पूर्व कप्तान की बहन श्रेष्ठा अय्यर बनीं ट्रोल्स का मुख्य निशाना: पुराना डांस वीडियो इंटरनेट पर फिर हुआ वायरल, अभद्र टिप्पणियों की आई बाढ़।
IPL (आईपीएल) 2026 के सीजन में पंजाब किंग्स का प्लेऑफ में पहुंचने का सपना एक बार फिर चकनाचूर हो गया है। टूर्नामेंट के
- IPL के 19वें सीजन में पंजाब किंग्स के सफर का दुखद अंत: प्लेऑफ की होड़ से बाहर होने पर सोशल मीडिया पर भड़की भारी ट्रोलिंग की आग
- साइबर प्रताड़ना और भद्दे कमेंट्स के खिलाफ श्रेष्ठा का करारा और साहसिक जवाब: कार्यस्थल के साथियों को परेशान करने पर जताया भारी रोष
IPL (आईपीएल) 2026 के सीजन में पंजाब किंग्स का प्लेऑफ में पहुंचने का सपना एक बार फिर चकनाचूर हो गया है। टूर्नामेंट के पहले हाफ में लगातार छह मुकाबले जीतकर अंक तालिका में शीर्ष पर रहने वाली इस टीम का प्रदर्शन दूसरे हाफ में बेहद निराशाजनक रहा, जिसके कारण अंततः टीम नॉकआउट चरण की दौड़ से बाहर हो गई। पंजाब किंग्स की इस अप्रत्याशित हार और टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद सोशल मीडिया के विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रशंसकों की निराशा ने एक बेहद आक्रामक और नकारात्मक रूप अख्तियार कर लिया है। खेल के मैदान पर मिली इस शिकस्त के बाद टीम के खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों को भी इंटरनेट पर असाधारण रूप से निशाना बनाया जा रहा है। इस कड़ी में टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर की बहन श्रेष्ठा अय्यर को ट्रोल्स द्वारा सबसे ज्यादा प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसके बाद अब यह मामला केवल खेल तक सीमित न रहकर साइबर सुरक्षा और व्यक्तिगत उत्पीड़न का एक बड़ा मुद्दा बन चुका है।
इस पूरे विवाद की जड़ें कुछ हफ्ते पहले कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स मैदान पर पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच होने वाले एक लीग मुकाबले से जुड़ी हुई हैं। उस दिन दोनों ही टीमों के बीच एक बेहद कड़ा और रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद थी, लेकिन मैच शुरू होने के कुछ ही समय बाद मूसलाधार बारिश ने खलल डाल दिया। खराब मौसम और गीली आउटफील्ड के कारण अंपायरों को मैच को पूरी तरह से रद्द घोषित करना पड़ा था, जिसके परिणाम स्वरूप नियमों के अनुसार दोनों ही टीमों के खातों में एक-एक अंक साझा कर दिया गया था। उस समय पंजाब किंग्स की टीम अंक तालिका में बेहद मजबूत स्थिति में थी और इस मैच के धुलने के तुरंत बाद एक पेशेवर डांसर और कोरियोग्राफर श्रेष्ठा अय्यर ने अपनी कोरियोग्राफी टीम और कुछ समर्थकों के साथ मिलकर एक बेहद हल्का-फुल्का और मजाकिया रील वीडियो अपने व्यक्तिगत इंस्टाग्राम हैंडल पर साझा किया था।
उस वायरल वीडियो में श्रेष्ठा अय्यर पंजाब किंग्स की जर्सी पहने हुए अपनी टीम के साथ डांस करती हुई दिखाई दे रही थीं। वीडियो के बैकग्राउंड में उन्होंने मजाकिया और ठेठ पंजाबी लहजे में एक संवाद बोलते हुए कहा था कि साडे पंजाबियां दा दिल वड्डा हुंदा ए, लो, दित्ता एक पॉइंट। इस वीडियो का सीधा संदर्भ प्रतिद्वंद्वी टीम को बारिश के कारण मुफ्त में मिले एक अंक को लेकर था, जिसे उस समय पंजाब किंग्स के प्रशंसकों ने एक स्वस्थ और मनोरंजक खेल भावना के तौर पर लिया था। हालांकि, कोलकाता नाइट राइडर्स के समर्थकों के एक धड़े को यह मजाकिया अंदाज बिल्कुल पसंद नहीं आया था और उन्होंने इसे अपनी टीम का अपमान माना था। लेकिन अब, जब टूर्नामेंट के अंतिम पड़ाव पर पंजाब किंग्स की टीम महज एक अंक के अंतर से प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई है, तो इंटरनेट उपयोगकर्ताओं ने इसी पुराने वीडियो को ढूंढ निकाला है और इसे आधार बनाकर श्रेष्ठा को बुरी तरह ट्रोल करना शुरू कर दिया है।
लगातार हो रही इस अभद्र ट्रोलिंग और मानसिक प्रताड़ना के खिलाफ चुप्पी तोड़ते हुए श्रेष्ठा अय्यर ने अब सोशल मीडिया पर दो बेहद विस्तृत वीडियो जारी कर अपराधियों को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने अत्यंत कड़े शब्दों में इस बात पर गहरा दुख और रोष व्यक्त किया कि लोग एक सामान्य और मजाकिया वीडियो को पूरी तरह से गलत संदर्भ में पेश कर रहे हैं। श्रेष्ठा ने खुलासा किया कि पिछले कुछ दिनों से उनके इनबॉक्स और कमेंट सेक्शन में न केवल उनके खिलाफ नकारात्मक बातें लिखी जा रही हैं, बल्कि उन्हें सीधे तौर पर धमकी भरे संदेश भी भेजे जा रहे हैं। सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि ट्रोल्स ने उनकी पेशेवर जिंदगी में दखल देना शुरू कर दिया है, जिसके तहत उनके डांस स्टूडियो और कार्यस्थल से जुड़े सहकर्मियों और सहयोगियों के सोशल मीडिया हैंडल्स पर जाकर भी भद्दे कमेंट्स और गालियां दी जा रही हैं, जो पूरी तरह से अनैतिक है।
अपने स्पष्टीकरण वीडियो में श्रेष्ठा ने इस बात पर गहरा रोष व्यक्त किया कि क्रिकेट जगत में जब भी कोई टीम मैच हारती है या किसी खिलाड़ी का प्रदर्शन खराब होता है, तो सोशल मीडिया की भीड़ तुरंत उनके परिवारों, पत्नियों और बहनों को जिम्मेदार ठहराने लगती है। उन्होंने साफ किया कि उनके द्वारा बनाया गया वह पुराना वीडियो किसी भी टीम या खिलाड़ी के प्रति नफरत फैलाने के उद्देश्य से नहीं था, बल्कि वह केवल अपने भाई की टीम के लिए एक मजेदार और सकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास कर रही थीं। उन्होंने दृढ़ता के साथ कहा कि एक क्रिकेटर की बहन होने के नाते वह खेल की बारीकियों और उसमें होने वाली हार-जीत का पूरा सम्मान करती हैं और सभी खिलाड़ियों के प्रति उनके मन में गहरी श्रद्धा है। उन्होंने ट्रोल्स को चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह से किसी महिला और उसके काम करने वाले लोगों को सामूहिक रूप से प्रताड़ित करना कानूनी रूप से एक गंभीर साइबर अपराध की श्रेणी में आता है।
श्रेष्ठा ने आगे कहा कि अपने भाई के प्रति उनका समर्थन हमेशा पूरी तरह से सुदृढ़ और निरंतर रहेगा, चाहे उसकी टीम मैदान पर मुकाबला जीते या हारे। खेल प्रेमियों को यह समझना चाहिए कि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, जहां कभी सफलता मिलती है तो कभी असफलता का सामना करना पड़ता है। किसी खेल के परिणाम के गुस्से को सोशल मीडिया पर किसी के निजी जीवन को तबाह करने के लिए इस्तेमाल करना मानसिक विकृति को दर्शाता है। इस साहसिक वीडियो संदेश के बाद मनोरंजन और खेल जगत के कई अन्य जिम्मेदार नागरिकों ने भी श्रेष्ठा का खुलकर समर्थन किया है और इंटरनेट पर बढ़ती इस अभद्र ट्रोलिंग संस्कृति की कड़े शब्दों में निंदा की है। लोगों का मानना है कि खेल का आनंद केवल खेल की सीमाओं के भीतर ही लिया जाना चाहिए, न कि उसे किसी के परिवार के उत्पीड़न का जरिया बनाया जाए।
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