ग्लोबल क्रूड का घरेलू असर: जानिए आज 26 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में कितना हुआ फेरबदल
तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने देश के प्रमुख राज्यों और शहरों के लिए पेट्रोल-डीजल के लेटेस्ट रेट अपडेट कर
आज यानी 26 मई 2026 को भी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने देश के प्रमुख राज्यों और शहरों के लिए पेट्रोल-डीजल के लेटेस्ट रेट अपडेट कर दिए हैं। भरोसेमंद बिजनेस और फाइनेंस वेबसाइट 'गुडरिटर्न्स' (Goodreturns) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, हाल के दिनों में वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी का असर भारतीय खुदरा तेल बाजार पर साफ देखा जा रहा है।
आइए, बिना किसी देरी के देश के अलग-अलग हिस्सों जैसे दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, कानपुर, बरेली, आगरा, मुंबई, कोलकाता, पुणे और विभिन्न राज्यों जैसे मध्य प्रदेश, राजस्थान, असम और तमिलनाडु में आज के सटीक भावों को एक व्यवस्थित तालिका के माध्यम से समझते हैं।
| जगह/शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| नोएडा | 102.12 | 95.56 |
| लखनऊ | 101.86 | 95.36 |
| कानपुर | 101.59 | 95.06 |
| बरेली | 101.97 | 95.46 |
| शाहजहांपुर | 101.61 | 95.11 |
| बाराबंकी | 102.19 | 95.68 |
| मुरादाबाद | 102.56 | 95.99 |
| आगरा | 101.86 | 95.02 |
| हरदोई | 102.73 | 95.66 |
| कोलकाता | 113.47 | 97.02 |
| पुणे | 111.71 | 90.57 |
| मुंबई | 111.18 | 95.02 |
| असम (औसत) | 106.76 | 97.42 |
| चेन्नई | 107.77 | 99.55 |
| तमिलनाडु (औसत) | 108.95 | 99.55 |
| मध्य प्रदेश (औसत) | 115.85 | 99.74 |
| राजस्थान (औसत) | 112.31 | 97.78 |
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है। 85-90% कच्चा तेल विदेश से आता है। हाल ही में मध्य पूर्व में तनाव, हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट और अमेरिका-ईरान जैसे मुद्दों ने ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों को $100-105 प्रति बैरल तक पहुंचा दिया है। इसके अलावा रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ तो आयात महंगा पड़ गया।
सरकार ने पिछले दिनों में कई बार रेट रिवीजन किया है। मई 2026 में ही चौथी बार बढ़ोतरी देखी गई – लगभग ₹2.61 पेट्रोल और ₹2.71 डीजल प्रति लीटर। इससे पहले चार साल तक दाम स्थिर थे, लेकिन अब रोजाना सुबह 6 बजे अपडेट होते हैं। दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 पर पहुंच गया है, जबकि मुंबई में ₹111.18। कोलकाता और चेन्नई में भी तीन अंकों के पार। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में टैक्स थोड़ा कम होने से दाम अपेक्षाकृत नियंत्रित हैं, लेकिन ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ने से पूरे राज्य प्रभावित हैं।
कल्पना कीजिए एक मध्यमवर्गीय परिवार की। पिता रोज ऑफिस जाते हैं, बच्चे स्कूल, मां सब्जी मंडी। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ट्रक, बस, ऑटो सब महंगे। नतीजा? दूध ₹5-10 महंगा, सब्जियां महंगी, किराया बढ़ा। असम और राजस्थान जैसे राज्यों में जहां परिवहन ज्यादा निर्भर है, वहां असर और गहरा। मध्य प्रदेश और राजस्थान में औसत दाम ऊंचे हैं क्योंकि VAT और अतिरिक्त सेस ज्यादा हैं। तमिलनाडु में चेन्नई जैसे शहरों में उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। पुणे और मुंबई में IT प्रोफेशनल्स और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर ग्लोबल तेल कीमतें स्थिर हुईं तो दाम थोड़े कम हो सकते हैं। लेकिन मॉनसून, चुनावी साल और अंतरराष्ट्रीय घटनाएं अनिश्चितता बनाए हुए हैं। सरकार सब्सिडी और स्ट्रैटेजिक रिजर्व पर नजर रखे हुए है।
सलाह: बचत कैसे करें?
- कार풲िंग या पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करें।
- गाड़ी की सर्विस नियमित रखें, माइलेज बेहतर रहेगा।
- ईंधन की खपत ट्रैक करें।
- जहां संभव हो CNG या इलेक्ट्रिक वाहन पर विचार करें।
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वैल्यू ऐडेड टैक्स (VAT): हर राज्य सरकार अपनी वित्तीय जरूरतों और प्राथमिकताओं के हिसाब से ईंधन पर अलग-अलग दर से वैट (VAT) या सेल्स टैक्स वसूलती है। महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में वैट की दरें काफी ऊंची हैं, जबकि कुछ अन्य राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में यह अपेक्षाकृत कम है।
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माल ढुलाई लागत (Freight Charges): रिफाइनरियों से तेल को देश के अलग-अलग कोनों और पेट्रोल पंपों तक पहुंचाने में जो परिवहन का खर्च आता है, वह भी दूरी के हिसाब से कीमतों में जोड़ दिया जाता है। जो इलाके रिफाइनरी या मुख्य बंदरगाहों से जितनी दूर होंगे, वहां माल ढुलाई का खर्च बढ़ने से तेल उतना ही महंगा हो जाता है।
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डीलर का कमीशन: पेट्रोल पंप मालिकों (डीलरों) को दिया जाने वाला कमीशन भी अंतिम खुदरा मूल्य का हिस्सा होता है, जो शहरी और ग्रामीण इलाकों के हिसाब से थोड़ा-बहुत भिन्न हो सकता है।
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