Delhi Controversy: केंद्रीय मंत्री प्रवेश वर्मा पर थप्पड़ मारने का आरोप, पीड़ित ने सुनाई आपबीती; जानें क्या है पूरा मामला

दिल्ली में केंद्रीय मंत्री प्रवेश वर्मा द्वारा एक व्यक्ति को कथित रूप से थप्पड़ मारने के मामले में पीड़ित का बयान सामने आया है। पीड़ित ने अपनी बात रखने के दौरान हुई घटना का ब्योरा दिया है। पढ़ें पूरी खबर।

Sep 28, 2026 - 15:18
Sep 28, 2026 - 15:20
 0  2
Delhi Controversy: केंद्रीय मंत्री प्रवेश वर्मा पर थप्पड़ मारने का आरोप, पीड़ित ने सुनाई आपबीती; जानें क्या है पूरा मामला
  • प्रवेश वर्मा थप्पड़ विवाद: पीड़ित का छलका दर्द, कहा- 'समस्या बताने पहुंचा था, मिला थप्पड़'; सियासत गरमाई
  • Delhi News: जनसंवाद कार्यक्रम में हंगामा, नागरिक को थप्पड़ मारने के आरोप पर घिरे मंत्री प्रवेश वर्मा; विपक्ष हमलावर
  • प्रवेश वर्मा से जुड़ा थप्पड़ कांड: पीड़ित व्यक्ति का वीडियो बयान सामने आया, प्रशासनिक जांच और कार्रवाई की उठी मांग

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रवेश वर्मा द्वारा एक स्थानीय नागरिक को कथित रूप से थप्पड़ मारने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना से जुड़ा कथित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद अब पीड़ित व्यक्ति का विस्तृत बयान भी सामने आया है। पीड़ित ने मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर अपनी आपबीती साझा करते हुए आरोप लगाया है कि वह केवल अपने क्षेत्र की नागरिक समस्याओं को लेकर जनसंवाद में अपनी बात रखने पहुंचा था, लेकिन समाधान मिलने के बजाय उसके साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की गई। इस घटना के सामने आने के बाद दिल्ली के सियासी गलियारों में तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। विपक्षी दलों ने इसे सत्ता के अहंकार का उदाहरण बताते हुए मंत्री के इस्तीफे और पुलिस द्वारा आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की है। वहीं, मंत्री समर्थकों और पार्टी सूत्रों की ओर से इस पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित उकसावे की कार्रवाई बताया जा रहा है।

  • पीड़ित व्यक्ति का क्या है कहना?

मीडिया से बातचीत करते हुए पीड़ित व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम की सिलसिलेवार जानकारी दी। पीड़ित के अनुसार, क्षेत्र में जलभराव, सीवर ओवरफ्लो और सफाई व्यवस्था से जुड़ी लंबे समय से लंबित समस्याओं के निवारण के लिए जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

पीड़ित ने बताया, "हम अपने क्षेत्र की बुनियादी दिक्कतों को लेकर कई दिनों से परेशान थे। जब मंत्री जी वहां पहुंचे तो मैंने हाथ जोड़कर अपनी बात रखनी चाही। मैंने केवल इतना कहा था कि अधिकारी हमारी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं और जमीनी स्तर पर काम नहीं हो रहा है। मेरी बात पूरी भी नहीं हुई थी कि मंत्री जी आक्रोशित हो गए। उन्होंने मुझे चुप रहने को कहा और बिना किसी ठोस कारण के अचानक मुझे थप्पड़ मार दिया।"

पीड़ित का आरोप है कि थप्पड़ मारने के तुरंत बाद वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों और पार्टी समर्थकों ने उसे धक्का देकर कार्यक्रम स्थल से बाहर कर दिया। उसने कहा कि वह एक सामान्य नागरिक के तौर पर अपनी लोकतांत्रिक बात रखने गया था, किसी राजनीतिक दल का कार्यकर्ता बनकर नहीं। इस व्यवहार से वह और उसका परिवार मानसिक रूप से आहत महसूस कर रहे हैं।

  • घटना का कथित वीडियो और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया

यह पूरा विवाद तब सार्वजनिक हुआ जब घटना के कुछ ही घंटों बाद कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में जनसंवाद के दौरान गहमागहमी का माहौल दिखाई दे रहा है, जिसमें मंत्री एक व्यक्ति की ओर हाथ उठाते और सुरक्षाकर्मी उस व्यक्ति को पीछे खींचते नजर आ रहे हैं।

हालांकि, डिजिटल माध्यमों पर वीडियो के अलग-अलग क्लिप्स प्रसारित होने के बाद दोनों पक्षों के अपने-अपने तर्क हैं। वीडियो सामने आने के बाद नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से संयम व शालीनता बरतने की अपील की है।

इस विवाद ने दिल्ली की राजनीति में गरमाहट ला दी है। मुख्य विपक्षी दल आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और सत्तारूढ़ दल पर कड़ा प्रहार किया है। विपक्षी प्रवक्ताओं ने बयान जारी कर कहा कि एक केंद्रीय मंत्री द्वारा खुलेआम एक आम नागरिक पर हाथ उठाना लोकतंत्र और संवैधानिक मर्यादाओं का खुला उल्लंघन है। विपक्ष का कहना है कि जब जनता बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल पूछती है, तो सत्ताधारी नेता जवाबदेही तय करने के बजाय हिंसा और दबंगई पर उतर आते हैं। विपक्षी नेताओं ने दिल्ली पुलिस आयुक्त से मांग की है कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले में निष्पक्ष जांच कराई जाए और कानून सम्मत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।

दूसरी ओर, मंत्री प्रवेश वर्मा के करीबी सूत्रों और स्थानीय पार्टी पदाधिकारियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी सूत्रों का दावा है कि संबंधित व्यक्ति वास्तविक समस्या लेकर नहीं आया था, बल्कि वह कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न करने और माहौल खराब करने के उद्देश्य से मंच के करीब पहुंचा था। समर्थकों के अनुसार, व्यक्ति लगातार आक्रामक भाषा का प्रयोग कर रहा था और सुरक्षा घेरा तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा था। वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों और नेताओं ने केवल उसे रोकने और व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया था, जिसे जानबूझकर गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है।

दिल्ली पुलिस के स्थानीय अधिकारियों से जब इस संबंध में संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि घटना के संबंध में प्रारंभिक जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार, यदि पीड़ित व्यक्ति की ओर से कोई औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो कानूनी प्रावधानों और मौके की वीडियो फुटेज की सत्यता की जांच करने के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई तय की जाएगी।

फिलहाल, इस घटना ने दिल्ली के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में जनप्रतिनिधियों के आचरण और आम नागरिकों के संवाद के अधिकार को लेकर एक नई राष्ट्रीय बहस छेड़ दी है।

Also Read- Delhi SIR Voter List: आडवाणी, एस. जयशंकर और जगदीप धनखड़ को चुनाव आयोग का नोटिस, स्पेशल रिविजन में सामने आईं विसंगतियां

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow