मुंबई के मलाड में ट्यूशन शिक्षिका ने 8 साल के बच्चे का हाथ जलाया, गिरफ्तार। 

Mumbai News: मुंबई के मलाड पूर्व क्षेत्र में 28 जुलाई 2025 को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसमें एक निजी ट्यूशन शिक्षिका ने 8 साल के बच्चे....

Jul 31, 2025 - 12:36
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मुंबई के मलाड में ट्यूशन शिक्षिका ने 8 साल के बच्चे का हाथ जलाया, गिरफ्तार। 
मुंबई के मलाड में ट्यूशन शिक्षिका ने 8 साल के बच्चे का हाथ जलाया, गिरफ्तार। 

मुंबई के मलाड पूर्व क्षेत्र में 28 जुलाई 2025 को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसमें एक निजी ट्यूशन शिक्षिका ने 8 साल के बच्चे की खराब लिखावट के कारण उसके दाहिने हाथ को जलती मोमबत्ती से जला दिया। इस घटना ने स्थानीय लोगों और अभिभावकों में गुस्सा पैदा कर दिया। बच्चे के पिता की शिकायत पर कुरार पुलिस ने आरोपी शिक्षिका राजश्री राठोड को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में पता चला कि शिक्षिका पहले भी बच्चों को कठोर सजा देती रही है।

यह घटना मलाड पूर्व के जेपी डेक्स बिल्डिंग, फिल्म सिटी रोड, गोरेगांव में हुई, जहां राजश्री राठोड निजी ट्यूशन कक्षाएं चलाती थीं। पीड़ित बच्चा, मोहम्मद हमजा खान, लक्ष्मीधाम स्कूल में तीसरी कक्षा का छात्र है। वह हर शाम 7 बजे से 9 बजे तक राठोड के घर पर ट्यूशन के लिए जाता था। 28 जुलाई की शाम को, हमजा की बड़ी बहन रुबीना उसे ट्यूशन कक्षा में छोड़ने गई थी। राठोड ने रात 9 बजे के करीब हमजा के पिता, मुस्तकीन गुलाम रसूल खान, जो एक स्थानीय अंडा विक्रेता हैं, को फोन किया और कहा कि हमजा बहुत रो रहा है और उसे तुरंत ले जाया जाए।

मुस्तकीन ने अपनी बेटी रुबीना को भेजा, जो हमजा को लेने गई। जब रुबीना वहां पहुंची, तो उसने अपने भाई को रोते हुए पाया और उसके दाहिने हाथ पर जलने के निशान देखे। हमजा ने घर पहुंचकर अपने पिता को बताया कि शिक्षिका ने उसकी खराब लिखावट के कारण उसके हाथ को जलती मोमबत्ती पर रखकर सजा दी। बच्चे के हाथ पर बड़े-बड़े छाले पड़ गए थे, और वह दर्द से कराह रहा था। मुस्तकीन ने तुरंत हमजा को कांदिवली पश्चिम के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल ले जाया, जहां उसका इलाज किया गया।

  • पिता और शिक्षिका के बीच तीखी बहस

अस्पताल से लौटने के बाद, मुस्तकीन ने राजश्री राठोड से इस घटना के बारे में पूछताछ की। राठोड ने स्वीकार किया कि उन्होंने बच्चे को अनुशासन सिखाने के लिए उसके हाथ को मोमबत्ती पर रखा था। जब मुस्तकीन ने उनकी इस क्रूर सजा की आलोचना की, तो राठोड ने कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज की और अभद्र व्यवहार किया। गुस्साए मुस्तकीन ने तुरंत कुरार गांव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए राठोड को हिरासत में लिया और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 296 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 351(2) (बाल उत्पीड़न), और पॉक्सो अधिनियम की धारा 8 (यौन उत्पीड़न) और 12 (यौन उत्पीड़न के लिए सजा) के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने बच्चे का मेडिकल परीक्षण करवाया और उसकी गवाही दर्ज की। जांच में यह भी पता चला कि राठोड पहले भी बच्चों को कठोर और अमानवीय सजा देती थीं, जिसके बारे में स्थानीय अभिभावकों ने शिकायतें की थीं।

