रणवीर सिंह के 'डॉन 3' से पीछे हटने की खबरों से डगमगाया बड़ा प्रोजेक्ट, अधर में लटका कल्ट फ्रेंचाइजी का भविष्य।

भारतीय सिनेमा जगत में किसी भी कल्ट फ्रेंचाइजी या बड़े बजट की फिल्म की घोषणा के साथ ही दर्शकों और प्रशंसकों के

Jun 1, 2026 - 12:22
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रणवीर सिंह के 'डॉन 3' से पीछे हटने की खबरों से डगमगाया बड़ा प्रोजेक्ट, अधर में लटका कल्ट फ्रेंचाइजी का भविष्य।
रणवीर सिंह के 'डॉन 3' से पीछे हटने की खबरों से डगमगाया बड़ा प्रोजेक्ट, अधर में लटका कल्ट फ्रेंचाइजी का भविष्य।
  • सिनेमा इतिहास के वो महाप्रोजेक्ट्स जो घोषणा के बाद भी कभी नहीं पहुंच पाए बड़े पर्दे तक, मेगा बजट और सितारों की मौजूदगी भी रही नाकाम
  • 'डॉन 3' के संकट के बीच चर्चा में आईं बॉलीवुड की वो अधूरी ऐतिहासिक फिल्में, जो क्रिएटिव मतभेदों और बजट की कमी के कारण हुईं डिब्बाबंद

भारतीय सिनेमा जगत में किसी भी कल्ट फ्रेंचाइजी या बड़े बजट की फिल्म की घोषणा के साथ ही दर्शकों और प्रशंसकों के बीच एक जबरदस्त उत्साह का माहौल बन जाता है। हाल ही में इस तरह की हलचल तब देखी गई जब एक बेहद लोकप्रिय एक्शन थ्रिलर फ्रेंचाइजी के तीसरे भाग को लेकर नई स्टारकास्ट के साथ काम शुरू करने की तैयारी की जा रही थी। हालांकि, मुख्य अभिनेता रणवीर सिंह के इस प्रोजेक्ट से पीछे हटने की खबरों ने अचानक पूरी फिल्म के भविष्य पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। जब भी इस स्तर के किसी बड़े सिनेमाई प्रोजेक्ट से मुख्य चेहरा अलग होता है, तो पूरी निर्माण प्रक्रिया, प्री-प्रोडक्शन का काम और करोड़ों रुपये का निवेश अचानक संकट में पड़ जाता है, जिससे पूरी फिल्म के डिब्बाबंद होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है।

वैसे, बॉलीवुड के इतिहास पर नजर डाली जाए तो यह कोई पहला मौका नहीं है जब किसी महाप्रोजेक्ट की घोषणा के बाद काम बीच में ही रुक गया हो या फिल्म ठंडे बस्ते में चली गई हो। हिंदी सिनेमा में ऐसी कई मेगा बजट फिल्में रही हैं जिन्हें बनाने के लिए भव्य सेट लगाए गए, सितारों का चयन हुआ और यहां तक कि कुछ की शूटिंग भी शुरू हो गई, लेकिन वे कभी सिनेमाघरों तक नहीं पहुंच सकीं। इसमें एक सबसे बड़ा और ऐतिहासिक उदाहरण दिग्गज फिल्मकार शेखर कपूर की महात्वाकांक्षी फिल्म 'पानी' का माना जाता है, जिसमें दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मुख्य भूमिका में नजर आने वाले थे। यह फिल्म भविष्य की दुनिया और पानी के संकट पर आधारित एक बेहद अनूठा प्रोजेक्ट थी, लेकिन प्रोडक्शन हाउस के साथ बजट और क्रिएटिव मतभेदों के चलते यह कभी पूरी नहीं हो पाई।

