बिहार के बक्सर में पेट्रोल पंप के समीप मोबिल गोदाम में भड़की भीषण आग, आसमान में उठा धुएं का गुबार

बिहार के बक्सर जिले से एक बेहद भयावह दुर्घटना की खबर सामने आ रही है, जिसने स्थानीय प्रशासन और आम नागरिकों के

Jun 8, 2026 - 11:40
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बिहार के बक्सर में पेट्रोल पंप के समीप मोबिल गोदाम में भड़की भीषण आग, आसमान में उठा धुएं का गुबार
बिहार के बक्सर में पेट्रोल पंप के समीप मोबिल गोदाम में भड़की भीषण आग, आसमान में उठा धुएं का गुबार
  • लाखों का लुब्रिकेंट और औद्योगिक तेल जलकर हुआ राख, पार्किंग में खड़ी पांच लग्जरी गाड़ियां भी हुईं पूरी तरह क्षतिग्रस्त
  • अग्निशमन विभाग की पांच गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया बेकाबू लपटों पर काबू, सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर जांच शुरू

बिहार के बक्सर जिले से एक बेहद भयावह दुर्घटना की खबर सामने आ रही है, जिसने स्थानीय प्रशासन और आम नागरिकों के बीच हड़कंप मचा दिया है। बक्सर जिला मुख्यालय अंतर्गत आईटीआई मोड़ के समीप संचालित एक प्रतिष्ठित पेट्रोल पंप परिसर के ठीक पीछे बने मोबिल और लुब्रिकेंट गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। रविवार की रात घटित हुई इस अप्रत्याशित घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया, क्योंकि आग की लपटें सीधे पेट्रोल पंप की मुख्य ईंधन डिस्पेंसिंग इकाइयों की ओर बढ़ने का खतरा पैदा कर रही थीं। गनीमत रही कि स्थानीय लोगों की सूझबूझ और दमकल कर्मियों की त्वरित सक्रियता के कारण आग को मुख्य पेट्रोल पंप तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया, जिससे एक बहुत बड़ा और विनाशकारी विस्फोट होने से टल गया। इस हादसे में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान या किसी नागरिक के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन व्यावसायिक संपत्ति को भारी क्षति पहुंची है।

यह भीषण अग्निकांड जिस परिसर में हुआ, वहां भारी मात्रा में अति-ज्वलनशील पदार्थ भंडारित किए गए थे, जिसके कारण आग ने बेहद कम समय में विकराल रूप धारण कर लिया। प्राथमिक रिपोर्टों के अनुसार, गोदाम के भीतर बड़ी मात्रा में औद्योगिक लुब्रिकेंट, मोबिल के डिब्बे और गियर ऑयल का स्टॉक रखा हुआ था, जो आग पकड़ते ही तेजी से धधक उठा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक मोबिल के डिब्बों में एक के बाद एक कई छोटे धमाके होने लगे, जिससे आग की लपटें कई फीट ऊपर तक उठने लगीं और आसपास का पूरा आसमान काले और घने धुएं के गुबार से पूरी तरह ढक गया। इस मोबिल गोदाम के ठीक बगल में एक प्लाईवुड का गोदाम भी स्थित था, जिसने इस आग को और अधिक भड़काने में ईंधन का काम किया और देखते ही देखते दोनों गोदाम पूरी तरह से आग की चपेट में आ गए।

इस दुर्घटना का सबसे बड़ा शिकार गोदाम के खुले परिसर में बनी पार्किंग बनी, जहां आसपास के स्थानीय निवासियों और प्रतिष्ठान से जुड़े लोगों के कई लग्जरी वाहन खड़े थे। मोबिल के डिब्बों में हुए विस्फोटों के बाद जलता हुआ तेल और लपटें सीधे इन वाहनों पर जा गिरीं, जिससे वहां खड़ी पांच गाड़ियां भीषण आग की चपेट में आ गईं। इनमें से तीन चार पहिया गाड़ियां पूरी तरह से जलकर लोहे के कंकाल में तब्दील हो गईं, जबकि दो अन्य वाहनों को आंशिक रूप से गंभीर नुकसान पहुंचा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस परिसर का उपयोग गाड़ियों की मरम्मत करने वाले सर्विस स्टेशन के रूप में भी किया जाता था, जिसके कारण रात के समय वहां कई कीमती गाड़ियां खड़ी की गई थीं, जिन्हें समय रहते वहां से हटाना मुमकिन नहीं हो सका। आधिकारिक सूत्रों और अग्निशमन विभाग द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस भीषण अग्निकांड में गोदाम के मालिक को भारी वित्तीय चोट पहुंची है। गोदाम के भीतर रखा लगभग पच्चीस लाख रुपये मूल्य का प्रीमियम मोबिल और लुब्रिकेंट स्टॉक पूरी तरह जलकर खाक हो गया है। इसके अतिरिक्त, पूरी तरह नष्ट हुए वाहनों की कीमत जोड़ने के बाद यह कुल नुकसान और भी अधिक होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

घटना की संवेदनशीलता और पेट्रोल पंप के समीप आग लगने की सूचना मिलते ही जिला अग्निशमन विभाग की टीम पूरी तरह से मुस्तैद हो गई। अपर जिला अग्निशमन पदाधिकारी के कुशल नेतृत्व में तुरंत कार्रवाई करते हुए एक-एक कर कुल पांच बड़ी दमकल गाड़ियों को घटना स्थल की ओर रवाना किया गया। चूंकि आग की लपटें अत्यधिक तेज थीं और हवा के कारण उनका रुख रिहायशी इलाके की तरफ हो रहा था, इसलिए दमकल कर्मियों को शुरुआत में स्थिति को नियंत्रित करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हालांकि, जलते हुए लुब्रिकेंट्स पर पानी के साथ-साथ विशेष रासायनिक झाग (फोम) का छिड़काव करने के बाद, लगभग एक घंटे की कड़ी और समन्वित मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया और उसे पूरी तरह बुझा दिया गया।

इस पूरे हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और अग्निशमन विभाग ने पेट्रोल पंप प्रबंधन और गोदाम मालिक के खिलाफ सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किए गए प्रारंभिक निरीक्षण में यह बात स्पष्ट रूप से सामने आई है कि व्यावसायिक प्रतिष्ठान के इस परिसर में अनिवार्य अग्नि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह से उल्लंघन किया जा रहा था। गोदाम के भीतर न तो आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) उपलब्ध थे और न ही रेत की बाल्टियां या पानी के छिड़काव की कोई स्वचालित प्रणाली लगाई गई थी। प्रशासन ने इस गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए मामले की एक विस्तृत और उच्च स्तरीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

इस अगलगी की घटना के कारणों को लेकर अभी भी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है, क्योंकि प्रारंभिक तौर पर इस परिसर में बिजली का कोई वैध या सक्रिय कनेक्शन मौजूद नहीं था। पुलिस और तकनीकी जांच टीमों का मानना है कि आग लगने की वजह या तो शॉर्ट सर्किट से पैदा हुई कोई चिंगारी हो सकती है जो पेट्रोल पंप के मुख्य हिस्से से आई हो, या फिर किसी मानवीय लापरवाही जैसे जलती हुई बीड़ी-सिगरेट के अवशेष फेंकने के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है। जांच दल वर्तमान में पेट्रोल पंप और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रहा है, ताकि उस सटीक समय और कारण का पता लगाया जा सके जब गोदाम के भीतर पहली बार चिंगारी भड़की थी।

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