मेरठ CCS यूनिवर्सिटी हॉस्टल में पेट्रोल बम फोड़कर नाचे छात्र: वीडियो वायरल, 200 को नोटिस, कड़ी कार्रवाई का ऐलान।

उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के पंडित दीनदयाल उपाध्याय छात्रावास में 10 अक्टूबर 2025 की रात एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरे कैंपस में हड़कंप

Oct 13, 2025 - 11:41
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मेरठ CCS यूनिवर्सिटी हॉस्टल में पेट्रोल बम फोड़कर नाचे छात्र: वीडियो वायरल, 200 को नोटिस, कड़ी कार्रवाई का ऐलान।

उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के पंडित दीनदयाल उपाध्याय छात्रावास में 10 अक्टूबर 2025 की रात एक ऐसी घटना घटी, जिसने पूरे कैंपस में हड़कंप मचा दिया। छात्रों ने पॉलीथिन में पेट्रोल भरकर बम बनाए और उन्हें हॉस्टल के अंदर फोड़ दिया। धमाकों की आवाज से अफरा-तफरी मच गई। लेकिन आश्चर्यजनक रूप से, छात्रों ने इस दौरान नाच-गाना भी शुरू कर दिया। पूरा वीडियो छात्रों ने खुद रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए छात्रावास में रहने वाले 200 छात्रों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। दोषी छात्रों की पहचान के बाद कड़ी कार्रवाई का संकेत दिया गया है। यह घटना छात्र जीवन की बेकरारी और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रही है।

घटना की शुरुआत रात करीब 11 बजे हुई। पंडित दीनदयाल उपाध्याय छात्रावास विश्वविद्यालय का सबसे बड़ा हॉस्टल है, जहां सैकड़ों छात्र रहते हैं। ज्यादातर छात्र स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि कुछ छात्र पॉलीथिन बैग में पेट्रोल भरते हैं। फिर उसमें छोटी-मोटी वस्तुएं डालकर फ्यूज की तरह तार या कपड़ा बांधते हैं। आग लगाते ही जोरदार धमाका होता है। धुआं उड़ता है और चिंगारियां चारों ओर बिखर जाती हैं। लेकिन छात्र इससे घबराने के बजाय हंसते-खेलते नाचने लगते हैं। एक छात्र कैमरे की ओर मुस्कुराते हुए कहता है, देखो भाई, कितना मजा आ रहा है। वीडियो में करीब 20-25 छात्र दिख रहे हैं, जो जश्न मना रहे हैं। हॉस्टल के गलियारे में यह तमाशा चलता रहा। आसपास के छात्र जाग गए और कुछ ने डरकर बाहर भागने की कोशिश की। लेकिन कोई बड़ी चोट नहीं लगी।

वीडियो इंस्टाग्राम और फेसबुक पर तेजी से शेयर हुआ। टीवी9 हिंदी ने इसे सबसे पहले रिपोर्ट किया। वीडियो के कैप्शन में लिखा था, सीसीएसयू हॉस्टल में पटाखों का धमाल। लेकिन वास्तव में यह पटाखे नहीं, बल्कि घरेलू तरीके से बने पेट्रोल बम थे। टाइम्स नाउ नवभारत ने बताया कि छात्रों ने इसे दिवाली की पूर्व तैयारी बता रहे थे। लेकिन प्रशासन इसे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाला अपराध मान रहा है। अमर उजाला की रिपोर्ट में चीफ वार्डन प्रोफेसर दिनेश कुमार का बयान है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज से दोषियों की पहचान की जा रही है। छात्रावास से बाहर निकालने के साथ ही कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। नोटिस में साफ लिखा है कि 10 अक्टूबर की रात छात्रावास की संपत्ति को क्षति पहुंचाई गई। सभी छात्र 48 घंटे में जवाब दें।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत मीटिंग बुलाई। कुलपति की अगुवाई में प्रॉक्टर टीम ने जांच शुरू की। छात्रावास के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई। मेरठ के एसएसपी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो एफआईआर दर्ज होगी। लेकिन फिलहाल मामला कैंपस के अंदर ही सुलझाने की कोशिश है। छात्र संगठनों ने भी प्रतिक्रिया दी। एक छात्र नेता ने कहा कि यह शरारत थी, लेकिन हॉस्टल में सुविधाओं की कमी से छात्र बोर हो जाते हैं। जिम, स्पोर्ट्स ग्राउंड जैसी चीजें नहीं हैं। लेकिन अधिकांश छात्रों ने इसे गलत ठहराया। सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। एक यूजर ने लिखा, पढ़ाई के नाम पर आकर गुंडागर्दी। दूसरा बोला, युवाओं की ऊर्जा गलत दिशा में जा रही। वीडियो को लाखों व्यूज मिल चुके हैं।

यह घटना चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के इतिहास में नई नहीं है। 2023 में भी हॉस्टल में आग लगने का मामला सामने आया था। तब छात्रों ने मोमबत्ती से खेलते हुए आग लगाई थी। 2024 में मेस भोजन को लेकर हंगामा हुआ। लेकिन पेट्रोल बम जैसा खतरनाक कृत्य पहली बार हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रावासों में मनोरंजन की कमी से ऐसी शरारतें बढ़ रही हैं। काउंसलिंग सेंटर खोलने की जरूरत है। विश्वविद्यालय 1965 में स्थापित हुआ था। मेरठ से करीब 50 किलोमीटर दूर गंगानगर में फैला है। यहां 20 से ज्यादा हॉस्टल हैं। पंडित दीनदयाल वाला सबसे पुराना है। 500 से ज्यादा छात्र रहते हैं। ज्यादातर ग्रामीण इलाकों से आते हैं।

प्रशासन की कार्रवाई तेज है। नोटिस मिलने के बाद कई छात्रों ने सफाई दी। कुछ ने कहा कि यह मजाक था, कोई नुकसान नहीं हुआ। लेकिन वीडियो में दीवारों पर कालिख के निशान दिख रहे हैं। बिजली के तार खराब हो सकते हैं। अगर आग फैल जाती तो बड़ा हादसा हो जाता। प्रोफेसर दिनेश कुमार ने चेतावनी दी कि अगली बार जीरो टॉलरेंस। छात्रावास बंद करने का भी विकल्प है। माता-पिता को भी सूचना भेजी जा रही है। एक छात्र के पिता ने कहा, बेटा घर आ रहा है। पढ़ाई पर असर पड़ेगा। लेकिन सुधार होगा। विश्वविद्यालय ने हॉस्टल नियम सख्त करने का फैसला लिया। रात 10 बजे के बाद बाहर जाना बंद। गेस्ट आने पर रजिस्ट्रेशन जरूरी।

सोशल मीडिया ने इस घटना को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा दिया। हैशटैग सीसीएसयू हॉस्टल ड्रामा ट्रेंड कर रहा। लोग मीम्स बना रहे हैं। एक मीम में लिखा, पेट्रोल बम से एग्जाम पास करने की प्रैक्टिस। लेकिन गंभीरता यह है कि ऐसी घटनाएं छात्रों की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों में लगाएं। स्पोर्ट्स, डिबेट क्लब शुरू करें। मेरठ पुलिस ने विश्वविद्यालय से रिपोर्ट मांगी। अगर जरूरी तो जांच टीम भेजेंगे। फिलहाल शांति है। छात्र क्लास में लौट आए। लेकिन डर बाकी है। क्या दोषी बच जाएंगे।

यह घटना पूरे उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों के लिए सबक है। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी और इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में भी हॉस्टल विवाद होते रहते हैं। लेकिन हिंसा का सहारा लेना गलत। शिक्षा का मकसद ज्ञान देना है, न कि विनाश। प्रशासन ने जागरूकता सत्र आयोजित करने का ऐलान किया। छात्रों को बुलाकर समझाया जाएगा। पेट्रोल बम बनाना कानूनी अपराध है। एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत सजा हो सकती। लेकिन यहां मामला हल्का रखा जा रहा। उम्मीद है कि छात्र सुधर जाएंगे। वीडियो अब डिलीट हो रहा है। लेकिन यादें बाकी। मेरठ की ठंडी शामों में हॉस्टल अब सतर्क हैं।

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