SBI Recurring Deposit: छोटी बचत से बनाएं बड़ा फंड, जानिए एसबीआई आरडी में ₹1 लाख का लक्ष्य हासिल करने का गणित

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) योजना में न्यूनतम ₹100 प्रति माह से निवेश शुरू किया जा सकता है। 3 से 10 वर्ष की अवधि में ₹1 लाख का फंड बनाने के नियम और गणना समझें।

Oct 12, 2026 - 13:14
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SBI Recurring Deposit: छोटी बचत से बनाएं बड़ा फंड, जानिए एसबीआई आरडी में ₹1 लाख का लक्ष्य हासिल करने का गणित
  • ₹100 से बचत की शुरुआत: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की आरडी योजना में 3 से 10 साल में कैसे तैयार करें ₹1 लाख का फंड
  • SBI RD Scheme: सुरक्षित निवेश और तय रिटर्न, हर महीने छोटी किस्त जमा कर कैसे बनें 'लखपति'
  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में आवर्ती जमा योजना: न्यूनतम ₹100 की मासिक बचत से लेकर ₹1 लाख जुटाने तक के नियम और ब्याज दरें

नई दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) अपने ग्राहकों को अनुशासित बचत के जरिए वित्तीय लक्ष्य हासिल करने के लिए आवर्ती जमा (Recurring Deposit - RD) की सुविधा प्रदान करता है। मध्यम और निम्न आय वर्ग के खाताधारक, जो एकमुश्त बड़ी राशि जमा करने की स्थिति में नहीं होते, वे हर महीने एक निश्चित छोटी रकम जमा कर 3 से 10 वर्ष की अवधि में ₹1 लाख या उससे अधिक का कोष तैयार कर सकते हैं।

  • योजना का मूल स्वरूप और पात्रता

एसबीआई में आरडी खाता न्यूनतम ₹100 प्रति माह की किस्त के साथ खोला जा सकता है। इसके बाद ₹10 के गुणकों में जमा राशि बढ़ाई जा सकती है। अधिकतम जमा राशि की कोई ऊपरी सीमा निर्धारित नहीं है।

पात्रता: कोई भी भारतीय नागरिक व्यक्तिगत या संयुक्त नाम से यह खाता खोल सकता है। नाबालिगों के नाम पर उनके अभिभावक खाता संचालित कर सकते हैं।

अवधि: एसबीआई आरडी में न्यूनतम जमा अवधि 12 महीने (1 वर्ष) और अधिकतम अवधि 120 महीने (10 वर्ष) होती है।

  • ₹100 से शुरुआत और ₹1 लाख का फंड: सच्चाई और गणित

सोशल मीडिया और सामान्य चर्चाओं में इसे 'लखपति स्कीम' के रूप में प्रचारित किया जाता है, परंतु वित्तीय दृष्टिकोण से यह एसबीआई की मानक आवर्ती जमा (RD) योजना ही है। केवल ₹100 प्रति माह जमा करके 3 से 10 साल में ₹1 लाख का फंड नहीं बन सकता। ₹1 लाख का फंड बनाने के लिए मासिक किस्त का निर्धारण समय और लागू ब्याज दर के आधार पर करना होता है।

चक्रवृद्धि ब्याज (त्रैमासिक कंपाउंडिंग) के आधार पर ₹1 लाख का फंड जुटाने के संभावित समीकरण इस प्रकार हैं:

3 वर्ष (36 महीने) की अवधि: यदि वर्तमान में 3 वर्ष की अवधि पर ब्याज दर लगभग 6.50% से 6.75% वार्षिक है, तो 3 साल में ₹1 लाख का मैच्योरिटी फंड बनाने के लिए हर महीने लगभग ₹2,500 से ₹2,550 की किस्त जमा करनी होगी।

5 वर्ष (60 महीने) की अवधि: लगभग 6.50% की ब्याज दर पर 5 साल में ₹1 लाख जुटाने के लिए खाताधारक को हर महीने करीब ₹1,400 से ₹1,450 की बचत करनी होगी।

10 वर्ष (120 महीने) की अवधि: लंबी अवधि यानी 10 साल के लिए यदि ब्याज दर लगभग 6.50% मानी जाए, तो प्रति माह लगभग ₹570 से ₹600 जमा करने पर मैच्योरिटी पर ₹1 लाख का फंड तैयार हो सकता है।

(नोट: बैंक समय-समय पर अपनी ब्याज दरों में संशोधन करता है, इसलिए सटीक मैच्योरिटी राशि खाता खोलने के दिन लागू दर पर निर्भर करती है। वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में 0.50% तक अतिरिक्त ब्याज मिलता है।)

  • किस्त चूकने पर नियम और शर्तें

आरडी खाते में नियमित रूप से तय तारीख पर मासिक किस्त जमा करना अनिवार्य होता है। यदि खाताधारक निर्धारित समय पर किस्त जमा करने में विफल रहता है:

लगातार तीन महीने तक किस्त न देने पर बैंक द्वारा सेवा शुल्क या जुर्माना लगाया जा सकता है।

यदि लगातार चार महीने तक किस्त जमा नहीं की जाती है, तो बैंक खाते को समय से पहले बंद करने का अधिकार रखता है।

समय पूर्व निकासी और ऋण की सुविधा

प्रीमैच्योर विड्रॉल: आपात स्थिति में आरडी खाते को परिपक्वता से पहले बंद किया जा सकता है, हालांकि इसके लिए बैंक के नियमानुसार लागू ब्याज दर में 0.50% से 1% तक की कटौती (पेनाल्टी) की जा सकती है।

ऋण/ओवरड्राफ्ट सुविधा: खाताधारक अपनी कुल जमा राशि के 90% तक का लोन या ओवरड्राफ्ट प्राप्त कर सकते हैं, जिससे खाता तोड़े बिना नकदी की तात्कालिक जरूरत पूरी की जा सकती है।

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