मात्र 50 रुपये के किफायती किराए में यात्री कर सकेंगे सीधे एयरपोर्ट तक का सफर, प्रदूषण मुक्त और आरामदायक यात्रा के लिए सड़कों पर उतरेंगी डबल-डेकर बसें।

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में स्थित नोएडा और ग्रेटर नोएडा के निवासियों के लिए सार्वजनिक परिवहन के

Jun 5, 2026 - 15:17
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मात्र 50 रुपये के किफायती किराए में यात्री कर सकेंगे सीधे एयरपोर्ट तक का सफर, प्रदूषण मुक्त और आरामदायक यात्रा के लिए सड़कों पर उतरेंगी डबल-डेकर बसें।
मात्र 50 रुपये के किफायती किराए में यात्री कर सकेंगे सीधे एयरपोर्ट तक का सफर, प्रदूषण मुक्त और आरामदायक यात्रा के लिए सड़कों पर उतरेंगी डबल-डेकर बसें।
  • नोएडा और ग्रेटर नोएडा के निवासियों के लिए जेवर एयरपोर्ट का सफर होगा बेहद सुगम, प्राधिकरण 15 जून से शुरू करने जा रहा है अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बस सेवा।
  • सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और निजी वाहनों पर निर्भरता घटाने के लिए पहले चरण में दौड़ेंगी 30 बसें, दिल्ली-गाजियाबाद रूटों को भी मिलेगा बड़ा फायदा।

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में स्थित नोएडा और ग्रेटर नोएडा के निवासियों के लिए सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में एक बेहद शानदार और बड़ी राहत देने वाली खबर सामने आई है। जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंचने की राह को बेहद आसान, सुलभ और किफायती बनाने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने अपनी कमर कस ली है। आगामी 15 जून से क्षेत्र में एक नई और अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बस सेवा की शुरुआत होने जा रही है, जो स्थानीय यात्रियों को विश्वस्तरीय यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी। इस सेवा के शुरू होने से न केवल एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा, बल्कि क्षेत्र के आम नागरिकों को भी आवागमन के लिए एक बेहतरीन और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प मिल जाएगा।

प्राधिकरण द्वारा तैयार की गई इस नई परिवहन योजना के तहत यात्रियों की जेब पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को बेहद कम करने का प्रयास किया गया है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक जाने वाले यात्रियों को अब महंगे कैब या निजी वाहनों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि इस रूट का अधिकतम किराया मात्र 50 रुपये निर्धारित किया गया है। इतनी कम कीमत में इतनी लंबी दूरी का सफर तय करना स्थानीय कामकाजी लोगों, पर्यटकों और रोजाना यात्रा करने वाले नागरिकों के लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। किफायती दर पर मिलने वाली यह सेवा निश्चित रूप से मध्यमवर्गीय परिवारों और बजट यात्रियों के लिए मील का पत्थर साबित होने वाली है।

इस पूरी बस सेवा की सबसे बड़ी और खास विशेषता इस रूट पर चलाई जाने वाली बसों की तकनीक और बनावट है। इस बेहद महत्वपूर्ण रूट पर आधुनिक और वातानुकूलित डबल-डेकर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा, जो देखने में जितनी आकर्षक हैं, सफर के लिहाज से उतनी ही आरामदायक और सुरक्षित भी हैं। इन बसों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक फीचर्स शामिल किए गए हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की इस मुहिम से न केवल यात्रियों को एक लग्जरी और अनोखा सफर का अहसास होगा, बल्कि यह कदम बढ़ते शहरी प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी बेहद मददगार साबित होगा।

एक नजर में मुख्य बिंदु:

शुरुआत की तारीख: 15 जून से सड़कों पर दौड़ेंगी बसें।

कुल बसों की संख्या: पहले चरण में कुल 30 इलेक्ट्रिक बसें शामिल।

जेवर एयरपोर्ट रूट: विशेष रूप से 10 डबल-डेकर बसें होंगी संचालित।

अधिकतम किराया: एयरपोर्ट तक के सफर के लिए मात्र 50 रुपये।

अन्य रूट: दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के आंतरिक हिस्सों से कनेक्टिविटी।

नोएडा प्राधिकरण ने इस पूरी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए पहले चरण की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं, जिसके तहत कुल 30 इलेक्ट्रिक बसों को सड़कों पर उतारने की योजना है। इस बेड़े के प्रबंधन को इस तरह से तैयार किया गया है कि एयरपोर्ट के साथ-साथ अन्य व्यस्त रूटों की मांग को भी आसानी से पूरा किया जा सके। इन 30 बसों के संचालन के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और डिपो से जुड़ी सभी तकनीकी औपचारिकताएं अंतिम चरण में हैं। प्राधिकरण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सेवा शुरू होने के बाद यात्रियों को किसी भी तरह की तकनीकी खराबी या बसों की कमी जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

रणनीतिक रूप से तैयार किए गए इस रूट प्लान के तहत कुल स्वीकृत 30 बसों में से 10 विशेष डबल-डेकर बसों को पूरी तरह से जेवर एयरपोर्ट रूट के लिए आरक्षित रखा गया है। यह बसें नोएडा और ग्रेटर नोएडा के विभिन्न प्रमुख सेक्टरों और चौराहों से होती हुई सीधे जेवर एयरपोर्ट परिसर तक पहुंचेंगी। हवाई सफर करने वाले यात्रियों को ध्यान में रखते हुए इन बसों की समय-सारणी को भी बेहद लचीला और सुविधाजनक बनाया जा रहा है ताकि विभिन्न उड़ानों के समय के अनुसार यात्रियों को बसें आसानी से उपलब्ध हो सकें। इन बसों में सामान रखने के लिए भी पर्याप्त और सुरक्षित जगह की व्यवस्था की गई है।

हवाई अड्डे के रूट के अलावा, शेष बची 20 इलेक्ट्रिक बसों को दिल्ली, गाजियाबाद और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अन्य प्रमुख व्यस्त मार्गों पर संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इस कदम से नोएडा से दिल्ली और गाजियाबाद आने-जाने वाले लाखों नौकरीपेशा लोगों और छात्रों को रोजाना होने वाली यातायात की समस्याओं से बड़ी राहत मिलेगी। इन रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों के चलने से मेट्रो स्टेशनों और प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों के बीच की कनेक्टिविटी काफी मजबूत होगी। यह बसें उन इलाकों को आपस में जोड़ेंगी जहां वर्तमान में सीधी और सस्ती सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का अभाव है।

नोएडा प्राधिकरण के प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस बेहद महत्वाकांक्षी इलेक्ट्रिक बस सेवा को शुरू करने के पीछे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है। सड़कों पर निजी वाहनों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम और उससे होने वाले वायु प्रदूषण की समस्या को दूर करने की दिशा में यह एक बेहद प्रभावी कदम है। जब नागरिकों को बेहद सस्ते किराए में सुरक्षित, वातानुकूलित और समय पर परिवहन सेवा मिलेगी, तो वे स्वाभाविक रूप से अपने निजी वाहनों को छोड़कर सार्वजनिक परिवहन का विकल्प चुनेंगे। इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को हासिल करने में बड़ी मदद मिलेगी।

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