मनोज तिवारी का सनसनीखेज दावा: विराट कोहली और रोहित शर्मा को टेस्ट क्रिकेट से बाहर खराब टीम माहौल ने धकेला, गौतम गंभीर पर सवाल।
भारतीय क्रिकेट में वरिष्ठ खिलाड़ियों के संन्यास को लेकर बहस छिड़ी हुई है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने 19 नवंबर 2025 को एक
कोलकाता। भारतीय क्रिकेट में वरिष्ठ खिलाड़ियों के संन्यास को लेकर बहस छिड़ी हुई है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने 19 नवंबर 2025 को एक सनसनीखेज बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि विराट कोहली और रोहित शर्मा टेस्ट क्रिकेट को बचाने और खेलते रहने के इच्छुक थे, लेकिन टीम के खराब माहौल और अनावश्यक संक्रमण नीति ने उन्हें मजबूरन संन्यास लेने पर विवश कर दिया। तिवारी ने हेड कोच गौतम गंभीर की नेतृत्व शैली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि यह संक्रमण का दौर बनावटी था, जिसने स्टार खिलाड़ियों को अपमानित महसूस कराया। यह बयान दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हालिया टेस्ट सीरीज हार के बाद आया है, जहां भारत को 2-0 से शिकस्त मिली।
मनोज तिवारी बंगाल के दिग्गज बल्लेबाज हैं, जिन्होंने 12 वनडे मैच भारत के लिए खेले। वे घरेलू क्रिकेट में 10,000 से अधिक रन बना चुके हैं। तिवारी ने न्यूज18 बंगला को दिए इंटरव्यू में कहा, 'हमारे घरेलू क्रिकेट में प्रतिभाशाली खिलाड़ी इंतजार कर रहे हैं। लेकिन इस अनावश्यक संक्रमण के कारण, विराट और रोहित जैसे हमारे स्टार खिलाड़ी, जो टेस्ट क्रिकेट को बचाना चाहते थे और खेलते रहना चाहते थे, धीरे-धीरे पीछे हट गए। यह टीम के आसपास बनाए गए माहौल की वजह से हुआ।' तिवारी का इशारा साफ था कि बीसीसीआई और टीम मैनेजमेंट की नीतियों ने वरिष्ठ खिलाड़ियों को अलग-थलग कर दिया। उन्होंने कहा कि जब खिलाड़ी महसूस करते हैं कि टीम को उनकी जरूरत नहीं या सम्मान नहीं मिल रहा, तो स्वाभिमान वाला व्यक्ति आगे नहीं बढ़ सकता।
यह बयान विराट कोहली और रोहित शर्मा के हालिया संन्यास से जुड़ा है। 8 अक्टूबर 2025 को दोनों ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। रोहित ने कहा कि वे ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बाद खेलना चाहते थे, लेकिन फॉर्म और टीम की जरूरतों को देखते हुए फैसला लिया। विराट ने कहा कि टेस्ट उनका पहला प्यार था, लेकिन नई पीढ़ी को मौका देना जरूरी है। लेकिन तिवारी का दावा है कि यह फैसला मजबूरी में लिया गया। उन्होंने कहा कि खराब माहौल ने उन्हें बाध्य किया। तिवारी ने गौतम गंभीर पर निशाना साधा, जो जुलाई 2025 से हेड कोच हैं। गंभीर ने दक्षिण अफ्रीका सीरीज से पहले कहा था कि स्पिन के खिलाफ युवाओं को तैयार करना उनका लक्ष्य है। तिवारी ने इसे आलोचना करते हुए कहा कि गंभीर खुद स्पिन के खिलाफ अच्छा खिलाड़ी थे, तो युवाओं को बेहतर तरीके से तैयार कर सकते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि संक्रमण के नाम पर स्टार खिलाड़ियों को क्यों धकेला गया।
भारतीय क्रिकेट में संक्रमण का दौर लंबे समय से चर्चा में है। 2024 के इंग्लैंड दौरे के बाद बीसीसीआई ने युवा खिलाड़ियों को मौका देने की बात की। शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल और सरफराज खान जैसे युवा उभरे। लेकिन वरिष्ठ खिलाड़ियों की भूमिका पर सवाल उठे। रोहित और विराट ने 2023 एशेज सीरीज के बाद कहा था कि वे टेस्ट खेलते रहेंगे। लेकिन 2025 में फॉर्म में गिरावट आई। विराट का औसत 30 से नीचे गया, जबकि रोहित ने कई मैचों में शून्य पर आउट हुए। दक्षिण अफ्रीका सीरीज में भारत की हार ने आलोचना बढ़ाई। गंभीर ने कहा कि युवाओं को सीखना होगा, लेकिन तिवारी का कहना है कि यह बहाना है। उन्होंने कहा कि घरेलू क्रिकेट में प्रतिभा है, लेकिन संक्रमण को जल्दबाजी में लागू करने से टीम कमजोर हुई।
तिवारी का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ट्विटर पर ManojTiwaryStatement ट्रेंड करने लगा। फैंस ने इसे साहसी बताया। एक यूजर ने लिखा, 'तिवारी ने जो कहा, वही सच्चाई है। विराट और रोहित को सम्मान से विदाई मिलनी चाहिए थी।' पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने कहा कि संक्रमण जरूरी है, लेकिन तरीका गलत था। गौतम गंभीर ने जवाब में कहा कि वे खिलाड़ियों की भलाई के लिए काम कर रहे हैं। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा कि संन्यास व्यक्तिगत फैसला था। लेकिन तिवारी ने इसे खारिज करते हुए कहा कि माहौल ने दबाव बनाया। उन्होंने उदाहरण दिया कि 2011 वर्ल्ड कप के बाद भी संक्रमण हुआ, लेकिन सम्मानजनक तरीके से।
विराट कोहली का सफर यादगार रहा। 2008 में डेब्यू करने वाले विराट ने 113 टेस्ट में 9,000 से अधिक रन बनाए। वे टेस्ट क्रिकेट के सबसे सफल कप्तान थे। रोहित शर्मा ने 59 टेस्ट में 4,000 रन बनाए और आक्रामक कप्तानी के लिए जाने जाते हैं। दोनों ने 2023 वर्ल्ड कप जीता। लेकिन 2024-25 में फेलियर ने सवाल उठाए। तिवारी ने कहा कि फॉर्म की कमी को बहाना बनाया गया। उन्होंने गंभीर की आलोचना की कि वे खिलाड़ियों को मानसिक समर्थन नहीं दे पाए। तिवारी ने कहा, 'जब खिलाड़ी अपमानित महसूस करते हैं, तो वे रिटायर हो जाते हैं।' यह बयान ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले आया, जहां भारत को बिना दोनों के खेलना पड़ेगा।
भारतीय टीम अब युवाओं पर निर्भर है। गिल कप्तान बने, जबकि जडेजा ने भी संन्यास लिया। तिवारी ने सलाह दी कि घरेलू क्रिकेट को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि रणजी ट्रॉफी में प्रतिभा है, लेकिन बीसीसीआई को युवाओं को सही प्लेटफॉर्म दें। यह बयान क्रिकेट जगत में बहस छेड़ रहा है। पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कहा कि संक्रमण प्राकृतिक है। लेकिन तिवारी का दावा कि विराट और रोहित मजबूर थे, ने नई चर्चा शुरू की। फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि बीसीसीआई स्पष्टीकरण दे।
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