किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना: कांग्रेस नेता में कोई सुधार नहीं।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस का यह नेता अपनी

Mar 14, 2026 - 14:15
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किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना: कांग्रेस नेता में कोई सुधार नहीं।
किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर साधा निशाना: कांग्रेस नेता में कोई सुधार नहीं।
  • संसद में राहुल के व्यवहार को बताया बचकाना और गैर-जिम्मेदाराना
  • प्रियंका गांधी को बेहतर विपक्षी नेता बताकर राहुल पर कसा तंज

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस का यह नेता अपनी पुरानी आदतों से बाज नहीं आ रहा है और उसमें कोई सुधार नजर नहीं आता। रिजिजू ने राहुल के संसदीय व्यवहार को बचकाना और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया, जो विपक्ष के नेता जैसे महत्वपूर्ण पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राहुल गांधी संसद में गंभीरता से भाग नहीं लेते और अक्सर ऐसे कृत्य करते हैं जो सदन की कार्यवाही को प्रभावित करते हैं। रिजिजू ने 2018 की एक घटना का जिक्र किया, जब राहुल ने प्रधानमंत्री को गले लगाया और फिर आंख मारी थी, इसे उदाहरण के रूप में पेश करते हुए कहा कि ऐसे कार्य विपक्षी नेता की भूमिका को हल्का बनाते हैं। इस बयान ने लोकसभा में हंगामा मचा दिया, जहां कांग्रेस सदस्यों ने विरोध जताया और स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग की। रिजिजू ने आगे कहा कि राहुल की ऐसी हरकतें देश की राजनीति को नुकसान पहुंचाती हैं और विपक्ष को जनता की नजर में कमजोर बनाती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित है, जबकि राहुल जैसे नेता केवल नाटकीयता से ध्यान खींचने की कोशिश करते हैं। इस हमले ने राजनीतिक गलियारों में बहस छेड़ दी है, जहां भाजपा ने इसे विपक्ष की कमजोरी का प्रमाण बताया, जबकि कांग्रेस ने इसे सरकार की हताशा करार दिया।

यह विवाद लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान उभरा, जहां रिजिजू ने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि वे संसद में आते ही नहीं हैं और जब आते हैं तो गंभीरता नहीं दिखाते। मंत्री ने प्रियंका गांधी वाड्रा का जिक्र करते हुए कहा कि यदि वे विपक्ष की नेता होतीं तो कम से कम सदन में उपस्थित रहतीं और बहस सुनतीं, जो राहुल में कमी है। रिजिजू ने राहुल को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे नेता देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं, क्योंकि वे एंटी-इंडिया ताकतों से जुड़ाव रखते हैं और माओवादियों तथा चरमपंथियों से मिलते हैं। उन्होंने राहुल के व्यवहार को पद की जिम्मेदारी के लिए अनुपयुक्त बताया और कहा कि कांग्रेस को ऐसे नेता पर भरोसा करके जनता का समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। इस बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने रिजिजू पर व्यक्तिगत हमले का आरोप लगाया और कहा कि सरकार विपक्ष को दबाने की कोशिश कर रही है। रिजिजू ने आगे विस्तार से बताया कि राहुल की विदेश यात्राओं के दौरान भारत की आलोचना करना देश की छवि को नुकसान पहुंचाता है, जो एक जिम्मेदार नेता की पहचान नहीं है। इस घटना ने संसद सत्र को गर्म कर दिया, जहां भाजपा सदस्यों ने रिजिजू का समर्थन किया और विपक्ष पर संसद को बाधित करने का आरोप लगाया।

2018 की 'हग एंड विंक' घटना

2018 में लोकसभा में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाया और फिर अपनी सीट पर बैठकर आंख मारी, जिसे भाजपा ने गैर-गंभीर व्यवहार बताया। रिजिजू ने इस घटना का जिक्र कर राहुल की आलोचना की और कहा कि ऐसे कृत्य संसद की मर्यादा का उल्लंघन हैं।

रिजिजू ने राहुल गांधी को भारत की सुरक्षा के लिए सबसे खतरनाक व्यक्ति करार देते हुए कहा कि उनके एंटी-इंडिया ताकतों से संबंध देश को कमजोर करते हैं। मंत्री ने आरोप लगाया कि राहुल माओवादियों और चरमपंथियों से मिलते हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालता है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह एंटी-इंडिया ताकतों के इशारे पर नाच रही है, जिसका प्रमाण राहुल के बयानों और कार्यों से मिलता है। रिजिजू ने कहा कि राहुल का व्यवहार बचकाना है और विपक्षी नेता के पद के लिए अनुचित, जो जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता। इस हमले ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया, जहां कांग्रेस ने जवाब में सरकार पर राजनीतिक विच हंट का आरोप लगाया। रिजिजू ने आगे कहा कि राहुल को अपनी स्थिति सुधारनी चाहिए और संसद में गंभीरता से भाग लेना चाहिए, न कि नाटकीयता दिखानी चाहिए। उन्होंने उदाहरण दिया कि एलपीजी मुद्दे पर कांग्रेस सांसदों ने हंगामा किया, लेकिन राहुल ने इसे नजरअंदाज किया, जो उनकी गैर-जिम्मेदारी दर्शाता है। इस बयान ने सोशल मीडिया पर ट्रेंडिंग शुरू कर दी, जहां समर्थक और विरोधी दोनों पक्ष अपनी राय रख रहे हैं।

