पवन खेड़ा के आरोपों पर रिंकी भुयान शर्मा का पलटवार, कहा- 'आपकी फोटोशॉप और AI जनरेशन में भी कमी रह गई'।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने रविवार (5 अप्रैल, 2026) को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बेहद
- तीन देशों के पासपोर्ट और दुबई में संपत्ति के दावे को बताया फर्जी, कांग्रेस नेता पर मानहानि का केस करेंगी सीएम की पत्नी
- असम चुनाव से पहले गहराया पासपोर्ट विवाद, हिमंत बिस्वा सरमा बोले- 48 घंटे के भीतर दर्ज कराएंगे क्रिमिनल केस
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने रविवार (5 अप्रैल, 2026) को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बेहद गंभीर आरोप लगाए। खेड़ा ने कुछ दस्तावेज दिखाते हुए दावा किया कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी रिंकी भुयान शर्मा के पास संयुक्त अरब अमीरात (UAE), मिस्र (Egypt) और एंटीगुआ एंड बारबुडा जैसे तीन देशों के वैध पासपोर्ट हैं। उन्होंने पासपोर्ट नंबर और जारी होने की तारीखों का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि एक भारतीय नागरिक के पास तीन-तीन विदेशी पासपोर्ट कैसे हो सकते हैं, जबकि भारत में दोहरी नागरिकता का कोई प्रावधान नहीं है। खेड़ा ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला बताते हुए चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की।
इन आरोपों के कुछ ही घंटों बाद रिंकी भुयान शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से पवन खेड़ा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने बयान में कहा कि एक राष्ट्रीय पार्टी के प्रवक्ता से उन्हें बुनियादी जांच (due diligence) की उम्मीद थी, न कि काल्पनिक पासपोर्ट और दस्तावेजों की फर्जी तस्वीरों को प्रसारित करने की। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि राहुल गांधी की 'तपस्या' की तरह ही पवन खेड़ा की 'फोटोशॉपिंग' और 'AI जनरेशन' की कला में भी भारी कमी रह गई है। रिंकी ने स्पष्ट किया कि वे इन झूठे आरोपों के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगी और बहुत जल्द आपराधिक और दीवानी मानहानि के मामले दर्ज कराएंगी।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी अपनी पत्नी का बचाव करते हुए कांग्रेस की इन कोशिशों को 'हताशा' का प्रतीक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर उन दस्तावेजों में मौजूद कई विसंगतियों को साझा किया, जो पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाए थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि दस्तावेजों में सरनेम की स्पेलिंग गलत है, बायोमेट्रिक इमेज मानकों के अनुरूप नहीं है और यूएई आईडी के सीक्वेंस में भी विसंगतियां हैं। उन्होंने इन सभी कागजों को 'डिजिटल हेरफेर' का नमूना बताते हुए खारिज कर दिया। मुख्यमंत्री ने चुनौती दी कि यदि जनता चाहे तो वे अपनी और अपनी पत्नी के पासपोर्ट सार्वजनिक मंच पर रखने को तैयार हैं।
क्या हैं पवन खेड़ा के प्रमुख दावे?
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि रिंकी भुयान शर्मा के पास 14 मार्च 2022 को जारी यूएई का पासपोर्ट, 26 अगस्त 2021 को जारी एंटीगुआ का पासपोर्ट और 13 फरवरी 2022 को जारी मिस्र का पासपोर्ट है। इसके अलावा उन्होंने दुबई में दो लग्जरी संपत्तियों के मालिकाना हक का भी दावा किया, जिन्हें कथित तौर पर मुख्यमंत्री के चुनावी हलफनामे में नहीं दिखाया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि असम में 9 अप्रैल 2026 को होने वाले मतदान से ठीक पहले इस तरह के आरोपों का सामने आना सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। कांग्रेस इस मुद्दे के जरिए मुख्यमंत्री की 'राष्ट्रवादी' छवि पर प्रहार करने की कोशिश कर रही है, विशेष रूप से यह सवाल उठाकर कि मुस्लिम देशों के प्रति सख्त रुख रखने वाले मुख्यमंत्री की पत्नी के पास उन्हीं देशों के पासपोर्ट कैसे हो सकते हैं। वहीं, भाजपा इसे कांग्रेस द्वारा चुनावों में अपनी हार सुनिश्चित देख 'चरित्र हनन' की राजनीति करार दे रही है। असम की राजनीति में इस समय यह पासपोर्ट विवाद सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनकर उभरा है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह साबित हो जाता है कि कांग्रेस नेता द्वारा दिखाए गए दस्तावेज फर्जी या टेंपर्ड (छेड़छाड़ किए हुए) थे, तो पवन खेड़ा को गंभीर कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। भारतीय दंड संहिता के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार करना और मानहानि करना दंडनीय अपराध है। रिंकी भुयान शर्मा ने पहले ही कह दिया है कि अब यह मामला अदालत में ही सुलझेगा। उन्होंने अपने वकीलों को कानूनी नोटिस तैयार करने के निर्देश दे दिए हैं। इस विवाद ने न केवल असम बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।
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