लंदन के इस्कॉन रेस्टोरेंट में चिकन खाने का वायरल वीडियो, बादशाह ने की कड़ी निंदा, मचा हंगामा। 

International News: लंदन में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस (ISKCON) के गोविंदा रेस्टोरेंट में हाल ही में हुई एक घटना ने सोशल मीडिया पर तूफान....

Jul 22, 2025 - 12:16
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लंदन के इस्कॉन रेस्टोरेंट में चिकन खाने का वायरल वीडियो, बादशाह ने की कड़ी निंदा, मचा हंगामा। 
लंदन के इस्कॉन रेस्टोरेंट में चिकन खाने का वायरल वीडियो, बादशाह ने की कड़ी निंदा, मचा हंगामा। 

लंदन में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस (ISKCON) के गोविंदा रेस्टोरेंट में हाल ही में हुई एक घटना ने सोशल मीडिया पर तूफान मचा दिया है। 19 जुलाई 2025 को एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक शख्स इस शुद्ध शाकाहारी रेस्टोरेंट में केएफसी का चिकन खाते हुए नजर आ रहा है। इतना ही नहीं, उसने स्टाफ और अन्य ग्राहकों को भी चिकन ऑफर किया, जिससे वहां मौजूद लोग असहज हो गए और गुस्सा जताने लगे। इस घटना ने न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई, बल्कि सांस्कृतिक संवेदनशीलता और सम्मान के मुद्दे पर भी बहस छेड़ दी। मशहूर रैपर और सिंगर बादशाह ने इस वीडियो पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने लिखा, “मुर्गा भी शर्मिंदा हो जाएगा. यार मुर्गे की नहीं, उसे मुंह पर चप्पलों की भूख थी. सच्ची ताकत उस चीज का सम्मान करने में है जिसे तुम नहीं समझते.” इस घटना ने सोशल मीडिया पर व्यापक आक्रोश पैदा किया है, और लोग इसे धार्मिक असहिष्णुता और हिंदू विरोधी कृत्य के रूप में देख रहे हैं।

19 जुलाई 2025 को, लंदन के इस्कॉन राधा-कृष्ण मंदिर से संबद्ध गोविंदा रेस्टोरेंट में एक शख्स ने ऐसी हरकत की, जिसने सभी को हैरान कर दिया। वायरल वीडियो में, यह शख्स, जो संभवतः अफ्रीकी-ब्रिटिश मूल का है, रेस्टोरेंट में प्रवेश करता है और काउंटर पर मौजूद स्टाफ से पूछता है, “क्या यह एक शाकाहारी रेस्टोरेंट है? यहां मांस नहीं मिलता?” स्टाफ ने उसे स्पष्ट रूप से बताया कि यह एक शुद्ध शाकाहारी रेस्टोरेंट है, जहां मांस, प्याज, और लहसुन तक नहीं परोसा जाता। इसके बावजूद, उसने अपने बैग से केएफसी का चिकन बॉक्स निकाला और काउंटर पर ही खाना शुरू कर दिया।

वीडियो में दिखता है कि वह न केवल चिकन खा रहा है, बल्कि स्टाफ और अन्य ग्राहकों को भी चिकन ऑफर कर रहा है। इससे वहां मौजूद लोग असहज हो गए। एक ग्राहक ने उससे कहा, “आप जो कर रहे हैं, वह इस जगह के नियमों का उल्लंघन है और यह उचित नहीं है।” स्टाफ ने भी उसे बाहर जाने के लिए कहा, लेकिन उसने उनकी बात नहीं मानी और “फ्री द चिकन” जैसे नारे लगाते हुए अपनी हरकत जारी रखी। आखिरकार, रेस्टोरेंट के कर्मचारियों ने सिक्योरिटी को बुलाया, और उसे बाहर निकाला गया। यह पूरा वाकया वीडियो में रिकॉर्ड हो गया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

  • बादशाह की प्रतिक्रिया

इस वीडियो को देखने के बाद, भारतीय रैपर और सिंगर बादशाह ने 20 जुलाई 2025 को अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “मुर्गा भी शर्मिंदा हो जाएगा. यार मुर्गे की नहीं, उसे मुंह पर चप्पलों की भूख थी. सच्ची ताकत उस चीज का सम्मान करने में है जिसे तुम नहीं समझते.” उनकी यह टिप्पणी न केवल इस घटना की निंदा करती है, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक संवेदनशीलता के महत्व को भी रेखांकित करती है। बादशाह की पोस्ट को उनके फॉलोअर्स ने खूब सराहा, और कई लोगों ने इसे सांस्कृतिक सम्मान की दिशा में एक मजबूत बयान माना। एक यूजर ने कमेंट किया, “जागरूकता बढ़ाने के लिए धन्यवाद।” एक अन्य ने लिखा, “यह दिखाता है कि कुछ लोग कितने असंवेदनशील हो गए हैं। ऐसे लोगों का कोई सम्मान नहीं है।”