एलपीजी विरोध प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी द्वारा कांच की थाली के साथ ड्रामा करने पर रिजिजू ने तीखी आलोचना की और कहा कि ऐसे कार्य विपक्ष की विश्वसनीयता को कम करते हैं। मंत्री ने कहा कि राहुल संसद गेट पर चाय ब्रेक के दौरान ऐसे नाटक करते हैं, जो जनता के मुद्दों को हल्का बनाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मोदी सरकार एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है, जबकि कांग्रेस केवल शोर मचा रही है। रिजिजू ने राहुल को सलाह दी कि वे वास्तविक मुद्दों पर बहस करें, न कि दिखावे पर। इस घटना ने संसद में कांग्रेस सांसदों द्वारा किए गए हंगामे को सामने लाया, जहां रिजिजू ने इसे अनुशासनहीनता बताया। उन्होंने कहा कि राहुल का नेतृत्व कांग्रेस को कमजोर कर रहा है और पार्टी को नए चेहरे पर विचार करना चाहिए। इस आलोचना ने विपक्षी एकता पर सवाल उठाए, जहां इंडिया गठबंधन के नेता राहुल के बचाव में उतरे। रिजिजू ने अंत में कहा कि राहुल की ऐसी हरकतें देश की राजनीति को नुकसान पहुंचाती हैं और जनता को भ्रमित करती हैं।

एलपीजी विरोध प्रदर्शन

संसद परिसर में कांग्रेस ने एलपीजी कीमतों और आपूर्ति पर विरोध किया, जहां राहुल गांधी ने कांच की थाली का इस्तेमाल कर नाटकीय प्रदर्शन किया। रिजिजू ने इसे ड्रामा बताया और कहा कि ऐसे कार्य मुद्दों का समाधान नहीं करते।

कांग्रेस ने रिजिजू के बयानों को निराधार बताते हुए कहा कि राहुल गांधी जनता के मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं और सरकार की कमियों को सामने लाते हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा राहुल से डरती है और इसलिए व्यक्तिगत हमले कर रही है। कांग्रेस प्रवक्ताओं ने कहा कि रिजिजू के आरोप एंटी-नेशनल जैसे शब्दों से भरे हैं, जो राजनीतिक बहस को गिराते हैं। उन्होंने राहुल की विदेश नीति और आर्थिक मुद्दों पर टिप्पणियों को सही ठहराया और कहा कि सरकार आलोचना बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। इस जवाब ने विवाद को और बढ़ाया, जहां भाजपा ने कांग्रेस को एंटी-इंडिया फोर्सेस का साथी बताया। रिजिजू ने कांग्रेस की प्रतिक्रिया को बचकाना करार दिया और कहा कि पार्टी राहुल के बयानों का बचाव करके अपनी स्थिति कमजोर कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि मोदी सरकार राष्ट्रीय हितों की रक्षा करती है, जबकि राहुल जैसे नेता केवल राजनीतिक लाभ के लिए बयान देते हैं। इस संदर्भ में, रिजिजू ने राहुल को एक असफल नेता बताया, जो कांग्रेस की हार का कारण बने हैं।

यह पूरा विवाद भारतीय राजनीति की वर्तमान स्थिति को दर्शाता है, जहां व्यक्तिगत हमले और आरोप-प्रत्यारोप प्रमुख हो गए हैं। रिजिजू ने राहुल को गैर-सुधारने वाला नेता बताया, जबकि कांग्रेस ने सरकार को असहिष्णु करार दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे विवाद आगामी चुनावों में मतदाताओं को प्रभावित करेंगे। रिजिजू ने अंत में कहा कि मोदी सरकार विकास पर फोकस जारी रखेगी, जबकि विपक्ष को अपनी रणनीति बदलनी चाहिए। इस घटना ने संसद सत्र को प्रभावित किया, जहां बहसें गर्म रहीं। रिजिजू ने राहुल के व्यवहार को संसद की मर्यादा का उल्लंघन बताया और कहा कि जनता ऐसे नेताओं को पहचानती है। कांग्रेस ने जवाब में कहा कि राहुल जनता के बीच लोकप्रिय हैं और उनके मुद्दे वास्तविक हैं। यह विवाद आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है, जो राजनीतिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देगा।

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