इस घटना ने मलाड और आसपास के क्षेत्रों में अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा किया। कई अभिभावकों ने बताया कि राठोड की ट्यूशन कक्षाओं में पहले भी बच्चों के साथ कठोर व्यवहार की शिकायतें सामने आई थीं। कुछ अभिभावकों ने दावा किया कि राठोड बच्चों को डराने के लिए डंडे और थप्पड़ जैसी सजाएं देती थीं, लेकिन इस बार उनकी क्रूरता ने सारी हदें पार कर दीं। एक अभिभावक ने कहा, “हम अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए भेजते हैं, न कि उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए। ऐसी शिक्षिका को सजा मिलनी चाहिए।”

स्थानीय लोगों ने निजी ट्यूशन सेंटरों पर सख्त नियम लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बिना लाइसेंस और उचित निगरानी के चलने वाले ट्यूशन सेंटर बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं। बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने भी इस मामले की कड़ी निंदा की और मांग की कि बच्चों के साथ इस तरह का व्यवहार करने वालों को कड़ी सजा दी जाए।

कुरार पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत राजश्री राठोड को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उपायुक्त (जोन 11) संदीप भार्गव ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि क्या राठोड ने अन्य बच्चों के साथ भी ऐसा व्यवहार किया है। पुलिस ने राठोड के घर और ट्यूशन सेंटर की तलाशी ली, जहां से जलती मोमबत्ती और अन्य सामान बरामद किए गए। बच्चे के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला मजबूत किया है।

पुलिस ने अन्य अभिभावकों और बच्चों से भी संपर्क किया, जो राठोड की कक्षाओं में पढ़ते थे, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या अन्य बच्चे भी इस तरह की सजा का शिकार हुए हैं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि राठोड का ट्यूशन सेंटर बिना उचित अनुमति के चल रहा था। पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों से बात करें और किसी भी संदिग्ध व्यवहार की जानकारी पुलिस को दें।

मोहम्मद हमजा खान इस घटना से शारीरिक और मानसिक रूप से आहत है। उसके दाहिने हाथ पर गंभीर जलन के निशान हैं, और डॉक्टरों ने बताया कि उसे पूरी तरह ठीक होने में समय लगेगा। हमजा के पिता मुस्तकीन ने कहा, “मेरा बेटा बहुत डर गया है। वह रात को सो नहीं पा रहा और बार-बार उस घटना को याद करता है। हम चाहते हैं कि ऐसी शिक्षिका को कड़ी सजा मिले, ताकि कोई और बच्चा इस तरह की यातना न झेले।” परिवार ने बच्चे को मनोवैज्ञानिक सहायता देने की भी योजना बनाई है, ताकि वह इस सदमे से उबर सके।

यह घटना बच्चों के साथ होने वाले शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न पर गंभीर सवाल उठाती है। भारत में निजी ट्यूशन सेंटरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इन पर कोई सख्त नियमन नहीं है। कई ट्यूशन सेंटर बिना लाइसेंस के चल रहे हैं, और शिक्षकों की योग्यता या व्यवहार की जांच नहीं होती। इस मामले ने सरकार और शिक्षा विभाग से निजी ट्यूशन सेंटरों के लिए सख्त नियम बनाने की मांग को तेज कर दिया है।

बाल अधिकार कार्यकर्ता शालिनी गुप्ता ने कहा, “यह घटना दर्शाती है कि हमें बच्चों की सुरक्षा के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है। ट्यूशन शिक्षकों को बच्चों के साथ व्यवहार करने का प्रशिक्षण देना चाहिए, और उनके सेंटरों की नियमित जांच होनी चाहिए।” कार्यकर्ताओं ने यह भी मांग की है कि बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों को पॉक्सो अधिनियम के तहत कड़ी सजा दी जाए।

राजश्री राठोड को 29 जुलाई 2025 को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने कोर्ट से अनुरोध किया कि राठोड की हिरासत बढ़ाई जाए, ताकि मामले की गहराई से जांच की जा सके। कोर्ट ने पुलिस को अन्य संभावित पीड़ितों की गवाही और सबूत इकट्ठा करने के लिए समय दिया। इस मामले की अगली सुनवाई जल्द ही होगी, और पुलिस को उम्मीद है कि वे राठोड के खिलाफ मजबूत सबूत पेश कर सकेंगे।

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