यूपी में सीएम पद की पहली पसंद कौन? ताजा सर्वे में अखिलेश यादव से काफी आगे निकले योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री पद की लोकप्रियता को लेकर कराए गए ताजा सर्वे में योगी आदित्यनाथ अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे दिख रहे हैं। अखिलेश यादव दूसरे स्थान पर हैं।

- आज चुनाव हुए तो यूपी में फिर बनेगी योगी सरकार? मुख्यमंत्री पद की रेस में सर्वे के आंकड़े आए सामने
- योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता बरकरार, अखिलेश यादव दूसरे स्थान पर; नए राजनीतिक सर्वे ने स्पष्ट की तस्वीर
- यूपी सीएम की पसंद को लेकर जनता की राय: योगी आदित्यनाथ को मिला सबसे अधिक समर्थन, जानिए सर्वे का ब्योरा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में अगर आज विधानसभा चुनाव कराए जाएं तो जनता की पहली पसंद कौन होगा? इस सवाल को लेकर सामने आए एक ताजा जनमत सर्वेक्षण में मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे आगे दिखाई दे रहे हैं। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश की जनता के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता मजबूत बनी हुई है और वे अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से खासी बढ़त बनाए हुए हैं।
रिपोर्ट में राज्यभर के विभिन्न सामाजिक और क्षेत्रीय वर्गों से लिए गए फीडबैक के आधार पर प्राथमिक निष्कर्ष निकाले गए हैं। इसमें कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक नियंत्रण और राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों को योगी आदित्यनाथ के पक्ष में जाने वाले मुख्य कारक के रूप में देखा गया है।
- अखिलेश यादव दूसरे स्थान पर, विपक्ष के लिए चुनौती बरकरार
सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री पद के लिए विपक्ष की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं, लेकिन वे योगी आदित्यनाथ की तुलना में काफी अंतर से दूसरे पायदान पर हैं। समाजवादी पार्टी द्वारा सामाजिक न्याय, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों को लगातार उठाए जाने के बावजूद नेतृत्व की व्यक्तिगत पसंद के मामले में मौजूदा मुख्यमंत्री का पलड़ा भारी दिख रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों में भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश में संगठन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को जिस तरह जमीन पर उतारा है, उसका सीधा असर मतदाताओं की व्यक्तिगत पसंद में झलकता है।
सर्वे में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती और कांग्रेस पार्टी से जुड़े संभावित चेहरों को लेकर भी जनमत का आकलन किया गया। हालांकि, इन दलों के नेताओं की स्वीकार्यता मुख्यमंत्री पद की व्यक्तिगत रेस में काफी सीमित पाई गई। राज्य की राजनीति में मुख्य मुकाबला सीधे तौर पर भाजपा और सपा के इर्द-गिर्द सिमटा हुआ नजर आता है। हालांकि सर्वेक्षण जनमत का एक सीमित और उस समय का रुझान प्रस्तुत करते हैं, लेकिन आने वाले राजनीतिक समीकरणों और सांगठनिक रणनीतियों के लिहाज से यह रिपोर्ट दोनों ही प्रमुख दलों के लिए महत्वपूर्ण संकेत देती है।
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