रांची की शतकीय चमक में टेस्ट की अफवाहें फीकी- विराट कोहली ने ODI फोकस पर मुहर लगाई, बोले 'सिर्फ एक फॉर्मेट ही खेलूंगा', BCCI ने भी साफ किया कोई बातचीत नहीं हुई। 

भारतीय क्रिकेट के चमकते सितारे विराट कोहली ने एक बार फिर अपनी काबिलियत से दुनिया को हैरान कर दिया। दक्षिण अफ्रीका

Dec 1, 2025 - 12:47
 0  17
रांची की शतकीय चमक में टेस्ट की अफवाहें फीकी- विराट कोहली ने ODI फोकस पर मुहर लगाई, बोले 'सिर्फ एक फॉर्मेट ही खेलूंगा', BCCI ने भी साफ किया कोई बातचीत नहीं हुई। 
रांची की शतकीय चमक में टेस्ट की अफवाहें फीकी- विराट कोहली ने ODI फोकस पर मुहर लगाई, बोले 'सिर्फ एक फॉर्मेट ही खेलूंगा', BCCI ने भी साफ किया कोई बातचीत नहीं हुई। 

भारतीय क्रिकेट के चमकते सितारे विराट कोहली ने एक बार फिर अपनी काबिलियत से दुनिया को हैरान कर दिया। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे में शानदार 135 रनों की पारी खेलकर अपनी 52वीं वनडे शतक सजाने के बाद उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में वापसी की अफवाहों पर पूर्ण विराम लगा दिया। मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में जब उनसे पूछा गया कि क्या वे केवल वनडे ही खेलेंगे, तो कोहली ने मुस्कुराते हुए कहा, "हां, यही हमेशा रहेगा। मैं सिर्फ एक फॉर्मेट ही खेल रहा हूं।" भारत ने इस मैच में 17 रनों से जीत हासिल कर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली, लेकिन कोहली की पारी और उनके स्पष्ट शब्द चर्चा का केंद्र बने रहे।

मैच का परिदृश्य बेहद रोमांचक था। झारखंड स्टेडियम की सपाट पिच पर भारत ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी। रोहित शर्मा ने 65 रनों की ठोस शुरुआत दी, लेकिन असली जादू कोहली ने दिखाया। एक महीने के ब्रेक के बाद मैदान पर लौटे कोहली ने 120 गेंदों पर 135 रन ठोके, जिसमें 11 चौके और 7 छक्के शामिल थे। उनकी पारी में पुरानी लय दिखी तेज दौड़ना, सटीक शॉट सिलेक्शन और दबाव में भी आक्रामकता। रोहित के साथ उनकी 136 रनों की साझेदारी ने भारत को 349/8 का मजबूत स्कोर दिलाया। दक्षिण अफ्रीका की ओर से नंद्रे बर्गर ने तीन विकेट लिए, लेकिन वे लक्ष्य का पीछा नहीं कर सके। ब्रेट्ज़के और जानसेन की आक्रामक बल्लेबाजी के बावजूद दक्षिण अफ्रीका 332 पर सिमट गया। कुलदीप यादव और हर्षित राणा की गेंदबाजी ने भारत को जीत दिलाई, लेकिन कोहली को मैन ऑफ द मैच चुना गया।

यह शतक कोहली के वनडे करियर का 52वां था, जो उन्हें सचिन तेंदुलकर के 49 शतकों के रिकॉर्ड को पार करने के बाद भी सबसे आगे रखता है। 37 वर्ष की उम्र में यह पारी उनकी फिटनेस और मानसिक तैयारी का प्रमाण थी। कोहली ने कहा, "मैंने कभी ज्यादा तैयारी पर विश्वास नहीं किया। सब कुछ मानसिक है। अगर शारीरिक स्तर ठीक है और दिमाग तेज है, तो सब संभव है। 300 से ज्यादा मैच खेल चुके खिलाड़ी को पता होता है कि रिफ्लेक्सेस कहां हैं।" उन्होंने आगे बताया कि मैच से एक दिन पहले आराम किया, क्योंकि उम्र के साथ रिकवरी महत्वपूर्ण हो जाती है। "मैं क्रिकेट को एंजॉय कर रहा हूं, यही वजह है कि मैंने इसे शुरू किया था।" उनकी यह पारी न केवल टीम को जीत दिलाई, बल्कि अफवाहों के बीच उनके वनडे फोकस को मजबूत बनाई।