इसी तरह भारतीय सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित अभिनेताओं में से एक, अमिताभ बच्चन के करियर का भी एक ऐसा ड्रीम प्रोजेक्ट था जो कभी बड़े पर्दे की रौनक नहीं बन सका, जिसका नाम 'ज़मानत' था। इस कोर्टरूम ड्रामा फिल्म का निर्देशन एस. रामनाथन कर रहे थे और इसकी शूटिंग नब्बे के दशक के मध्य में शुरू भी हो चुकी थी। फिल्म में अमिताभ बच्चन के साथ करिश्मा कपूर और अरशद वारसी जैसे कलाकार भी मुख्य भूमिकाओं में शामिल थे और फिल्म का एक बड़ा हिस्सा बनकर तैयार हो चुका था। इसके बावजूद, फिल्म के निर्माताओं के वित्तीय संकट में फंसने और कुछ अंदरूनी कानूनी अड़चनों के कारण इस बेहतरीन कहानी को कभी भी अंतिम रूप देकर दर्शकों के सामने पेश नहीं किया जा सकतां। बॉलीवुड के शोमैन कहे जाने वाले राज कपूर भी अपने जीवनकाल में 'हिसि विथ लव' नाम की एक बेहद भव्य फिल्म बनाना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने बड़े पैमाने पर पटकथा भी तैयार कर ली थी, लेकिन उनके आकस्मिक निधन के बाद यह प्रोजेक्ट हमेशा के लिए अधूरा रह गया।

इतिहास और पौराणिक कथाओं पर आधारित बड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर भी निर्देशकों का आकर्षण हमेशा से रहा है, लेकिन अक्सर ये फिल्में ही सबसे ज्यादा वित्तीय संकट का सामना करती हैं। निर्देशक करण जौहर का ड्रीम प्रोजेक्ट 'तख्त' इसका एक बहुत बड़ा उदाहरण है, जो कि मुगल काल के तख्तापलट और पारिवारिक संघर्षों की कहानी पर आधारित एक भव्य सिनेमाई अनुभव होने वाला था। इस फिल्म में रणवीर सिंह, करीना कपूर, आलिया भट्ट, विक्की कौशल और अनिल कपूर जैसे दिग्गजों की एक विशाल स्टारकास्ट को शामिल किया गया था। भव्य सेटों की तैयारी और किरदारों के लुक टेस्ट तक का काम पूरा होने के बाद भी, महामारी के दौर में उपजी गंभीर वित्तीय अनिश्चितताओं और बदलते सामाजिक-राजनैतिक परिदृश्यों के कारण इस विशालकाय बजट वाली फिल्म को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया।

सुपरस्टार सलमान खान के करियर में भी एक ऐसा दौर आया था जब वह निर्देशक सलीक चौधरी के साथ मिलकर एक बेहद अनोखी एक्शन-एडवेंचर फिल्म 'दिल है तुम्हारा' का हिस्सा बनने जा रहे थे। इस प्रोजेक्ट को लेकर नब्बे के दशक में काफी चर्चा थी और फिल्म के कुछ गानों की रिकॉर्डिंग भी पूरी कर ली गई थी, लेकिन किन्हीं अज्ञात कारणों और प्रोडक्शन से जुड़ी दिक्कतों की वजह से इसे बीच में ही बंद करना पड़ा। इसके अलावा, सलमान खान और संजय लीला भंसाली की जोड़ी भी सालों बाद फिल्म 'इंसाल्लाह' के जरिए एक बार फिर साथ आने वाली थी, जिसमें आलिया भट्ट मुख्य अभिनेत्री थीं। इस फिल्म की घोषणा ने पूरे उद्योग में तहलका मचा दिया था, परंतु शूटिंग शुरू होने के ठीक पहले निर्देशक और अभिनेता के बीच रचनात्मक विचारों में आए गहरे मतभेद के कारण यह प्रोजेक्ट पूरी तरह रद्द हो गया।

रोमांचक कहानियों और ऐतिहासिक फंतासी के शौकीनों के लिए राजकुमार संतोषी की फिल्म 'बैटल ऑफ सारागढ़ी' भी एक ऐसा अधूरा सपना रही है जो पूरा होते-होते रह गया। इस ऐतिहासिक युद्ध गाथा पर आधारित फिल्म में रणदीप हुड्डा मुख्य भूमिका निभा रहे थे और उन्होंने अपने किरदार के लिए सालों तक अपनी दाढ़ी और बाल भी बढ़ाए रखे थे। फिल्म की काफी शूटिंग भी पूरी कर ली गई थी, लेकिन इसी दौरान इसी समान विषय पर एक अन्य बड़े प्रोडक्शन हाउस ने अपनी फिल्म की घोषणा कर दी और उसे तेजी से बनाकर रिलीज भी कर दिया। इस व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा और अचानक पैदा हुए वित्तीय संकट के कारण रणदीप हुड्डा के अभिनय से सजी यह महात्वाकांक्षी फिल्म कभी पूरी नहीं हो सकी और ठंडे बस्ते में चली गई।

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