'नौ मर्डर कराए' वाले बयान पर अनंत सिंह की सफाई: बोले- हमने मर्डर नहीं कराया, लालू राज में हमारे 9 लोग मारे गए थे

मोकामा विधायक अनंत सिंह ने 'नीतीश कुमार के लिए 9 मर्डर कराए' वाले बयान पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत पेश किया गया; असल में लालू राज में उनके 9 लोग मारे गए थे।

Oct 17, 2026 - 13:24
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'नौ मर्डर कराए' वाले बयान पर अनंत सिंह की सफाई: बोले- हमने मर्डर नहीं कराया, लालू राज में हमारे 9 लोग मारे गए थे
  • बिहार में सियासी घमासान: 9 लोगों की हत्या वाले विवादित बयान पर पलटे मोकामा विधायक अनंत सिंह, जानिए क्या दी दलील
  • 'नीतीश कुमार के लिए कुर्बानी दी थी', बयान पर विवाद बढ़ने के बाद अनंत सिंह बोले- बात को गलत तरीके से पेश किया गया
  • एमएलसी चुनाव के बीच '9 हत्याओं' के कबूलनामे पर घिरे अनंत सिंह, अब लालू प्रसाद सरकार पर फोड़ा ठीकरा

पटना: बिहार के मोकामा से जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक अनंत सिंह अपने एक विवादित बयान को लेकर राज्य की सियासत के केंद्र में आ गए हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शुरुआती राजनीतिक दौर में उनके साथ रहते हुए 'नौ लोगों का मर्डर करवाया' था। इस बयान का वीडियो सामने आते ही विपक्षी दलों ने सरकार और सत्ताधारी दल पर तीखा हमला बोल दिया। विवाद के तूल पकड़ते ही अनंत सिंह ने एक नया वीडियो जारी कर अपने कहे पर सफाई दी और दावा किया कि उनके बयान को गलत संदर्भ में लिया गया।

अपनी सफाई में अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने किसी की हत्या नहीं कराई थी, बल्कि नीतीश कुमार का साथ देने के कारण तत्कालीन लालू प्रसाद यादव की सरकार के दौरान उनके अपने नौ साथियों की हत्या कर दी गई थी और उस घटना में उन्हें खुद भी गोली लगी थी।

  • पहले क्या कहा था और कैसे भड़का विवाद?

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव को लेकर चल रही सियासी खींचतान के बीच अनंत सिंह अपनी ही पार्टी जदयू के आधिकारिक प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ नाराजगी जता रहे थे। इसी दौरान पार्टी के प्रति अपने त्याग और समर्पण का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा था कि जब नीतीश कुमार का शुरुआती दौर था, तब उन्होंने उनके लिए सबसे बड़ी कुर्बानी दी।

उन्होंने मीडिया के कैमरों के सामने कहा था कि उस समय नीतीश कुमार के साथ रहकर उन्होंने 'नौ गो आदमी का मर्डर कराया'। जैसे ही यह बयान सार्वजनिक हुआ, मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए शासन के खिलाफ बड़ा मुद्दा बना लिया। राजद प्रवक्ताओं ने सवाल उठाया कि जब सत्ताधारी दल के विधायक खुद नौ हत्याएं करवाने की बात स्वीकार कर रहे हैं, तो इस पर मुख्यमंत्री और गृह विभाग को जवाब देना चाहिए।

  • सफाई में लालू शासन और खुद पर हमले का दिया हवाला

विपक्षी हमलों और राजनीतिक सरगर्मी के बाद अनंत सिंह ने अपने बयान पर विस्तृत सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया। अनंत सिंह के अनुसार, जब उन्होंने पहली बार नीतीश कुमार का समर्थन करने का फैसला किया था, तब लालू प्रसाद यादव की सरकार थी।

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के पक्ष में खड़े होने की सजा के तौर पर उनके गुट के नौ लोगों को निशाना बनाकर मार दिया गया था। उस गोलीबारी में वे स्वयं भी गंभीर रूप से जख्मी हुए थे और अत्यधिक तनाव के कारण उनके पिता का भी निधन हो गया था। अनंत सिंह ने दोहराया कि वे अपने लोगों की उसी शहादत और नुकसान की बात कह रहे थे, जिसे तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया।

  • पार्टी के भीतर खींचतान का असर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अनंत सिंह का यह बयान विधान परिषद चुनाव में जदयू के भीतर चल रहे आंतरिक अंतर्विरोधों का नतीजा है। जदयू द्वारा नीरज कुमार को प्रत्याशी बनाए जाने से नाराज अनंत सिंह बागी रुख अपनाए हुए हैं और जन सुराज समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं। हालांकि अनंत सिंह ने सफाई देकर स्थिति को संभालने की कोशिश की है, लेकिन विपक्षी दलों को सरकार के सुशासन के दावों पर सवाल उठाने का एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा मिल गया है।

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