Agra Yamuna River Incident: आगरा में पिता पर एक साल की बेटी को यमुना में फेंकने का आरोप, पुलिस हिरासत में आरोपी
आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र स्थित यमुना पुल पर पिता द्वारा 1 साल की मासूम बेटी को नदी में फेंकने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया।

- आगरा के सिकंदरा में दर्दनाक घटना: यमुना पुल से मासूम बच्ची को नदी में फेंका, गोताखोरों की मदद से तलाश जारी
- आगरा में यमुना पुल पर दिल दहला देने वाली घटना: पिता पर एक साल की बच्ची को नदी में फेंकने का आरोप, हिरासत में युवक
- Agra News: सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक साल की बच्ची को यमुना में फेंकने का मामला, आरोपी पिता पुलिस हिरासत में
उत्तर प्रदेश के ताजनगरी आगरा में सिकंदरा थाना क्षेत्र स्थित अकबरा यमुना पुल पर शनिवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति पर अपनी करीब एक साल की मासूम बेटी को पुल से नीचे बहती यमुना नदी में फेंकने का गंभीर आरोप लगा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय आरोपी के साथ उसकी पत्नी भी मौजूद थी। मौके पर मौजूद राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए महिला को बचाया और भागने की कोशिश कर रहे आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना मिलते ही सिकंदरा थाना पुलिस और पीएसी के गोताखोर मौके पर पहुंचे और नदी में मासूम की तलाश के लिए सघन रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत अकबरा यमुना पुल पर शनिवार दोपहर यह दर्दनाक घटना घटी। प्राथमिक विवरण के मुताबिक, एक युवक अपनी मोटरसाइकिल पर पत्नी और एक वर्षीय मासूम बेटी के साथ पुल पर पहुंचा था।
आरोप है कि पुल के बीचों-बीच पहुंचकर उसने अचानक बाइक रोकी और अपनी गोद से मासूम बच्ची को उठाकर सीधे यमुना नदी में फेंक दिया। इसके उपरांत कथित तौर पर उसने अपनी पत्नी के साथ भी धक्का-मुक्की की और उसे नीचे गिराने का प्रयास किया। महिला के जोर-जोर से चिल्लाने और मदद की गुहार लगाने पर आसपास से गुजर रहे राहगीरों के कदम ठिठक गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला की चीख-पुकार सुनते ही पुल से गुजर रहे वाहन चालक और स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके की ओर दौड़े। लोगों ने साहस दिखाते हुए महिला को सुरक्षित अपनी ओर खींचा और नदी में गिरने से बचा लिया। इसके बाद वहां मौजूद भीड़ ने आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया।
घटना की सूचना तत्काल डायल 112 और सिकंदरा थाने को दी गई। कुछ ही देर में पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचा और स्थिति को संभाला। पुलिस ने आरोपी युवक को अपनी अभिरक्षा में लेकर थाने भेज दिया। वहीं दूसरी ओर, मासूम बच्ची को तलाशने के लिए स्थानीय गोताखोरों और प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) की जल पुलिस इकाई को सक्रिय किया गया। मानसून के चलते यमुना नदी में जलस्तर और तेज बहाव अधिक होने के कारण तलाश अभियान में बचाव दलों को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
आगरा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच और पूछताछ में घटना के पीछे पारिवारिक विवाद और गंभीर गृहक्लेश की बात सामने आ रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उसने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया।
महिला के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और उसके परिजनों को भी सूचना दे दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तहरीर मिलने के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित सुसंगत धाराओं के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस अत्यंत दुखद और अमानवीय घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और स्थानीय लोगों में गहरा रोष व्याप्त हो गया। पुल पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ।
यह मामला एक बार फिर पारिवारिक तनाव, मानसिक असंतुलन और घरेलू कलह के घातक परिणामों को उजागर करता है। स्थानीय नागरिकों और समाजशास्त्रियों का मानना है कि आपसी विवादों के बीच अबोध बच्चों का इस तरह शिकार होना समाज के लिए गहरी चिंता का विषय है।
पुलिस और प्रशासन की पहली प्राथमिकता यमुना नदी के तेज बहाव में मासूम बच्ची को खोजने पर टिकी है। गोताखोरों की टीमें मोटरबोट और जाल की मदद से नदी के डाउनस्ट्रीम इलाकों में सघन सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, पीड़िता की शिकायत और घटनास्थल से जुड़े सभी साक्ष्यों को एकत्र कर विधिक प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
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