अफवाहों की शुरुआत भारत की हालिया टेस्ट हार से हुई। मई 2025 में कोहली ने टेस्ट से संन्यास ले लिया था, जिसमें उन्होंने 123 टेस्टों में 30 शतक और 9,230 रन बनाए। 10,000 रनों का आंकड़ा छूने से चूकना उनके करियर का एक अधूरा अध्याय था। लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में 0-2 की शर्मनाक हार के बाद सवाल उठे। दो सालों में दूसरी बार घर पर सफेद धुलाई मिली, जिससे टीम की लाल गेंद क्रिकेट में कमजोरी उजागर हुई। मीडिया में खबरें आईं कि बीसीसीआई कोहली, रोहित शर्मा और रविचंद्रन अश्विन जैसे रिटायर्ड खिलाड़ियों से वापसी पर विचार करने को कह सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि बोर्ड ने अनौपचारिक बातचीत शुरू कर दी है। पूर्व इंग्लैंड कप्तान केविन पीटरसन ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि टेस्ट क्रिकेट की रक्षा के लिए कोहली जैसे सितारों को वापस लाना चाहिए।

लेकिन बीसीसीआई ने इन अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया। बोर्ड के महासचिव देवजित सैकिया ने स्पष्ट कहा कि कोहली से कोई बातचीत नहीं हुई। "यह सब अफवाहें हैं। कोहली से इस बारे में कोई चर्चा नहीं हुई। अफवाहों को महत्व न दें। ऐसा कुछ नहीं हुआ।" सैकिया का यह बयान रांची मैच से ठीक पहले आया, जिसने अटकलों को ठंडा कर दिया। कोहली ने खुद भी मैच के बाद हर संदेह दूर किया। जब कमेंटेटर हर्षा भोगले ने पूछा कि क्या वे केवल वनडे खेलेंगे, तो कोहली ने हंसते हुए पुष्टि की। "हां, यही रहेगा। मैं सिर्फ एक फॉर्मेट पर फोकस कर रहा हूं।" यह बयान उनके संन्यास के फैसले की मजबूती दिखाता है। कोहली ने टेस्ट में दिल्ली के लिए रणजी ट्रॉफी खेला था, जो संन्यास से पहले का संकेत था, लेकिन अंततः उन्होंने फैसला पक्का कर लिया।

कोहली का वनडे फोकस 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी से जुड़ा है। रोहित और कोहली दोनों ही व्हाइट बॉल क्रिकेट के स्तंभ हैं। मई में टी20 और टेस्ट से संन्यास के बाद वनडे में उनकी वापसी प्रभावशाली रही। रांची की पारी ने साबित किया कि वे अभी भी फॉर्म में हैं। बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने कहा, "कोहली की फिटनेस और फॉर्म पर कोई सवाल नहीं। उन्होंने जिम्मेदारी ली और शानदार बल्लेबाजी की।" कोहली ने अपनी तैयारी पर जोर दिया मानसिक मजबूती और शारीरिक कठोरता। "हर दिन कड़ी मेहनत करता हूं, लेकिन अब यह क्रिकेट से ज्यादा जीवनशैली का हिस्सा है।" उनकी पारी में विविधता दिखी शुरुआत सतर्क, फिर आक्रामक समापन। दक्षिण अफ्रीका के कप्तान ने भी उनकी तारीफ की, कहा कि कोहली की मौजूदगी दबाव बनाती है।

भारतीय टीम के लिए यह जीत महत्वपूर्ण थी। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त ने आत्मविश्वास बढ़ाया। रोहित की 65 रनों की पारी ने साझेदारी की नींव रखी, जबकि केएल राहुल ने कप्तानी संभाली। गेंदबाजी में कुलदीप की चतुराई और राणा की गति ने काम किया। दक्षिण अफ्रीका 332 रनों तक पहुंचा, लेकिन अंतिम ओवरों में विकेट गिरे। यह मैच भारत की व्हाइट बॉल ताकत को दर्शाता है, जहां कोहली का रोल केंद्रीय है। अफवाहों के बीच उनकी स्पष्टता ने टीम को फोकस करने में मदद की। अब सीरीज का दूसरा मैच 3 दिसंबर को रायपुर में होगा, जहां कोहली की नजरें और शतकों पर रहेंगी।

कोहली का फैसला टेस्ट क्रिकेट के भविष्य पर सवाल उठाता है। भारत की घरेलू हार ने युवा खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि रिटायर्ड सितारों की वापसी से तात्कालिक राहत मिल सकती है, लेकिन लंबे समय में नई पीढ़ी को मौका देना जरूरी। कोहली ने टेस्ट में कप्तानी के रूप में इतिहास रचा 40 टेस्ट जीत के साथ सबसे सफल कप्तान। लेकिन संन्यास के बाद वे वनडे में चमक रहे हैं। उनकी 83वीं इंटरनेशनल शतक ने रिकॉर्ड तोड़े। 2027 वर्ल्ड कप तक वे फिट रहेंगे, जैसा कि रांची ने दिखाया।

Also Read- रोहित शर्मा और विराट कोहली का 2025-26 सीजन, 2025-26 सीज़न का संभावित कार्यक्रम जारी, पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow