शीतकालीन सत्र की ठंडी हवाओं में गरमाई, लोकसभा-राज्यसभा में संसदीय बहसों का आज से हो रहा आगाज, 14 विधेयकों से सुधारों की बौछार, विपक्ष SIR पर अड़ा। 

भारतीय संसद का शीतकालीन सत्र आज सुबह 11 बजे औपचारिक रूप से शुरू हो गया, जो 19 दिसंबर तक चलेगा। 18वीं लोकसभा

Dec 1, 2025 - 12:51
 0  11
शीतकालीन सत्र की ठंडी हवाओं में गरमाई, लोकसभा-राज्यसभा में संसदीय बहसों का आज से हो रहा आगाज, 14 विधेयकों से सुधारों की बौछार, विपक्ष SIR पर अड़ा। 
शीतकालीन सत्र की ठंडी हवाओं में गरमाई, लोकसभा-राज्यसभा में संसदीय बहसों का आज से हो रहा आगाज, 14 विधेयकों से सुधारों की बौछार, विपक्ष SIR पर अड़ा। 

भारतीय संसद का शीतकालीन सत्र आज सुबह 11 बजे औपचारिक रूप से शुरू हो गया, जो 19 दिसंबर तक चलेगा। 18वीं लोकसभा का छठा सत्र और राज्यसभा का 269वां सत्र इसकी शुरुआत का प्रतीक है, जिसमें कुल 15 बैठकें निर्धारित हैं। सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई, उसके बाद लोकसभा में पूर्व सांसद और अभिनेता धर्मेंद्र देहलवी व पूर्व सांसद श्रीप्रकाश जायसवाल को श्रद्धांजलि दी गई। राज्यसभा में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने पहली बार सभापति के रूप में सदन की कार्यवाही संभाली, जिनका स्वागत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। लेकिन सत्र की शुरुआत ही हंगामे से हुई लोकसभा में विपक्ष के नारों के कारण सदन को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर चर्चा की मांग ने सत्र को गरम कर दिया, जबकि सरकार ने 14 विधेयकों के माध्यम से आर्थिक सुधारों पर जोर दिया।

सत्र से ठीक पहले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई, जिसमें विपक्ष ने SIR मुद्दे पर जोर दिया। यह प्रक्रिया 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही है, जिसके तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) मतदाता सूची के पुनरीक्षण में लगे हैं। विपक्ष का आरोप है कि इससे BLOs पर दबाव बढ़ा है, जिसके कारण कई मौतें हुई हैं कुछ रिपोर्ट्स में 20 से अधिक BLOs की आत्महत्याओं का जिक्र है। लोकसभा में कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर और विजय कुमार वासंथ ने स्थगन प्रस्ताव दिया, जिसमें SIR को तुरंत रोकने की मांग की गई। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए खतरा है, क्योंकि इससे मतदाताओं में भ्रम पैदा हो रहा है। इंडिया गठबंधन की सुबह 10 बजे हुई बैठक में राहुल गांधी ने सांसदों को निर्देश दिए कि स्थानीय मुद्दों को सदन में उठाएं।

सरकार ने SIR पर चर्चा से इनकार किया, लेकिन संसदीय कार्य समिति (BAC) में आश्वासन दिया कि जल्द राय ली जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने सत्र से पहले हंस द्वार पर मीडिया को संबोधित करते हुए विपक्ष को निशाना साधा। उन्होंने कहा, "संसद ड्रामा का स्थान नहीं, यहां डिलीवरी होनी चाहिए। कुछ पार्टियां हार पचा नहीं पातीं, लेकिन लोकतंत्र में नारे नहीं, नीतियां चलती हैं।" बिहार विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने महिलाओं की मतदान भागीदारी को लोकतंत्र की ताकत बताया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों से अपील की कि सदन राष्ट्र की अपेक्षाओं का मंच है, जहां कर्तव्य, संयम और जनकल्याण पर ध्यान दें। राज्यसभा में डिप्टी चेयरमैन ने राधाकृष्णन के सिद्धांतों की सराहना की, जबकि खड़गे ने उनका स्वागत करते हुए सहयोग का वादा किया।

सत्र का विधायी एजेंडा भारी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज ही केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किया, जो 1944 के केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम में बदलाव लाएगा। इस पर लोकसभा में छह घंटे की चर्चा निर्धारित है। इसी तरह, स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा सेस विधेयक, 2025 पेश होगा, जो तंबाकू और पान मसाला जैसे सिन गुड्स पर जीएसटी मुआवजा सेस को बदलकर राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए संसाधन जुटाएगा। मणिपुर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025 पर तीन घंटे की बहस होगी। ये विधेयक राष्ट्रपति की सिफारिश पर आधारित हैं।

अन्य प्रमुख विधेयक जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2025; दिवाला और दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025; निरसन और संशोधन विधेयक, 2025; राष्ट्रीय राजमार्ग (संशोधन) विधेयक, 2025 हैं। परमाणु ऊर्जा विधेयक, 2025 सिविल न्यूक्लियर सेक्टर को निजी खिलाड़ियों के लिए खोलेगा, जो राज्य के एकाधिकार को तोड़ेगा। कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2025 कंपनियों अधिनियम 2013 और एलएलपी अधिनियम 2008 में संशोधन कर व्यापार सुगमता बढ़ाएगा। सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड विधेयक, 2025 (SMC) एसईबीआई अधिनियम, डिपॉजिटरी अधिनियम और सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स विनियमन अधिनियम को एकीकृत करेगा। बीमा कानून (संशोधन) विधेयक, 2025 में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) सीमा 74% से बढ़ाकर 100% करेगा, जो बीमा क्षेत्र में नई ऊर्जा लाएगा। मध्यस्थता और सुलह (संशोधन) विधेयक, 2025 सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्देशों के अनुरूप धारा 34 में बदलाव लाएगा। उच्च शिक्षा आयोग ऑफ इंडिया विधेयक, 2025 यूजीसी जैसे मौजूदा निकायों को बदलकर नया नियामक स्थापित करेगा।

वित्तीय मोर्चे पर 2025-26 के लिए पूरक अनुदान मांगों का पहला बैच पेश होगा, जिस पर चर्चा, मतदान और संबंधित विनियोजन विधेयक पारित होगा। निजी सदस्य विधेयक 5 और 19 दिसंबर को, जबकि संकल्प 12 दिसंबर को विचाराधीन होंगे। सरकार का दावा है कि ये सुधार निवेश बढ़ाएंगे और व्यापार आसान बनाएंगे। बिहार चुनाव जीत के बाद आत्मविश्वास से लबरेज NDA ने सर्वदलीय बैठक में कहा कि सत्र रचनात्मक रहे।

विपक्ष के अन्य मुद्दे दिल्ली विस्फोट, वायु प्रदूषण (AQI), चीन के साथ व्यापार समझौते और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत-पाकिस्तान मध्यस्थता बयानों पर केंद्रित हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सत्र छोटा (सामान्य 20 के मुकाबले 15 बैठकें) रखकर सार्थक बहस से बचा जा रहा है। एनसीपी (एससीपी) की फौजिया खान ने कहा कि 13 विधेयक तय कर सरकार संसद को विधेयक पास करने की मशीन बना रही है। शिवसेना (उद्धव) ने ब्रिटिश शासन जैसा व्यवहार का आरोप लगाया। सपा के रामगोपाल यादव ने SIR को सबसे बड़ा मुद्दा बताया।

Also Read- 'एक को कुर्सी चाहिए, दूसरे को चाय'- कर्नाटक में सीएम-डिप्टी सीएम विवाद पर भाजपा का कांग्रेस पर तीखा तंज।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow