NTA Office Security: नीट पेपर लीक विवाद के बाद बड़ा फैसला, सीआईएसएफ के सख्त सुरक्षा घेरे में आएगा एनटीए का दिल्ली मुख्यालय
नीट और अन्य राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोपों के बाद केंद्र सरकार ने नई दिल्ली स्थित एनटीए मुख्यालय की सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को सौंपने का निर्णय लिया है।

- CISF Security for NTA: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के मुख्यालय पर तैनात होंगे सीआईएसएफ कमांडो, 2 से 3 महीने में पूरी होगी तैनाती प्रक्रिया
- NEET विवाद के बीच बड़ा प्रशासनिक कदम: दिल्ली स्थित NTA दफ्तर को मिलेगा CISF का सुरक्षा कवच, गृह मंत्रालय से मिली हरी झंडी
- NTA Delhi Office Security: संवेदनशील डेटा और परीक्षा संचालन को सुरक्षित करने की कवायद, दो से तीन माह में सुरक्षा संभालेगा सीआईएसएफ
नई दिल्ली: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) तथा अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और तकनीकी अनियमितताओं के विवादों के बाद केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली और अवसंरचनात्मक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। नई दिल्ली स्थित एनटीए के केंद्रीय कार्यालय परिसर की पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था अब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को सौंपी जाएगी।
गृह मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय के उच्च अधिकारियों के बीच हुई व्यापक समीक्षा बैठक के बाद इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी दे दी गई है। सुरक्षा तंत्र से जुड़े सूत्रों के अनुसार, सीआईएसएफ द्वारा किए जाने वाले विस्तृत सुरक्षा ऑडिट, तकनीकी उपकरणों की स्थापना और जवानों की औपचारिक तैनाती की संपूर्ण प्रक्रिया को अगले दो से तीन महीनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
- सुरक्षा व्यवस्था में बुनियादी बदलाव की आवश्यकता क्यों पड़ी?
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी देश की सबसे संवेदनशील और विशालकाय प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे नीट-यूजी, जेईई मेन, यूजीसी-नेट और सीयूईटी का आयोजन करती है। इन परीक्षाओं में हर वर्ष करोड़ों युवा शामिल होते हैं। हालिया महीनों में पेपर लीक के आरोपों, डेटा सुरक्षा पर उठे सवालों और देश भर में हुए छात्र प्रदर्शनों के चलते एनटीए का नई दिल्ली स्थित मुख्यालय लगातार चर्चा और विरोध का केंद्र बना रहा।
विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा दफ्तर के बाहर किए गए उग्र प्रदर्शनों, घेराव और सुरक्षा में सेंध की आशंकाओं को देखते हुए स्थानीय पुलिस के साथ-साथ एक केंद्रीय विशिष्ट बल की स्थाई मौजूदगी आवश्यक मानी जा रही थी। अब तक एनटीए कार्यालय की आंतरिक सुरक्षा निजी सुरक्षा एजेंसियों और दिल्ली पुलिस के जवानों के संयुक्त समन्वय से संभाली जाती थी, जिसे अब उच्च स्तरीय केंद्रीय सुरक्षा मानकों में बदला जा रहा है।
- सीआईएसएफ की तैनाती का दायरा और प्रक्रिया
सीआईएसएफ देश के महत्वपूर्ण रणनीतिक प्रतिष्ठानों, हवाई अड्डों, परमाणु ऊर्जा केंद्रों, अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्रों और प्रमुख सरकारी भवनों की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित अर्धसैनिक बल है। एनटीए मुख्यालय को सुरक्षा प्रदान करने की योजना के तहत कई चरणों में काम होगा:
व्यापक सुरक्षा ऑडिट (Threat Perception Analysis): सीआईएसएफ की विशेषज्ञ विंग सबसे पहले पूरे परिसर का आंतरिक और बाहरी सुरक्षा ऑडिट करेगी। इसमें प्रवेश और निकास द्वारों की संवेदनशीलता, बाउंड्री वॉल, सीसीटीवी कवरेज और डेटा सेंटर की सुरक्षा स्थिति की जांच शामिल है।
कंट्रोल रूम और तकनीकी निगरानी: परिसर में अत्याधुनिक बैगेज स्कैनर, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD), बायोमेट्रिक एंट्री सिस्टम और चौबीसों घंटे निगरानी रखने वाला सेंट्रलाइज्ड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जाएगा।
कमांडो और त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT): किसी भी अप्रत्याशित विरोध प्रदर्शन, कानून-व्यवस्था के संकट या अनाधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए परिसर के बाहर सीआईएसएफ की क्विक रिएक्शन टीम तैनात रहेगी।
अधिकारियों का अनुमान है कि बुनियादी ढांचे के नवीनीकरण और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को पूरा करने में कम से कम 60 से 90 दिनों का समय लगेगा, जिसके बाद बल औपचारिक रूप से परिसर को अपने नियंत्रण में ले लेगा।
- डेटा सेंटर और परीक्षा सामग्री की आंतरिक सुरक्षा पर विशेष जोर
एनटीए मुख्यालय में केवल प्रशासनिक कार्य ही नहीं होते, बल्कि यहीं से परीक्षाओं के डिजिटल सर्वर, संवेदनशील प्रश्नपत्र बैंकों का समन्वय और परिणाम तैयार करने की गोपनीय प्रक्रियाएं संचालित होती हैं। सीआईएसएफ के घेरे में आने के बाद कार्यालय के भीतर प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति चाहे वह अधिकारी हों, संविदा कर्मचारी हों या आगंतुक के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा जांच अनिवार्य होगी। विशेष रूप से सर्वर रूम और गोपनीय परीक्षा प्रभागों (Confidential Examination Wings) तक केवल अधिकृत पास धारकों को ही बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद जाने की अनुमति मिलेगी। इससे डिजिटल डेटा और गोपनीय दस्तावेजों के अनधिकृत उपयोग या लीक होने के जोखिम को पूरी तरह समाप्त किया जा सकेगा।
उल्लेखनीय है कि परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल करने और एनटीए के व्यापक पुनर्गठन के लिए केंद्र सरकार ने पूर्व इसरो प्रमुख डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। समिति ने अपनी अंतरिम समीक्षा में परीक्षा संचालन प्रक्रिया में तकनीकी सुधारों के साथ-साथ एजेंसी के मुख्यालय और डेटा केंद्रों की भौतिक सुरक्षा को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मजबूत करने की सिफारिश की थी। सीआईएसएफ को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपना इसी सुधार एजेंडे का एक प्रमुख हिस्सा माना जा रहा है, ताकि देश भर के लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता और सुरक्षा को लेकर विश्वास दोबारा कायम हो सके।
What's Your Reaction?

