चोटें बनीं हार का मुख्य कारण- सीनियर खिलाड़ियों को बाहर बिठाने के पीछे कोई विवाद नहीं, जयवर्धने ने दी हर सवाल की दलील

सीजन के दौरान टीम की निरंतरता के अभाव को स्वीकार करते हुए महेला जयवर्धने ने माना कि मुंबई इंडियंस इस बार अपने नाम के अनुरूप प्रदर्शन करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट एक ऐसा खेल है जहाँ लय का होना बहुत जरूरी है, और इस सीजन में टीम कभी भी वह लय हासिल नहीं कर पाई। बल्लेबा

May 11, 2026 - 11:24
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चोटें बनीं हार का मुख्य कारण- सीनियर खिलाड़ियों को बाहर बिठाने के पीछे कोई विवाद नहीं, जयवर्धने ने दी हर सवाल की दलील
चोटें बनीं हार का मुख्य कारण- सीनियर खिलाड़ियों को बाहर बिठाने के पीछे कोई विवाद नहीं, जयवर्धने ने दी हर सवाल की दलील
  • मुंबई इंडियंस में 'राजनीति' के आरोपों पर महेला जयवर्धने का बड़ा बयान: खराब प्रदर्शन और सीनियर खिलाड़ियों को लेकर दी सफाई
  • ड्रेसिंग रूम का माहौल और बेंच स्ट्रेंथ की सच्चाई: कोच जयवर्धने ने बताया क्यों नहीं मिल पाई सीजन में अपेक्षित सफलता

इंडियन प्रीमियर लीग के मौजूदा सीजन में पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस का सफर उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। टीम के लगातार खराब प्रदर्शन और प्लेऑफ की रेस से बाहर होने के कगार पर पहुंचने के बाद क्रिकेट गलियारों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई थीं। विशेष रूप से कुछ अनुभवी और सीनियर खिलाड़ियों को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखे जाने पर प्रशंसकों और खेल प्रेमियों के बीच 'टीम पॉलिटिक्स' या आंतरिक गुटबाजी की बातें होने लगी थीं। इन तमाम अटकलों और विवादों पर विराम लगाते हुए मुंबई इंडियंस के मुख्य कोच महेला जयवर्धने ने खुलकर अपनी बात रखी है। जयवर्धने ने स्पष्ट किया है कि टीम के भीतर किसी भी प्रकार की राजनीति या मनमुटाव जैसी स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा कि टीम मैनेजमेंट हमेशा से ही सर्वश्रेष्ठ संयोजन उतारने की कोशिश करता है, लेकिन इस बार कई ऐसे कारक रहे जो नियंत्रण से बाहर थे। कोच जयवर्धने ने सीनियर खिलाड़ियों को बेंच पर बिठाने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि टीम में किए गए अधिकांश बदलाव रणनीतिक होने के बजाय चोटों और फिटनेस समस्याओं से प्रेरित थे। उन्होंने बताया कि सीजन के दौरान कई महत्वपूर्ण खिलाड़ी पूरी तरह फिट नहीं थे, जिसके कारण टीम को मजबूरी में नए और युवा चेहरों को मौका देना पड़ा। जयवर्धने के अनुसार, बाहरी दुनिया में इसे 'पॉलिटिक्स' के रूप में देखा गया, लेकिन सच्चाई यह है कि मेडिकल टीम की रिपोर्ट और खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति को ध्यान में रखकर ही प्लेइंग इलेवन का चयन किया गया। कोच ने इस बात पर जोर दिया कि मुंबई इंडियंस की संस्कृति हमेशा से खिलाड़ियों का समर्थन करने वाली रही है और किसी भी सीनियर खिलाड़ी को बिना ठोस कारण के बाहर नहीं रखा गया है।

सीजन के दौरान टीम की निरंतरता के अभाव को स्वीकार करते हुए महेला जयवर्धने ने माना कि मुंबई इंडियंस इस बार अपने नाम के अनुरूप प्रदर्शन करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट एक ऐसा खेल है जहाँ लय का होना बहुत जरूरी है, और इस सीजन में टीम कभी भी वह लय हासिल नहीं कर पाई। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही विभागों में टुकड़ों में प्रदर्शन देखने को मिला, जिससे महत्वपूर्ण मैचों में जीत हाथ से फिसलती गई। जयवर्धने ने यह भी कहा कि क्लोज मैचों को फिनिश न कर पाना टीम की सबसे बड़ी कमजोरी साबित हुई। उन्होंने माना कि जब आप एक साथ कई विभाग में विफल होते हैं, तो सुधार की प्रक्रिया कठिन हो जाती है, और इसी वजह से अंक तालिका में टीम की स्थिति काफी नीचे रही। आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ियों का कार्यभार संभालना सबसे बड़ी चुनौती है। कोच के अनुसार, जब प्रमुख गेंदबाज या बल्लेबाज चोटिल होते हैं, तो पूरी टीम का संतुलन बिगड़ जाता है, जिसका सीधा असर मैच के नतीजों पर पड़ता है। ड्रेसिंग रूम के माहौल पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए जयवर्धने ने कहा कि हार के बावजूद खिलाड़ियों के बीच आपसी तालमेल और सम्मान बना हुआ है। उन्होंने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें यह कहा गया था कि टीम दो गुटों में बंटी हुई है। कोच ने स्पष्ट किया कि रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या और अन्य सीनियर खिलाड़ियों के बीच संवाद का स्तर बहुत अच्छा है और सभी का लक्ष्य टीम को जीत दिलाना ही है। उन्होंने स्वीकार किया कि जब कोई बड़ी टीम हारती है, तो इस तरह की अफवाहें उड़ना स्वाभाविक है, लेकिन पेशेवर क्रिकेट में खिलाड़ी इन बातों पर ध्यान देने के बजाय अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करते हैं। जयवर्धने ने टीम के भविष्य की योजना पर काम करने की बात कही ताकि अगले सीजन में मजबूत वापसी की जा सके।

युवा खिलाड़ियों को मौका देने की नीति पर बात करते हुए कोच ने कहा कि भविष्य की टीम तैयार करना भी एक जिम्मेदारी है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसका मतलब यह कतई नहीं है कि सीनियर खिलाड़ियों की अहमियत कम हो गई है। जयवर्धने ने बताया कि कभी-कभी पिच की परिस्थितियों और विपक्षी टीम की मजबूती को देखते हुए कुछ कड़े फैसले लेने पड़ते हैं। इस सीजन में कुछ युवा खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा दिखाई है, लेकिन अनुभव की कमी के कारण वे मैच को निर्णायक मोड़ तक ले जाने में संघर्ष करते दिखे। जयवर्धने के अनुसार, यह टीम के लिए एक सीखने का दौर है जहाँ वे यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि कौन से खिलाड़ी भविष्य के स्टार बन सकते हैं। महेला जयवर्धने ने उन आलोचनाओं का भी जवाब दिया जो उनकी कोचिंग शैली और फैसलों पर की जा रही थीं। उन्होंने कहा कि कोच के रूप में वे केवल मार्गदर्शन दे सकते हैं, लेकिन अंततः मैदान पर प्रदर्शन खिलाड़ियों को ही करना होता है। उन्होंने माना कि कुछ रणनीतिक गलतियां हुई होंगी, लेकिन वे कभी भी व्यक्तिगत पसंद-नापसंद पर आधारित नहीं थीं। टीम के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने कहा कि वे और बाकी सपोर्ट स्टाफ इस पर विचार कर रहे हैं कि आखिर कहाँ चूक हुई। उन्होंने प्रशंसकों से धैर्य बनाए रखने की अपील की और कहा कि मुंबई इंडियंस का इतिहास रहा है कि वे गिरकर फिर से संभलना जानते हैं और इस बार भी ऐसा ही होगा।

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