व्हाइट हाउस के पास लाफायेट पार्क में आधी रात को अंधाधुंध फायरिंग, भीतर ही मौजूद थे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इलाके में मची भगदड़।
अमेरिकी राजधानी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र में रविवार तड़के करीब 12:00 बजे के बाद गोलियों की गूंज सुनाई दी। लाफायेट पार्क,
- गोलीबारी के वक्त भीतर ही मौजूद थे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर को घेरा
- सीक्रेट सर्विस ने शुरू की संदिग्ध वाहन और हमलावरों की तलाश, सीसीटीवी फुटेज से मिले अहम सुराग
अमेरिकी राजधानी के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र में रविवार तड़के करीब 12:00 बजे के बाद गोलियों की गूंज सुनाई दी। लाफायेट पार्क, जो व्हाइट हाउस के ठीक उत्तर में स्थित है और जहाँ से राष्ट्रपति के निवास का स्पष्ट दृश्य दिखाई देता है, वहां अचानक हुई इस फायरिंग ने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को अलर्ट मोड पर ला दिया। सीक्रेट सर्विस के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। गनीमत यह रही कि इस अचानक हुई घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन जिस तरह से दुनिया के सबसे सुरक्षित कार्यालय के इतने करीब हथियार चलाए गए, उसने प्रशासन की नींद उड़ा दी है।
घटना के समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के भीतर ही थे। वे इस सप्ताह के अंत में वाशिंगटन में ही रुके हुए थे और रविवार को उन्होंने ईस्टर के अवसर पर एक पारिवारिक डिनर की मेजबानी की थी। गोलीबारी की खबर मिलते ही राष्ट्रपति की सुरक्षा को और कड़ा कर दिया गया। हालांकि, सीक्रेट सर्विस ने बाद में जारी एक बयान में यह स्पष्ट किया कि व्हाइट हाउस के भीतर की गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रहीं और राष्ट्रपति की सुरक्षा को सीधे तौर पर कोई आंच नहीं आई। फिर भी, एक 'हाइटेनड सुरक्षा पोस्टर' यानी अत्यंत सतर्कता वाली स्थिति लागू कर दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
जांच एजेंसियों ने घटना के तुरंत बाद लाफायेट पार्क और उसके आसपास के सात एकड़ के क्षेत्र में गहन तलाशी अभियान चलाया। पुलिस और सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों ने पार्क के चप्पे-चप्पे की जांच की, लेकिन शुरुआती घंटों में मौके पर कोई संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला। सुरक्षा बल अब एक संदिग्ध वाहन और एक विशेष व्यक्ति (पर्सन ऑफ इंटरेस्ट) की तलाश कर रहे हैं, जो सीसीटीवी कैमरों में घटना के समय पार्क के पास देखा गया था। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि फुटेज के जरिए उस रास्ते का पता लगाया जा सकता है, जिससे हमलावर फरार हुए।गौरतलब है कि लाफायेट पार्क पिछले कई हफ्तों से बड़े पैमाने पर मरम्मत कार्य और रिनोवेशन के चलते फेंसिंग (बाड़) से घिरा हुआ है। वहां नए व्हाइट हाउस बॉलरूम के निर्माण के लिए बड़ी क्रेन और मशीनें तैनात हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि फेंसिंग की मौजूदगी के बावजूद फायरिंग होना यह दर्शाता है कि हमलावर ने जानबूझकर इस संवेदनशील समय और स्थान को चुना।
सुरक्षा बलों ने एहतियात के तौर पर 15th और 17th स्ट्रीट के बीच की H स्ट्रीट को यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया था। भारी हथियारों से लैस सीक्रेट सर्विस के एजेंट और मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग के अधिकारी सड़कों पर गश्त करते देखे गए। हालांकि सुबह करीब 8:30 बजे तक कुछ सड़कों को फिर से खोल दिया गया, लेकिन लाफायेट पार्क के आसपास का सुरक्षा घेरा अभी भी बेहद सख्त बना हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने को कहा है। इस घटना के पीछे के उद्देश्यों को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस और सीक्रेट सर्विस इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या यह किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा था या फिर किसी व्यक्तिगत रंजिश या असामाजिक तत्व की हरकत। अमेरिका में पिछले कुछ महीनों में व्हाइट हाउस के पास सुरक्षा उल्लंघनों की घटनाएं बढ़ी हैं, जिसमें पिछले साल नवंबर में हुई एक अन्य फायरिंग की घटना भी शामिल है। वर्तमान प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक अभेद्य बनाने पर विचार कर रहा है।
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