अहमदाबाद में जापानी राजदूत ओनो केइची का गुजराती भाषण वायरल, पीएम मोदी की मुस्कान ने जीता दिल।

Politics: गुजरात के अहमदाबाद में एक अनोखा और यादगार पल देखने को मिला, जब भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची ने एक कार्यक्रम में गुजराती भाषा में भाषण दिया

Aug 27, 2025 - 12:31
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अहमदाबाद में जापानी राजदूत ओनो केइची का गुजराती भाषण वायरल, पीएम मोदी की मुस्कान ने जीता दिल।
अहमदाबाद में जापानी राजदूत ओनो केइची का गुजराती भाषण वायरल, पीएम मोदी की मुस्कान ने जीता दिल।

गुजरात के अहमदाबाद में एक अनोखा और यादगार पल देखने को मिला, जब भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची ने एक कार्यक्रम में गुजराती भाषा में भाषण दिया। यह कार्यक्रम मारुति सुजुकी की पहली इलेक्ट्रिक कार ई-विटारा के लॉन्च के लिए हंसलपुर में आयोजित किया गया था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हिस्सा लिया। ओनो केइची ने जैसे ही गुजराती में “केम छो” कहकर अपना भाषण शुरू किया, वहां मौजूद लोग तालियां बजाने लगे, और माहौल खुशनुमा हो गया। प्रधानमंत्री मोदी भी उनकी इस कोशिश पर मुस्कुराए बिना नहीं रह सके। इस पल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, और लोगों ने ओनो के इस प्रयास की जमकर तारीफ की।

यह आयोजन मारुति सुजुकी के हंसलपुर प्लांट में हुआ, जहां कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक एसयूवी ई-विटारा को हरी झंडी दिखाई गई। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, और सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष तोशीहिरो सुजुकी भी मौजूद थे। ओनो केइची ने अपने भाषण में न केवल मारुति सुजुकी और भारत-जापान सहयोग की सराहना की, बल्कि गुजराती भाषा में अपनी बात रखकर सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने कहा, “केम छो, मित्रो! आज मने खूब आनंद थाय छे के हंु अहमदाबादमा छुं.” (नमस्ते दोस्तों! मुझे बहुत खुशी हो रही है कि मैं आज अहमदाबाद में हूं।) उनके इस प्रयास ने वहां मौजूद लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया, और तालियों की गड़गड़ाहट से माहौल गूंज उठा।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस अवसर पर भारत और जापान के बीच मजबूत रिश्तों की बात की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का रिश्ता “मेड फॉर ईच अदर” जैसा है। उन्होंने मारुति सुजुकी के योगदान और मेक इन इंडिया पहल की तारीफ की, जिसके तहत यह इलेक्ट्रिक कार पूरी तरह भारत में निर्मित हुई है। मोदी ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब जापानी मेहमानों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाती थीं, जैसे उनके लिए जापानी भाषा में दस्तावेज तैयार करना और गोल्फ कोर्स का निर्माण करना। उन्होंने यह भी बताया कि आज भारत के कई विश्वविद्यालयों में जापानी भाषा को पढ़ाया जा रहा है, जो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को और मजबूत कर रहा है।

ओनो केइची का गुजराती में भाषण देना केवल एक भाषण नहीं था, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और स्थानीय भाषा के प्रति उनके सम्मान का प्रतीक था। उनके भाषण में गुजराती वाक्यांशों का सहज प्रयोग, जैसे “केम छो” और “मजा मा” (मज में), ने दर्शकों को प्रभावित किया। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को देखकर लोग उनकी इस कोशिश की खूब तारीफ कर रहे हैं। एक एक्स यूजर ने लिखा, “जापानी राजदूत का गुजराती में बोलना दिल को छू गया। यह भारत और जापान की दोस्ती का खूबसूरत उदाहरण है।” एक अन्य यूजर ने कहा, “ओनो केइची ने गुजराती सीखकर हमारी संस्कृति को सम्मान दिया। पीएम मोदी की मुस्कान ने इस पल को और खास बना दिया।”

यह पहली बार नहीं है जब ओनो केइची ने भारतीय संस्कृति के प्रति अपनी रुचि दिखाई है। इससे पहले जुलाई 2025 में वह अयोध्या गए थे, जहां उन्होंने राम जन्मभूमि और हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा की थी। उन्होंने वहां तिलक लगाकर और माला पहनकर भारतीय परंपराओं का सम्मान किया। इसके अलावा, दिसंबर 2024 में उन्होंने दिल्ली मेट्रो का दौरा किया और इसकी तकनीक व प्रबंधन की तारीफ की। दिल्ली मेट्रो को उन्होंने भारत-जापान सहयोग का प्रतीक बताया था। ओनो ने राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के साथ भी एक पारंपरिक जापानी चाय समारोह में हिस्सा लिया था, जिसकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं।

इस आयोजन में भारत और जापान के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक रिश्तों की मजबूती पर भी जोर दिया गया। मारुति सुजुकी की ई-विटारा भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह कार न केवल भारत में बनेगी, बल्कि इसे जापान और यूरोप जैसे देशों में निर्यात भी किया जाएगा। सुजुकी मोटर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष तोशीहिरो सुजुकी ने कहा कि यह प्रोजेक्ट भारत के मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करता है। उन्होंने गुजरात में अपने संयंत्र को और विस्तार देने की योजना की भी घोषणा की, जिससे हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा गया। कई यूजर्स ने इसे भारत-जापान दोस्ती का एक अनोखा उदाहरण बताया। एक यूजर ने लिखा, “जब कोई विदेशी हमारी भाषा में बोलता है, तो वह सीधे दिल को छू जाता है। ओनो केइची ने गुजरातियों का दिल जीत लिया।” एक अन्य यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, “लगता है ओनो जी अब गुजराती खाना भी बनाना सीख लेंगे!” इस वीडियो ने न केवल लोगों का मनोरंजन किया, बल्कि यह भी दिखाया कि भाषा और संस्कृति कैसे लोगों को जोड़ने का काम करती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर जापान और गुजरात की संस्कृति में समानताओं की बात की। उन्होंने कहा कि दोनों जगह के लोग अपनी परंपराओं, मेहनत और अनुशासन को बहुत महत्व देते हैं। उन्होंने बताया कि जापानी लोग अपने पारंपरिक भोजन को प्राथमिकता देते हैं, ठीक वैसे ही जैसे गुजराती लोग अपने व्यंजनों को पसंद करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात में जापानी कंपनियों की मौजूदगी ने दोनों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक रिश्तों को और मजबूत किया है।

यह आयोजन गणेश चतुर्थी के उत्सव के बीच हुआ, जिसने इसकी रौनक को और बढ़ा दिया। ओनो केइची ने अपने भाषण में गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं भी दीं और कहा कि वह इस पर्व के दौरान गुजरात में होने पर गर्व महसूस कर रहे हैं। उनकी इस बात पर दर्शकों ने फिर से तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। इस आयोजन में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी जापान के साथ गहरे रिश्तों की बात की और कहा कि यह सहयोग गुजरात को वैश्विक मंच पर और मजबूत करेगा।

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