सीबीएसई 12वीं के छात्रों के लिए बड़ी राहत, आज से खुलेगा पुनर्मूल्यांकन पोर्टल, इस तरह करें घर बैठे ऑनलाइन आवेदन।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 12वीं की परीक्षाओं के परिणाम आने के बाद, जो छात्र अपने प्राप्तांकों से पूरी तरह संतुष्ट

Jun 1, 2026 - 12:30
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सीबीएसई 12वीं के छात्रों के लिए बड़ी राहत, आज से खुलेगा पुनर्मूल्यांकन पोर्टल, इस तरह करें घर बैठे ऑनलाइन आवेदन।
सीबीएसई 12वीं के छात्रों के लिए बड़ी राहत, आज से खुलेगा पुनर्मूल्यांकन पोर्टल, इस तरह करें घर बैठे ऑनलाइन आवेदन।
  • अंकों से असंतुष्ट छात्रों को मिला एक और मौका, आज से एक्टिव होगी री-इवैल्यूएशन की आधिकारिक विंडो, जानें क्या हैं नए नियम और फीस
  • केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने जारी किया 12वीं री-चेकिंग का पूरा शेड्यूल, घटती फीस के बीच इस प्रक्रिया से सुधरेंगे परीक्षा के नंबर

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 12वीं की परीक्षाओं के परिणाम आने के बाद, जो छात्र अपने प्राप्तांकों से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं, उनके लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर सामने आई है। बोर्ड द्वारा परीक्षा के बाद दी जाने वाली पोस्ट-रिजल्ट सेवाओं के तहत री-इवैल्यूएशन और अंक सत्यापन का आधिकारिक पोर्टल आज यानी 1 जून 2026 से लाइव किया जा रहा है। इस संबंध में प्रशासनिक स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं ताकि आवेदन करने वाले किसी भी छात्र को किसी तकनीकी समस्या का सामना न करना पड़े। परीक्षा में बैठने वाले लाखों विद्यार्थियों के लिए यह एक बेहद खास मौका है, जिसके जरिए वे अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच करवाकर अपने परीक्षा परिणामों को सुधार सकते हैं।

इस बार पुनर्मूल्यांकन और अंकों के सत्यापन की इस पूरी प्रक्रिया को तकनीकी रूप से अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से ही पोर्टल की शुरुआत की तारीख में थोड़ा बदलाव किया गया था। पहले जहां इस प्रक्रिया की शुरुआत मई के अंतिम सप्ताह में होनी प्रस्तावित थी, वहीं अब इसे पूरी तरह से सुव्यवस्थित करके आज से लाइव किया जा रहा है। बोर्ड के प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस बार इस डिजिटल व्यवस्था में विशेष सुरक्षा उपाय किए गए हैं ताकि छात्रों का डेटा और उनकी आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और बाधा रहित रहे। जो छात्र अपने किसी विषय के अंकों को लेकर संशय में हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी जरूरी क्रेडेंशियल्स दर्ज कर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

इस साल की व्यवस्था में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव छात्रों के हित में किया गया है, जो सीधे तौर पर उनकी जेब पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को कम करेगा। शिक्षा मंत्रालय के स्तर पर लिए गए नीतिगत निर्णय के अनुसार, इस वर्ष आवेदन शुल्क में भारी कटौती की गई है। पिछले वर्षों की तुलना में यह शुल्क करीब अस्सी प्रतिशत तक कम कर दिया गया है। जहां पहले छात्रों को उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करने और अंकों के सत्यापन के लिए एक बड़ी राशि का भुगतान करना पड़ता था, वहीं इस सत्र से अंकों के सत्यापन का शुल्क मात्र 100 रुपये प्रति विषय निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, यदि कोई छात्र किसी विशिष्ट प्रश्न के मूल्यांकन को चुनौती देना चाहता है, तो उसे केवल 25 रुपये प्रति प्रश्न की दर से शुल्क देना होगा, जो कि बेहद किफायती है। री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया में केवल वही छात्र भाग लेने के पात्र माने जाएंगे, जिन्होंने इससे पहले के तय चरणों को पूरा किया है। यानी जिन छात्रों ने मई महीने में निर्धारित विंडो के दौरान अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की डिजिटल स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए सफलतापूर्वक आवेदन किया था, वे ही इस मुख्य चरण में प्रश्नों को चुनौती देने के योग्य होंगे।

इस पूरी प्रक्रिया का एक और बेहद आधुनिक और आकर्षक पहलू यह है कि इस बार डिजिटल लॉकर सेवा के साथ इसका सीधा समन्वय किया गया है। इसका अर्थ यह है कि जिन छात्रों ने अपनी कॉपियों की मांग की थी, उन्हें उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की डिजिटल कॉपियां सीधे उनके पंजीकृत डिजिटल लॉकर खाते में उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही, जैसे ही पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होगी और यदि किसी छात्र के अंकों में कोई भी सकारात्मक सुधार या बदलाव होता है, तो उसकी संशोधित डिजिटल अंकतालिका भी तुरंत डिजिटल लॉकर पर अपडेट कर दी जाएगी। इस एकीकृत तकनीकी प्रयास से छात्रों को कागजी कार्रवाई और लंबे समय तक नतीजों का इंतजार करने की मानसिक परेशानी से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी।

आवेदन करने की ऑनलाइन विधि को बहुत ही सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है ताकि छात्र या उनके अभिभावक बिना किसी बाहरी मदद के इसे पूरा कर सकें। इसके लिए सबसे पहले बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के मुख्य होमपेज पर जाना होगा, जहां 'पोस्ट रिजल्ट एक्टिविटीज' या 'री-इवैल्यूएशन 2026' का सीधा लिंक दिखाई देगा। उस लिंक पर क्लिक करने के बाद छात्रों को अपना रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी बिल्कुल सही-सही दर्ज करनी होगी। लॉगिन करने के बाद, स्क्रीन पर उन विषयों की सूची आ जाएगी जिनकी स्कैन कॉपी छात्र को पहले मिल चुकी है। छात्र को उन प्रश्नों का चयन करना होगा जिन्हें वह चुनौती देना चाहता है, और फिर नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या यूपीआई के माध्यम से निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करके फॉर्म सबमिट करना होगा।

इस डिजिटल प्रणाली के अंतर्गत मुख्य रूप से तीन स्तरों पर काम किया जाता है, जिसमें टोटलिंग की त्रुटियां, अंकों को आगे न बढ़ाने की गलतियां और पूरी तरह से बिना जांचे छूटे हुए उत्तरों को शामिल किया जाता है। जब कोई छात्र किसी प्रश्न के मूल्यांकन पर आपत्ति दर्ज करता है, तो विषय विशेषज्ञों की एक विशेष समिति उस दावे की गहनता से समीक्षा करती है। यदि समीक्षा के दौरान छात्र का दावा सही पाया जाता है और उसके अंकों में बढ़ोतरी होती है, तो बोर्ड के नियमों के अनुसार उसके द्वारा जमा किया गया प्रश्न-वार शुल्क वापस यानी रिफंड भी कर दिया जाता है। हालांकि, छात्रों को यह बात भी ध्यान में रखनी होगी कि इस प्रक्रिया के बाद जो भी अंतिम परिणाम निकलकर सामने आएगा, चाहे अंक बढ़ें या घटें, वही पूरी तरह से अंतिम और बाध्यकारी माना जाएगा।

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