पटना के बहुचर्चित कोचिंग संस्थान गोलीबारी मामले में नया मोड़: खान सर के दो सुरक्षा गार्ड पुलिस हिरासत में, वीडियो साक्ष्य के आधार पर हुई बड़ी कार्रवाई।

बिहार की राजधानी पटना के सबसे बड़े शैक्षणिक केंद्र मुसल्लहपुर हाट क्षेत्र में स्थित एक प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान के बाहर हुई

Jun 5, 2026 - 15:34
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पटना के बहुचर्चित कोचिंग संस्थान गोलीबारी मामले में नया मोड़: खान सर के दो सुरक्षा गार्ड पुलिस हिरासत में, वीडियो साक्ष्य के आधार पर हुई बड़ी कार्रवाई।
पटना के बहुचर्चित कोचिंग संस्थान गोलीबारी मामले में नया मोड़: खान सर के दो सुरक्षा गार्ड पुलिस हिरासत में, वीडियो साक्ष्य के आधार पर हुई बड़ी कार्रवाई।
  • प्रतिद्वंद्विता और हिंसा के बीच पटना पुलिस का सख्त रुख: हवाई फायरिंग करने वाले सुरक्षाकर्मियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया, हथियार भी जब्त।
  • कोचिंग हब मुसल्लहपुर हाट में तनाव का माहौल: पुलिस की गहन पूछताछ के बाद सुरक्षाकर्मियों ने कबूली गोली चलाने की बात, संस्थान के भीतर भी हुई पड़ताल।

बिहार की राजधानी पटना के सबसे बड़े शैक्षणिक केंद्र मुसल्लहपुर हाट क्षेत्र में स्थित एक प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान के बाहर हुई हिंसक झड़प और गोलीबारी के मामले में स्थानीय पुलिस ने एक बहुत बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस पूरे प्रकरण में अप्रत्याशित मोड़ तब आया जब पुलिस प्रशासन ने मामले की गहराई से जांच करते हुए संस्थान के ही दो मुख्य सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार कर लिया। इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत दो जून की रात को हुई थी, जब संस्थान परिसर के बाहर जमकर पथराव, तोड़फोड़ और मारपीट की घटनाएं घटित हुई थीं। शुरुआत में इस घटना को केवल एकतरफा हमला माना जा रहा था, लेकिन सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए कुछ वीडियो फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के सामने आने के बाद पुलिसिया जांच का रुख पूरी तरह से बदल गया और सुरक्षाकर्मियों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

इस पूरे विवाद और हिंसक घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में दो बड़े और नामचीन कोचिंग संस्थानों के बीच की व्यावसायिक और अकादमिक प्रतिस्पर्धा को मुख्य वजह माना जा रहा है। हाल ही में घोषित हुए बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के परीक्षा परिणामों के बाद दोनों संस्थानों के बीच अपने-अपने छात्रों की सफलता को लेकर दावों और प्रतिदावों का दौर चल रहा था, जिसने धीरे-धीरे एक गंभीर तनाव का रूप ले लिया। दो जून की रात करीब सवा दस बजे लगभग पंद्रह से बीस असामाजिक तत्वों और युवकों की एक अनियंत्रित भीड़ ने मुसल्लहपुर हाट स्थित इस प्रमुख कोचिंग संस्थान के कार्यालय पर अचानक धावा बोल दिया। इस दौरान हमलावरों ने वहां लगे बड़े होर्डिंग्स, पोस्टरों और साइन बोर्ड को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया और परिसर के भीतर जमकर ईंट-पत्थर बरसाए, जिसमें संस्थान का एक अन्य गार्ड गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। घटना के तुरंत बाद स्थानीय कदमकुआं थाना क्षेत्र में संस्थान प्रबंधन की शिकायत पर एक मामला दर्ज किया गया था। इस पहली प्राथमिकी में हत्या के प्रयास, दंगा भड़काने, जानबूझकर संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, अवैध रूप से रास्ता रोकने, शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करने और आपराधिक साजिश रचने जैसी गंभीर कानूनन गैर-जमानती धाराएं लगाई गई थीं। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दूसरे प्रतिस्पर्धी कोचिंग संस्थान के निदेशक और उनके तीन सहयोगियों को अगले ही दिन गिरफ्तार कर बेऊर जेल भेज दिया था।

इस घटना के ठीक बाद पुलिस प्रशासन ने शुरुआती बयानों और स्थानीय स्तर पर की गई प्राथमिक जांच के आधार पर हवा में गोलीबारी होने की किसी भी बात से साफ इनकार कर दिया था। लेकिन इसके अगले ही दिन घटना स्थल पर मौजूद किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा अपने मोबाइल फोन से बनाया गया एक वीडियो क्लिप विभिन्न डिजिटल मंचों पर तेजी से प्रसारित होने लगा, जिसने प्रशासनिक दावों को पूरी तरह से पलट कर रख दिया। इस नए वीडियो फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा गया कि जब भीड़ ने संस्थान पर हमला किया, तो आत्मरक्षा या भीड़ को तितर-बितर करने के नाम पर संस्थान के दो वर्दीधारी सुरक्षाकर्मियों ने अपने पास मौजूद अत्यधिक शक्तिशाली हथियारों से हवा में कई राउंड गोलियां दागी थीं। इस वीडियो की प्रामाणिकता की जांच के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने तकनीकी और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली, जिसके बाद वीडियो को पूरी तरह से सही पाया गया।

वीडियो साक्ष्य के सत्यापन के बाद केंद्रीय पटना के नगर पुलिस अधीक्षक के कार्यालय से एक आधिकारिक वक्तव्य जारी किया गया, जिसमें बताया गया कि कानून को अपने हाथ में लेने और रिहायशी व शैक्षणिक क्षेत्र में इस तरह से खुलेआम फायरिंग करने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत मुसल्लहपुर हाट स्थित कोचिंग संस्थान के परिसर में दाखिल हुई और वीडियो में दिख रहे दोनों सुरक्षा गार्डों को हिरासत में ले लिया। स्थानीय थाने में लाकर दोनों सुरक्षाकर्मियों से लगभग तीन घंटे से भी अधिक समय तक सघन और कड़े दौर की पूछताछ की गई। इस लंबी पूछताछ के दौरान दोनों सुरक्षाकर्मियों ने भारी दबाव के बीच यह स्वीकार किया कि उन्होंने घटना वाली रात को उत्तेजित भीड़ के सामने कई चक्र गोलियां चलाई थीं, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।

सुरक्षाकर्मियों की इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके पास से घटना में प्रयुक्त दोनों लाइसेंसी हथियारों और बचे हुए कारतूसों को भी अपने कब्जे में ले लिया है। इन दोनों हथियारों को बैलिस्टिक और फोरेंसिक जांच के लिए राज्य की मुख्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में भेजा जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हालिया घटना में इन्हीं हथियारों से गोलियां चली थीं और इनका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड तो नहीं है। इसके साथ ही पुलिस की टीम ने कोचिंग संस्थान के मुख्य परिसर के भीतर जाकर वहां मौजूद वरिष्ठ प्रबंधकों और मुख्य शिक्षक से भी काफी देर तक बंद कमरे में बातचीत की और घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर उनके बयान दर्ज किए। इस प्रशासनिक कदम के बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है ताकि छात्रों और स्थानीय लोगों के बीच किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को बनने से रोका जा सके।

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