |
| बरेली | 102.37 | 95.81 |
| शाहजहांपुर | 101.95 | 94.90 |
| बाराबंकी | 102.26 | 95.83 |
| मुरादाबाद | 101.75 | 94.95 |
| आगरा | 101.92 | 95.27 |
| हरदोई | 102.40 | 95.50 |
| कोलकाता (पश्चिम बंगाल) | 113.51 | 99.82 |
| पुणे (महाराष्ट्र) | 111.71 | 96.50 |
| मुंबई (महाराष्ट्र) | 111.18 | 97.83 |
| असम (गुवाहाटी) | 98.19 | 90.10 |
| चेन्नई (तमिलनाडु) | 107.77 | 94.30 |
| मध्य प्रदेश (भोपाल) | 106.34 | 91.80 |
| राजस्थान (जयपुर) | 113.87 | 98.50 |
ईंधन की इन कीमतों का सीधा प्रभाव देश की माल ढुलाई और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ता है। जब भी डीजल की कीमतों में तेजी आती है, तो ट्रकों और भारी वाहनों का परिचालन खर्च बढ़ जाता है, जिसके कारण फल, सब्जियां और अन्य दैनिक उपभोग की वस्तुओं के दाम भी बढ़ने लगते हैं। यही कारण है कि देश की जनता और आर्थिक विश्लेषक वैश्विक कच्चे तेल के बाजार और ओपेक देशों के उत्पादन निर्णयों पर पैनी नजर रखते हैं। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक स्थितियों और डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर के आधार पर इन कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिसके लिए उपभोक्ताओं को अपने वित्तीय प्रबंधन को लचीला रखना होगा।
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