बादशाह, जिन्हें ‘मर्सी’, ‘अक्कड़ बक्कड़’, ‘गर्मी’, और ‘सनक’ जैसे गानों के लिए जाना जाता है, हमेशा सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय खुलकर रखते हैं। उनकी इस प्रतिक्रिया ने न केवल इस घटना को और अधिक चर्चा में ला दिया, बल्कि लोगों को सांस्कृतिक संवेदनशीलता के बारे में सोचने के लिए प्रेरित भी किया।

इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर व्यापक आक्रोश पैदा किया। कई यूजर्स ने इस शख्स की हरकत को “घृणित” और “हिंदू विरोधी” करार दिया। एक यूजर (@ssaratht) ने लिखा, “यह बेहद घृणित है। वह जानबूझकर एक पवित्र शाकाहारी स्थान में गया न भूख के लिए, बल्कि नफरत के साथ। यह हिंदूफोबिया नहीं तो और क्या है?” एक अन्य यूजर ने लिखा, “यह सिर्फ मजाक नहीं है, यह धार्मिक भावनाओं का अपमान है। क्या वह अपनी धार्मिक जगह पर ऐसा करने की हिम्मत करता?” कई लोगों ने इस घटना को नस्लवाद और धार्मिक असहिष्णुता से जोड़ा, और स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज करने की मांग की।

कुछ यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह शख्स केवल सोशल मीडिया पर लाइक्स और ध्यान पाने के लिए ऐसा कर रहा था। एक यूजर (@AsawariJindal15) ने लिखा, “यह शख्स सिर्फ दो फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए ऐसा कर रहा था। स्टाफ और ग्राहकों ने उसे बाहर जाने को कहा, लेकिन वह बेशर्मी से चिकन खाता रहा।” इस घटना ने न केवल इस्कॉन के अनुयायियों, बल्कि सामान्य लोगों में भी गुस्सा पैदा किया, जो इसे सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों का अपमान मानते हैं।

  • इस्कॉन और गोविंदा रेस्टोरेंट

इस्कॉन, जिसे 1966 में ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद ने स्थापित किया था, एक वैश्विक आध्यात्मिक संगठन है, जो भगवद गीता और वैदिक शास्त्रों की शिक्षाओं पर आधारित है। यह संगठन कृष्ण भक्ति और शाकाहारी जीवनशैली को बढ़ावा देता है। गोविंदा रेस्टोरेंट, जो लंदन के इस्कॉन राधा-कृष्ण मंदिर का हिस्सा है, एक शुद्ध शाकाहारी रेस्टोरेंट है, जहां मांस, प्याज, और लहसुन तक नहीं परोसा जाता। यह स्थान न केवल भोजन के लिए, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए भी जाना जाता है, जहां भक्त और पर्यटक भगवान कृष्ण को अर्पित प्रसाद का आनंद लेते हैं।

इस रेस्टोरेंट में मांस खाना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि धार्मिक भावनाओं का भी अपमान माना जाता है। इस्कॉन के नियमों के अनुसार, उनके रेस्टोरेंट में केवल सात्विक भोजन परोसा जाता है, जो पवित्रता और भक्ति के सिद्धांतों पर आधारित होता है। इस घटना ने इस्कॉन समुदाय को गहरा आघात पहुंचाया है, और कई अनुयायियों ने इसे जानबूझकर किया गया अपमान बताया।

22 जुलाई 2025 तक, इस्कॉन लंदन की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रेस्टोरेंट स्टाफ ने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज करने की बात कही है। लंदन पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने मांग की है कि इस शख्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। कुछ लोगों का मानना है कि यह धार्मिक असहिष्णुता और नस्लवाद का मामला हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए और जांच की जरूरत है।

यह पहली बार नहीं है जब इस्कॉन से जुड़े स्थानों को निशाना बनाया गया है। हाल ही में, 2025 में, अमेरिका में एक इस्कॉन मंदिर पर गोलीबारी की घटना हुई थी, जिसके बाद भारत सरकार ने अमेरिकी प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की थी। इस तरह की घटनाएं धार्मिक स्थानों की सुरक्षा और सांस्कृतिक सम्मान के मुद्दे को और गंभीर बनाती हैं।

इस घटना ने सांस्कृतिक संवेदनशीलता और बहुसांस्कृतिक समाजों में आपसी सम्मान के महत्व पर बहस छेड़ दी है। लंदन जैसे शहर में, जहां विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के लोग एक साथ रहते हैं, इस तरह की हरकतें तनाव पैदा कर सकती हैं। कई लोगों ने इसे केवल एक शरारत से ज्यादा, धार्मिक भावनाओं का अपमान और हिंदू विरोधी कृत्य माना। कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि क्या यह शख्स किसी अन्य धार्मिक स्थान, जैसे मस्जिद या चर्च, में ऐसी हरकत करने की हिम्मत करता।

इस घटना ने यह भी दिखाया कि सोशल मीडिया आज के समय में सामाजिक मुद्दों को उजागर करने और लोगों की प्रतिक्रियाओं को सामने लाने का एक शक्तिशाली माध्यम है। हालांकि, यह भी सच है कि ऐसी घटनाएं धार्मिक और सांस्कृतिक विभाजन को बढ़ा सकती हैं, अगर इन्हें ठीक ढंग से नहीं संभाला गया।

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