मोरबी-हलवद हाईवे पर दिल दहला देने वाला हादसा- घायल दोस्त को अस्पताल ले जा रहे रणछोड़गढ़ के 5 युवकों की दर्दनाक मौत
गुजरात के मोरबी-हलवद हाईवे पर बीती रात एक ऐसा दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जिसने न केवल पूरे प्रशासनिक
- तेज रफ्तार कार और डंपर की भीषण भिड़ंत में उड़े गाड़ी के परखच्चे, दो युवकों की हालत बेहद नाजुक
- मदद की भावना बनी काल का ग्रास: एक ही गांव के पांच चिराग बुझने से पूरे इलाके में पसरा मातम
गुजरात के मोरबी-हलवद हाईवे पर बीती रात एक ऐसा दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जिसने न केवल पूरे प्रशासनिक अमले को हिलाकर रख दिया है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी झकझोर दिया है। यह दुर्घटना महज एक सामान्य सड़क हादसा नहीं है, बल्कि इसके पीछे अपनों को बचाने की एक बेहद भावुक और दुखद दास्तान छिपी हुई है। हलवद तालुका के चरड़वा गांव के बाहरी इलाके में घटित इस वीभत्स घटना में एक ही गांव के पांच होनहार युवकों की अकाल मृत्यु हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भयानक थी कि कार सीधे डंपर के निचले हिस्से में जा घुसी और उसके लोहे के टुकड़े-टुकड़े हो गए। चीख-पुकार सुनकर दौड़े स्थानीय लोगों ने जब कार के भीतर का मंजर देखा, तो हर किसी की रूह कांप उठी।
इस दिल दहला देने वाले हादसे की शुरुआत एक अन्य छोटी सड़क दुर्घटना से हुई थी, जो बाद में एक बड़े सामूहिक काल का कारण बन गई। दरअसल, रणछोड़गढ़ गांव के रहने वाले दिलीप दहैया का २४ वर्षीय बेटा परेश हलवद तालुका के ही मानसर गांव के पास से अपनी मोटरसाइकिल से गुजर रहा था। अचानक संतुलन बिगड़ने की वजह से उसकी बाइक सड़क पर पलट गई और परेश को बेहद गंभीर चोटें आईं। इस बात की जानकारी जैसे ही रणछोड़गढ़ गांव में उसके दोस्तों और परिजनों को मिली, गांव में हड़कंप मच गया। परेश की जान बचाने के लिए गांव के ही कुछ उत्साही और मददगार युवक तुरंत इकट्ठा हुए। उन्होंने बिना एक पल गंवाए अपनी कार निकाली और घायल परेश को तड़पता देख उसे जल्द से जल्द बड़े अस्पताल पहुंचाने के लिए गाड़ी में बैठाया और हाईवे की तरफ दौड़ पड़े।
रात के तकरीबन ९:३० बजे का समय था और चारों तरफ अंधेरा छाया हुआ था। कार सवार युवक अपने घायल साथी की गंभीर हालत को देखते हुए बेहद तनाव और जल्दबाजी में थे, ताकि समय रहते उसे डॉक्टर के पास पहुंचाया जा सके और उसकी सांसें बचाई जा सकें। जैसे ही उनकी तेज रफ्तार कार चरड़वा गांव की सीमा में दाखिल हुई, वहां स्थित एक पेट्रोल पंप के ठीक सामने एक औद्योगिक फैक्ट्री के गेट से एक भारी-भरकम डंपर अचानक मुख्य हाईवे की तरफ मुड़ गया। डंपर चालक ने बिना किसी सूझबूझ और बिना पीछे आ रहे वाहनों को देखे अचानक गाड़ी को मोड़ दिया। हालांकि, कार चालक ने अंतिम क्षणों में गाड़ी को नियंत्रित करने और मोड़ने का पूरा प्रयास किया, लेकिन अस्पताल पहुंचने की जल्दी और दोनों वाहनों की अत्यधिक गति के कारण यह भीषण टक्कर टल नहीं सकी।
टक्कर इतनी जोरदार और भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह से डंपर के नीचे फंस गया, जिससे कार की छत और दरवाजे पिचक कर आपस में चिपक गए। कार के भीतर बैठे लोग लोहे की मजबूत चादरों के बीच बुरी तरह कुचल गए और उन्हें हिलने-डुलने तक का मौका नहीं मिला। रात के सन्नाटे में हुए इस जोरदार धमाके की आवाज सुनकर पेट्रोल पंप के कर्मचारी और आस-पास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की तरफ भागे। कार की ऐसी दुर्दशा हो चुकी थी कि सामान्य तरीकों से उसमें फंसे घायल लोगों को बाहर निकालना पूरी तरह असंभव था। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और पास ही मौजूद एक जेसीबी मशीन को मौके पर बुलवाया। जेसीबी की मदद से कार की लोहे की बॉडी को कटर से काटा गया और भारी मशक्कत के बाद फंसे हुए लोगों को एक-एक कर बाहर निकाला गया।
इस दिल दहला देने वाले सड़क हादसे ने रणछोड़गढ़ गांव के कुल पांच घरों के चिरागों को हमेशा के लिए बुझा दिया है। दुर्घटना के तुरंत बाद मौके पर ही तीन युवकों ने दम तोड़ दिया था, जिनकी चोटें इतनी गंभीर थीं कि उन्हें प्राथमिक उपचार का मौका भी नहीं मिला। वहीं, अन्य चार घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान दो और युवकों ने दम तोड़ दिया। इस हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों की पहचान ४५ वर्षीय सुरेश सिहोरा, २८ वर्षीय वीरम दहैया, २४ वर्षीय परेश दहैया, प्रेमजी दहैया और भरत दहैया के रूप में हुई है। इसके अलावा, हादसे में बचे दो अन्य युवक प्रकाश दहैया और दिलीप दहैया वर्तमान में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। उनकी अत्यंत नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें मोरबी और राजकोट के उच्च स्तरीय अस्पतालों में रेफर किया है, जहां उनका सघन उपचार जारी है।
हादसे की सूचना मिलते ही हलवद तालुका पुलिस स्टेशन का एक बड़ा काफिला और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से स्थिति को संभाला और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटाकर यातायात को सुचारू रूप से बहाल कराया। पुलिस प्रशासन ने पांचों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फैक्ट्रियों से निकलने वाले भारी वाहनों की लापरवाही और तेज गति को लेकर मामला दर्ज करने की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फरार डंपर चालक की तलाश के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है और घटना की गहराई से जांच की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह के ब्लैक स्पॉट्स पर दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
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