सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम बनने की राह पर, बजट फडणवीस खुद संभालेंगे, एनसीपी विधायक दल बैठक में फैसला

सुनेत्रा पवार यदि उपमुख्यमंत्री बनती हैं, तो उनकी राज्यसभा सीट खाली हो जाएगी। एनसीपी सूत्रों के अनुसार, उनके बड़े बेटे पार्थ पवार को राज्यसभा भेजा जा सकता है। सुनेत्रा पवार

Jan 31, 2026 - 09:17
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सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम बनने की राह पर, बजट फडणवीस खुद संभालेंगे, एनसीपी विधायक दल बैठक में फैसला
सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम बनने की राह पर, बजट फडणवीस खुद संभालेंगे, एनसीपी विधायक दल बैठक में फैसला
  • महाराष्ट्र सियासत में तेजी: अजित पवार निधन के बाद सुनेत्रा पवार उपमुख्यमंत्री बनेंगी, फडणवीस बोले एनसीपी फैसला लेगी हम साथ देंगे
  • अजित पवार की मौत के बाद एनसीपी में सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने की चर्चा तेज, फडणवीस ने बजट और समर्थन पर दिया बयान

महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के निधन के बाद तेजी आई है। उनकी पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, जबकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि यह फैसला राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का होगा और सरकार तथा भाजपा इसका पूरा समर्थन करेंगे। बजट पेश करने को लेकर फडणवीस ने कहा कि वे खुद इसकी देखरेख करेंगे। एनसीपी में विधायक दल की बैठक में सुनेत्रा पवार को नेता चुनने की संभावना है।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष अजित पवार का 28 जनवरी 2026 को बारामती में एक चार्टर्ड विमान दुर्घटना में निधन हो गया। इस दुर्घटना में अजित पवार सहित चार अन्य लोगों की मौत हुई। विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अजित पवार के निधन से महायुति गठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री का पद खाली हो गया। साथ ही एनसीपी में नेतृत्व का संकट उत्पन्न हो गया। अजित पवार वित्त, उत्पाद शुल्क और खेल जैसे महत्वपूर्ण विभागों के प्रभारी थे। उनके निधन के बाद बजट पेश करने की जिम्मेदारी भी अनिश्चित हो गई थी।

एनसीपी नेताओं ने अजित पवार के निधन के बाद तुरंत सक्रियता दिखाई। वरिष्ठ नेता प्रफुल पटेल, सुनील तटकरे, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे और अन्य ने 30 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इस मुलाकात में उपमुख्यमंत्री पद के लिए नाम पर चर्चा हुई। एनसीपी सूत्रों के अनुसार, सुनेत्रा पवार का नाम इस पद के लिए प्रस्तावित किया गया। सुनेत्रा पवार वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं और अजित पवार की पत्नी हैं। यदि वे उपमुख्यमंत्री बनती हैं, तो महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री होंगी।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मुद्दे पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री पद पर फैसला राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को लेना है। फडणवीस ने कहा, "एनसीपी जो भी फैसला लेगी, हम उसके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। चाहे अजित पवार का परिवार हो या एनसीपी, हम उनके साथ हैं। वे जो फैसला लेंगे, हम उन्हें पूरा समर्थन देंगे।" फडणवीस ने यह भी कहा कि बजट की तैयारी पर काम शुरू हो गया है। अजित पवार बजट पर काफी काम कर चुके थे। अब बाकी प्रक्रिया की देखरेख वे खुद करेंगे। बजट अगले महीने पेश किया जाना है। फडणवीस ने कहा कि बजट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया कल से शुरू होगी और आगे के कदम तय किए जाएंगे।

एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल ने कहा कि सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता बनाने पर कोई विरोध नहीं है। उन्होंने कहा कि परिवार की सहमति लेने के बाद इस पद को भरा जाएगा। पटेल ने कहा कि अभी उपमुख्यमंत्री और विधायक दल नेता के पद को भरना प्राथमिकता है। पार्टी अध्यक्ष पद पर नियुक्ति फिलहाल मुद्दा नहीं है। पटेल ने कहा कि एनसीपी नेताओं ने मुख्यमंत्री से मुलाकात में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया के बारे में बताया।

एनसीपी मंत्री नरहरी जिरवाल ने 29 जनवरी 2026 को सार्वजनिक रूप से सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा कि सुनेत्रा पवार को यह पद दिया जाना चाहिए। एनसीपी के कुछ नेताओं ने भी सुनेत्रा पवार को पार्टी की कमान सौंपने और उपमुख्यमंत्री बनाने की मांग की। एनसीपी के विधायक दल की बैठक 31 जनवरी 2026 को मुंबई में होने की संभावना है। इस बैठक में सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है। इसके बाद शाम 5 बजे के आसपास उन्हें उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है।

सुनेत्रा पवार यदि उपमुख्यमंत्री बनती हैं, तो उनकी राज्यसभा सीट खाली हो जाएगी। एनसीपी सूत्रों के अनुसार, उनके बड़े बेटे पार्थ पवार को राज्यसभा भेजा जा सकता है। सुनेत्रा पवार ने 2024 में बारामती से लोकसभा चुनाव लड़ा था। वे राजनीति में सक्रिय हैं। अजित पवार के निधन से एनसीपी में पोकळी पैदा हुई है। अजित पवार दोनों एनसीपी गुटों के विलय के पक्ष में थे। उनकी मौत से पहले विलय की प्रक्रिया पूरी होने वाली थी। अब सुनेत्रा पवार की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। एनसीपी के एक नेता ने कहा कि अजित पवार विलय के लिए पूरी तरह उत्सुक थे। अब महायुति गठबंधन में स्थिरता बनाए रखने के लिए एनसीपी के फैसले का इंतजार है।

अजित पवार के निधन पर राज्य में तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया। उनका अंतिम संस्कार 29 जनवरी 2026 को बारामती के विद्या प्रतिष्ठान मैदान में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। मुख्यमंत्री फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, राज्यपाल आचार्य देवव्रत और अन्य नेताओं ने सुनेत्रा पवार से बारामती में मुलाकात कर सांत्वना दी। फडणवीस ने अजित पवार के निधन पर कहा कि वे स्तब्ध हैं। एनसीपी के विधायक दल की बैठक में सुनेत्रा पवार का नाम प्रस्तावित होने की संभावना है। बैठक के बाद औपचारिक घोषणा होगी। महायुति गठबंधन में एनसीपी की भागीदारी जारी रहेगी। विलय की चर्चा टल गई है। सुनेत्रा पवार की नियुक्ति से पार्टी और परिवार की निरंतरता बनी रहेगी। फडणवीस के बयान से गठबंधन की मजबूती दिखाई देती है। बजट की तैयारी अब फडणवीस के नेतृत्व में होगी।

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