शादी की खुशियां सड़क पर बिखरी- महाराष्ट्र के सोलापुर में कार-ट्रक की आमने-सामने भिड़ंत से 5 की दर्दनाक मौत, नवविवाहित जोड़े पर टूटा काल का प्रकोप
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महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में सोमवार सुबह एक भयानक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियों को चंद पलों में राख कर दिया। तुलजापुर के प्रसिद्ध तुलजा भवानी मंदिर में दर्शन के लिए निकले सात सदस्यीय परिवार की कार ट्रक से आमने-सामने टकरा गई, जिसमें पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में नवविवाहित दंपति के माता-पिता और रिश्तेदार शामिल हैं, जबकि शादी के महज चार दिन बाद घायल हुए दूल्हा-दुल्हन की हालत गंभीर बनी हुई है। पंगरी गांव के पास जांभल्बेट पुल के निकट हुई यह दुर्घटना न केवल एक परिवार को बर्बाद कर गई, बल्कि महाराष्ट्र में सड़क सुरक्षा की लापरवाही पर फिर से सवाल खड़े कर दी। पुलिस ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है, जबकि परिवार के बाकी सदस्य सदमे में डूबे हुए हैं।
हादसा सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे सोलापुर-तुलजापुर मार्ग पर पंगरी गांव के पास जांभल्बेट पुल के निकट हुआ। परिवार बारसी तहसील के पंगरी गांव का निवासी था और तुलजा भवानी मंदिर में देवदर्शन के लिए निकला था। कार में सात लोग सवार थे नवविवाहित जोड़ा अनिकेत गौतम कांबले (28) और मेघना अनिकेत कांबले (26), अनिकेत के माता-पिता गौतम कांबले (55) और जया कांबले (52), मेघना के माता-पिता संजय वाघमारे (54) और सारिका वाघमारे (50), तथा एक अन्य महिला रिश्तेदार (48)। अनिकेत और मेघना की शादी 26 नवंबर को हुई थी, और यह उनका पहला संयुक्त पारिवारिक मंदिर भ्रमण था। खुशी से लबरेज परिवार की कार अचानक सामने आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक से टकरा गई। आमने-सामने की भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह मलबे में बदल गई।
मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने चीख-पुकार सुनकर दौड़ लगाई। उन्होंने गाड़ी के परखचे उखाड़कर यात्रियों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। गौतम कांबले, जया कांबले, संजय वाघमारे, सारिका वाघमारे और अन्य महिला रिश्तेदार की मौके पर ही मौत हो गई। चारों तरफ खून और मलबा बिखरा था, जबकि नवविवाहित जोड़े को गंभीर चोटें आईं। अनिकेत को सिर और छाती में गंभीर चोटें लगीं, जबकि मेघना को पैरों और सिर में फ्रैक्चर हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचना दी, और घायलों को बारसी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि दोनों की हालत नाजुक है, और उन्हें सोलापुर के जिला अस्पताल रेफर किया जा सकता है। पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया है, जो भी घायल है लेकिन जान बचा ली।
पुलिस जांच के अनुसार, हादसे का मुख्य कारण ट्रक चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार था। सड़क पर जांभल्बेट पुल के पास एक खतरनाक मोड़ है, जहां दृश्यता कम होती है। ट्रक बारसी से सोलापुर की ओर माल लादकर आ रहा था, जबकि कार तुलजापुर की दिशा में जा रही थी। दोनों वाहनों की स्पीड 80 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक बताई जा रही है। कार में सभी ने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी, जो मौतों को और गंभीर बना दिया। बारसी पुलिस स्टेशन के प्रभारी ने बताया कि वाहनों को जब्त कर लिया गया है, और फॉरेंसिक टीम मौके पर साक्ष्य संग्रह कर रही है। ट्रक चालक का बयान लिया जा रहा है, जिसमें वह दावा कर रहा है कि कार अचानक मोड़ पर फिसली। लेकिन सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों से सच्चाई सामने आएगी। मामला लापरवाही से मौत का दर्ज किया गया है, और चालान तैयार हो रहा है।
परिवार का दर्द अनकहा है। अनिकेत एक स्थानीय व्यापारी था, जो पंगरी में एक छोटी सी दुकान चलाता था। मेघना एक स्कूल शिक्षिका थीं, जिनकी शादी के बाद नई जिंदगी की शुरुआत हो रही थी। शादी के चार दिन बाद यह हादसा हुआ, जब पूरा परिवार मंदिर दर्शन के बहाने नई दुल्हन को आशीर्वाद दिलाने जा रहा था। बचे हुए रिश्तेदारों ने बताया कि अनिकेत और मेघना हनीमून की प्लानिंग कर रहे थे, लेकिन अब सब कुछ अधूरा रह गया। गौतम कांबले परिवार के मुखिया थे, जो रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी थे। जया गौतम की जीवनसंगिनी थीं, जो घर संभालती थीं। संजय वाघमारे एक किसान थे, जबकि सारिका घरेलू महिला। अन्य महिला रिश्तेदार अनिकेत की मौसी थीं। परिवार में अब सिर्फ दो बच्चे बचे हैं अनिकेत का छोटा भाई और मेघना की बहन जो सदमे में हैं। गांव में शोक की लहर है; पड़ोसी और रिश्तेदार शवों के अंतिम संस्कार के लिए जुटे। मृतकों के शवों का पोस्टमॉर्टम सोलापुर मेडिकल कॉलेज में हुआ, और शाम तक अंतिम संस्कार हो गया।
यह हादसा महाराष्ट्र में सड़क सुरक्षा की बदतर स्थिति को उजागर करता है। राज्य में प्रतिदिन औसतन 30 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें अधिकांश तेज रफ्तार, गड्ढों और लापरवाही से। सोलापुर जिले में ही पिछले एक वर्ष में 200 से अधिक हादसे हुए, जिनमें 150 से ज्यादा मौतें दर्ज की गईं। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण मार्गों पर पुलों और मोड़ों की मरम्मत न होना बड़ा खतरा है। जांभल्बेट पुल पर कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सुधार नहीं हुआ। ट्रक चालकों पर ओवरलोडिंग का बोझ और कार चालकों की सीट बेल्ट न पहनने की आदत मौतों को बढ़ावा दे रही है। सरकार ने सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया, लेकिन अमल जमीन पर नजर नहीं आता। विपक्ष ने राज्य सरकार पर निशाना साधा, कहा कि सड़कें टूटी हैं और ट्रैफिक नियमों का पालन कराने में विफलता है। सत्ताधारी पक्ष ने आश्वासन दिया कि जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी और परिवार को मुआवजा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने शोक संदेश जारी कर घायलों के इलाज का खर्च वहन करने का ऐलान किया।
घटना के बाद बारसी तहसील में शोक सभा हुई, जहां ग्रामीणों ने सड़क मरम्मत की मांग की। स्थानीय विधायक ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखा, जिसमें पुल के पास स्पीड ब्रेकर और साइन बोर्ड लगाने की बात कही। अनिकेत और मेघना के दोस्तों ने अस्पताल पहुंचकर हालचाल ली। डॉक्टरों ने बताया कि अनिकेत की सर्जरी हो चुकी है, लेकिन मेघना को वेंटिलेटर पर रखा गया है।
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