संजय राउत की पुस्तक विमोचन में अरविंद केजरीवाल का केंद्र पर तीखा हमला, भाजपा को बताया 'बेईमानों की शरणस्थली'

कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं और बुद्धिजीवियों ने भी संजय राउत की लेखनी की प्रशंसा की। संजय राउत अपनी निर्भीक पत्रकारिता और बेबाक राजनीतिक टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं। उनकी इस नई किताब में समकालीन राजनीति के कई

Mar 24, 2026 - 11:17
 0  2
संजय राउत की पुस्तक विमोचन में अरविंद केजरीवाल का केंद्र पर तीखा हमला, भाजपा को बताया 'बेईमानों की शरणस्थली'
संजय राउत की पुस्तक विमोचन में अरविंद केजरीवाल का केंद्र पर तीखा हमला, भाजपा को बताया 'बेईमानों की शरणस्थली'

लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग पर बरसे पूर्व मुख्यमंत्री, बोले- ईमानदार लोगों को जेल भेजना मोदी सरकार की नई नीति

दिल्ली में विपक्षी दिग्गजों का जमावड़ा: संजय राउत की किताब के बहाने भाजपा की चुनावी कार्यप्रणाली और केंद्रीय एजेंसियों पर उठाए गंभीर सवाल

देश की राजधानी दिल्ली में शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत द्वारा लिखित एक नई पुस्तक का भव्य विमोचन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विपक्षी दलों के कई बड़े चेहरे शामिल हुए, लेकिन मुख्य आकर्षण का केंद्र आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रहे। मंच से संबोधित करते हुए केजरीवाल ने केंद्र सरकार की नीतियों और वर्तमान राजनीतिक माहौल पर कड़े शब्दों में प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक वर्तमान समय का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले हर नागरिक को इसे पढ़ना चाहिए ताकि वे सत्ता के गलियारों में चल रही गतिविधियों को बेहतर ढंग से समझ सकें।

संबोधन के दौरान अरविंद केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर राजनीतिक शुद्धता खोने का आरोप लगाया। उन्होंने अपने भाषण में इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान समय में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई केवल एक दिखावा बनकर रह गई है। केजरीवाल ने दावा किया कि देश की सत्ताधारी पार्टी उन सभी व्यक्तियों को अपने पाले में कर रही है जिन पर गंभीर आरोप हैं, जबकि जो लोग ईमानदारी से जनता की सेवा कर रहे हैं या सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, उन्हें सलाखों के पीछे धकेला जा रहा है। उन्होंने इसे एक खतरनाक प्रवृत्ति बताते हुए कहा कि यह स्थिति देश के सामाजिक और राजनीतिक ढांचे के लिए अत्यंत हानिकारक है।

विपक्ष के नेताओं ने इस दौरान निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका पर भी अपनी चिंता व्यक्त की। अरविंद केजरीवाल ने सीधे तौर पर कहा कि जिस तरह से चुनाव आयोग का उपयोग चुनावी लाभ के लिए किया जा रहा है, वह लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने जैसा है। उन्होंने तर्क दिया कि निष्पक्ष चुनाव किसी भी लोकतांत्रिक देश की आत्मा होते हैं, लेकिन हाल के वर्षों में चुनाव जीतने के लिए जिन हथकंडों का इस्तेमाल किया जा रहा है और जिस तरह से आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं, वह देश के भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे इन परिस्थितियों को गंभीरता से लें और अपने मताधिकार की शक्ति को पहचानें। पुस्तक विमोचन का यह कार्यक्रम केवल एक साहित्यिक आयोजन न रहकर राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में बदल गया। विशेषज्ञों का मानना है कि संजय राउत की किताब का लॉन्च ऐसे समय में हुआ है जब आगामी चुनावों को लेकर विपक्षी गठबंधन अपनी रणनीति को धार दे रहा है। अरविंद केजरीवाल और संजय राउत की मंच पर मौजूदगी महाराष्ट्र और दिल्ली के बीच बढ़ते राजनीतिक समन्वय को भी दर्शाती है।

अरविंद केजरीवाल ने जेल में बिताए गए अपने समय और विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का भी अप्रत्यक्ष रूप से संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में ईमानदारी की कीमत चुकानी पड़ रही है। उन्होंने सत्ता पक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के पास एक ऐसी जादुई मशीन है जिसमें जाते ही सारे बेईमान लोग साफ-सुथरे हो जाते हैं। इस तरह के राजनीतिक बदलावों ने देश की जनता के मन में कानून और न्याय के प्रति अविश्वास पैदा किया है। उनका मानना है कि जब तक राजनीतिक लाभ के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग बंद नहीं होगा, तब तक देश में स्वस्थ लोकतंत्र की स्थापना संभव नहीं है।

कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं और बुद्धिजीवियों ने भी संजय राउत की लेखनी की प्रशंसा की। संजय राउत अपनी निर्भीक पत्रकारिता और बेबाक राजनीतिक टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं। उनकी इस नई किताब में समकालीन राजनीति के कई अनछुए पहलुओं और उन चुनौतियों का विवरण है जिनका सामना विपक्षी नेताओं को करना पड़ रहा है। अरविंद केजरीवाल ने पुस्तक के अंशों का हवाला देते हुए कहा कि यह किताब केवल व्यक्तिगत अनुभवों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह उस संघर्ष की कहानी है जो संविधान को बचाने के लिए लड़ा जा रहा है। उन्होंने युवाओं से इस किताब के माध्यम से राजनीति की कड़वी सच्चाई को समझने की अपील की।

चुनावी राजनीति में शुचिता और पारदर्शिता के मुद्दे को उठाते हुए केजरीवाल ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को दूषित करने का प्रयास लंबे समय तक सफल नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों की सरकारों को अस्थिर करना और जनादेश का अपमान करना सत्ता पक्ष की कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है। चुनाव आयोग द्वारा मतदान की तारीखों से लेकर नियमों तक में जो बदलाव देखे जा रहे हैं, केजरीवाल ने उन्हें एक तरफा बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर चुनावी मैदान में बराबरी का अवसर (Level Playing Field) नहीं होगा, तो लोकतंत्र केवल नाम का रह जाएगा, जो किसी भी स्थिति में देश के हित में नहीं है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow