दिल्ली सरकार ने शुरू किया 'मेगा टैलेंट हंट प्रोग्राम', प्रथम पुरस्कार जीतने वाले विजेता को मिलेंगे पूरे ढाई लाख रुपये
देश की राजधानी दिल्ली में रहने वाले और कला, संगीत, अभिनय या नृत्य के क्षेत्र में कुछ अनूठा कर गुजरने का जज्बा रखने
- देश की राजधानी के युवाओं के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का सबसे बड़ा मंच तैयार, हौसलों की उड़ान को लगेंगे नए पंख
- कला और संस्कृति के क्षेत्र में नाम कमाने का सुनहरा अवसर, डिजिटल आर्ट से लेकर अभिनय तक सात श्रेणियों में होगी प्रतियोगिता
देश की राजधानी दिल्ली में रहने वाले और कला, संगीत, अभिनय या नृत्य के क्षेत्र में कुछ अनूठा कर गुजरने का जज्बा रखने वाले युवाओं के लिए एक बेहद शानदार और बड़ा अवसर सामने आया है। दिल्ली सरकार द्वारा इस वर्ष युवाओं की छुपी हुई प्रतिभा को खोजने और उसे एक बेहतरीन मंच प्रदान करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना को 'हौसलों की उड़ान 2026-27' नाम दिया गया है, जिसके तहत दिल्ली के कोने-कोने से प्रतिभावान युवाओं की तलाश की जाएगी। इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले युवाओं को न केवल राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का मौका मिलेगा, बल्कि वे लाखों रुपये के नकद पुरस्कार भी जीत सकेंगे। सरकार ने इस पूरे कार्यक्रम को बेहद भव्य और पारदर्शी तरीके से आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की है ताकि झुग्गी-झोपड़ियों, गलियों और सामान्य कॉलोनियों में रहने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके।
इस योजना के तहत दिल्ली के युवाओं को विभिन्न रचनात्मक क्षेत्रों में अपना हुनर दिखाने के लिए आमंत्रित किया गया है। प्रतियोगिता को कुल सात अलग-अलग मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया गया है, ताकि हर प्रकार की कला को सही स्थान और सम्मान मिल सके। इन श्रेणियों में गायन, नृत्य, ललित कला, डिजिटल आर्ट, मूर्तिकला और मिट्टी के बर्तन बनाना, संगीत रचना, वाद्य संगीत और अभिनय तथा रंगमंच शामिल हैं। गायन की श्रेणी में शास्त्रीय, लोक और उप-शास्त्रीय संगीत को शामिल किया गया है, जबकि नृत्य श्रेणी में शास्त्रीय, लोक और समकालीन रूपों में भाग लिया जा सकता है। यह विविधता इस बात को सुनिश्चित करती है कि पारंपरिक लोक कलाओं से लेकर आधुनिक डिजिटल दौर की रचनात्मकता तक, सभी विधाओं के कलाकारों को एक ही छत के नीचे अपनी काबिलियत साबित करने का पूरा मौका मिले। इस मेगा टैलेंट हंट के लिए दिल्ली सरकार द्वारा कुल 10 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इस पूरी प्रतियोगिता के माध्यम से 25,000 से अधिक युवाओं के शामिल होने की उम्मीद है। विजेताओं को दी जाने वाली पुरस्कार राशि भी बेहद आकर्षक रखी गई है, जिसमें पहला स्थान प्राप्त करने वाले को 2.5 लाख रुपये, दूसरा स्थान पाने वाले को 2 लाख रुपये, तीसरे स्थान के लिए 1.5 लाख रुपये और चौथे स्थान के लिए 1 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
प्रतियोगिता की पूरी चयन प्रक्रिया को चार अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा ताकि किसी भी स्तर पर पारदर्शिता और गुणवत्ता से समझौता न हो। पहले चरण में इच्छुक उम्मीदवारों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण कराना होगा और अपनी कला का एक प्रारंभिक वीडियो या नमूना अपलोड करना होगा, जिसके बाद आवेदनों की स्क्रीनिंग करके शॉर्टलिस्टिंग की जाएगी। दूसरे चरण में दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करते हुए कुल 35 क्लस्टर-स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा, जहाँ से बेहतरीन कलाकारों का चयन अगले दौर के लिए होगा। तीसरे चरण में चार अलग-अलग जोनल स्तर की प्रतियोगिताएं होंगी, जहाँ कड़े मुकाबले के बाद सबसे बेहतरीन कलाकारों को राज्य स्तर के ग्रैंड फिनाले का टिकट मिलेगा। इस अंतिम चरण में कुल 28 फाइनलिस्ट खिलाड़ी पहुंचेंगे, जिनके बीच अगस्त के महीने में एक बेहद भव्य मंच पर खिताबी मुकाबला खेला जाएगा।
इस प्रतियोगिता का हिस्सा बनने के लिए आयु सीमा और पात्रता के कुछ नियम भी निर्धारित किए गए हैं, जिनका पालन करना हर आवेदक के लिए अनिवार्य है। दिल्ली में रहने वाले ऐसे युवा जिनकी उम्र 16 वर्ष से लेकर 35 वर्ष के बीच है, वे इस सुनहरे मौके का लाभ उठा सकते हैं। आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से निशुल्क रखा गया है ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं पर किसी भी प्रकार का वित्तीय बोझ न पड़े और वे बिना किसी संकोच के अपनी कला का प्रदर्शन कर सकें। पंजीकरण करने के लिए एक समर्पित आधिकारिक वेबसाइट भी जारी की गई है, जहाँ जाकर युवा अपनी व्यक्तिगत जानकारी और अपनी कला की श्रेणी का चयन करके आसानी से अपना फॉर्म भर सकते हैं। इस पोर्टल पर प्रतियोगिता से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट और नियमों की विस्तृत जानकारी भी समय-समय पर उपलब्ध कराई जा रही है।
कलाकारों के मूल्यांकन और विजेताओं के चयन के लिए जो पैमाना तैयार किया गया है, वह बेहद आधुनिक और संतुलित है। विजेताओं का फैसला केवल किसी एक माध्यम से न होकर जनता की पसंद और कला क्षेत्र के दिग्गजों की राय के मेल से किया जाएगा। कुल मूल्यांकन प्रक्रिया में 25 प्रतिशत का महत्व ऑनलाइन पब्लिक वोटिंग को दिया गया है, यानी दिल्ली की जनता खुद अपने पसंदीदा कलाकार को वोट देकर आगे बढ़ा सकेगी। इसके अलावा शेष 75 प्रतिशत का सबसे बड़ा हिस्सा एक विशेषज्ञ जूरी के मूल्यांकन पर निर्भर करेगा, जिसमें कला, संगीत, रंगमंच और संस्कृति के क्षेत्र से जुड़े देश के प्रतिष्ठित और अनुभवी पेशेवर शामिल होंगे। अगस्त में होने वाले इस प्रतियोगिता के ग्रैंड फिनाले को एक उत्सव की तरह मनाने की तैयारी है, जिसमें देश की बड़ी फिल्मी हस्तियों और मशहूर कलाकारों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
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