Jashn-e-Inquilab: लुधियाना में बोले CM भगवंत मान- 'शहीद भगत सिंह के सपनों का रंगला और खुशहाल पंजाब बना रही हमारी सरकार'

लुधियाना के पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) में आयोजित 'जश्न-ए-इंकलाब' में सीएम भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार शहीद भगत सिंह के सपनों का पंजाब बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Sep 29, 2026 - 15:12
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Jashn-e-Inquilab: लुधियाना में बोले CM भगवंत मान- 'शहीद भगत सिंह के सपनों का रंगला और खुशहाल पंजाब बना रही हमारी सरकार'
  • PAU Ludhiana: पीएयू में 'जश्न-ए-इंकलाब' की गूंज, मुख्यमंत्री मान ने युवाओं से किया आह्वान- शहीदों के आदर्शों को जीवन में उतारें
  • शहीद भगत सिंह जयंती: पंजाब सरकार का संकल्प, युवाओं को रोजगार और नशामुक्त समाज देकर पूरा करेंगे आजादी के नायकों का सपना
  • Bhagwant Mann at Ludhiana: पीएयू में आयोजित युवा सम्मेलन में भावुक हुए सीएम मान, बोले- 'सरदार भगत सिंह की सोच ही हमारे शासन की दिशा'

लुधियाना: महान स्वतंत्रता सेनानी और देश के अमर क्रांतिकारी शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह की पावन जयंती के उपलक्ष्य में पंजाब सरकार द्वारा लुधियाना स्थित पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) के मुख्य परिसर में भव्य राज्य स्तरीय युवा उत्सव 'जश्न-ए-इंकलाब' का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक सम्मेलन में राज्य भर से पहुंचे हजारों छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों और युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार का प्रत्येक नीतिगत निर्णय शहीद भगत सिंह और स्वतंत्रता संग्राम के अनगिनत सेनानियों के वैचारिक सपनों को धरातल पर उतारने के लिए समर्पित है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के सात दशकों बाद भी जिस खुशहाल, आत्मनिर्भर, समतामूलक और शिक्षित समाज की परिकल्पना शहीदों ने की थी, वह अधूरी रह गई थी। उन्होंने संकल्प दोहराया कि आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब को फिर से 'रंगला पंजाब' बनाने की दिशा में दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रही है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल नारों तक सीमित रहने के बजाय शहीदों के प्रगतिशील विचारों, ज्ञान की खोज और सामाजिक न्याय की भावना को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं।

  • पीएयू परिसर में उमड़ा युवाओं का सैलाब

लुधियाना का पीएयू सभागार 'इंकलाब जिंदाबाद' और 'शहीद भगत सिंह अमर रहें' के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। समारोह में शिक्षा, साहित्य, कृषि अनुसंधान और खेल जगत से जुड़ी प्रमुख हस्तियों के अलावा राज्य भर के कॉलेजों व विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने मंच पर पहुंचकर सबसे पहले शहीद भगत सिंह के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि जब सरदार भगत सिंह ने देश की स्वाधीनता के लिए मात्र 23 वर्ष की आयु में फांसी का फंदा चूमा था, तब उनके मन में आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की स्पष्ट दृष्टि थी। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं के हाथों में डिग्रियां, कलम और नवाचार के औजार होने चाहिए, न कि निराशा और दिशाहीनता।

  • युवाओं के लिए पारदर्शी सरकारी नौकरियां और रोजगार सृजन

राज्य में युवाओं के भविष्य और रोजगार परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का ब्योरा रखा। उन्होंने कहा कि विगत ढाई वर्षों के भीतर सरकार ने बिना किसी सिफारिश, भ्रष्टाचार या जाति-धर्म के भेदभाव के 45,000 से अधिक मेधावी युवाओं को नियमित सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र प्रदान किए हैं।

उन्होंने कहा, "पहले प्रदेश में व्यवस्था ऐसी बना दी गई थी कि गरीब और किसान का बेटा अपनी योग्यता के बावजूद दफ्तरों के चक्कर काटने को विवश था। हमने उस दूषित तंत्र को जड़ से उखाड़ फेंका है। आज पुलिस, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और राजस्व विभागों में विशुद्ध योग्यता और निष्पक्ष लिखित परीक्षाओं के आधार पर नियुक्तियां हो रही हैं।" इसके साथ ही, उन्होंने बताया कि औद्योगिक निवेश और स्टार्टअप नीति के माध्यम से निजी क्षेत्र में भी लाखों रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं ताकि प्रदेश के युवाओं का विदेशों में होने वाला पलायन (ब्रेन ड्रेन) रुक सके।

  • नशे के खिलाफ निर्णायक जंग और खेल संस्कृति का पुनरुद्धार

मुख्यमंत्री ने पंजाब के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाने वाले नशे के अभिशाप पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह ने ऐसे समाज का सपना देखा था जहां शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत युवा राष्ट्र निर्माण की धुरी बनें।

उन्होंने कहा कि सरकार ने नशा तस्करों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई है। बड़े तस्करों की संपत्तियां कुर्क की जा रही हैं और कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त किया गया है। दूसरी ओर, युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए 'खेड़ां वतन पंजाब दियां' जैसे विशाल खेल आयोजनों के माध्यम से गांव-गांव में खेल नर्सरियां, आधुनिक जिम और स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं। जब युवा खेल के मैदानों में पसीना बहाएंगे, तो नशे और असामाजिक रास्तों की ओर उनका भटकाव स्वतः समाप्त हो जाएगा।

  • 'शिक्षा और स्वास्थ्य' व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार

शहीदों के सपनों को पूरा करने के लिए शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' की स्थापना की गई है, जहां आधुनिक प्रयोगशालाओं, स्मार्ट कक्षाओं और विशेषज्ञ शिक्षकों के जरिए सरकारी स्कूलों के बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मुफ्त प्रदान की जा रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य के सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का कायाकल्प करते हुए 'आम आदमी क्लीनिक' की श्रृंखला स्थापित की गई है, जहां आम नागरिकों को 80 से अधिक जांचें और दवाएं पूरी तरह नि:शुल्क मिल रही हैं। जब प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और गरिमापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी, तभी शहीदों का वास्तविक सम्मान सुनिश्चित होगा।

समारोह के समापन पर मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशा मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा का सामूहिक संकल्प दिलाया। इस दौरान पंजाब सरकार के कई कैबिनेट मंत्री, स्थानीय विधायक, पीएयू के कुलपति और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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