पुणे रेव पार्टी पर छापा- एकनाथ खडसे के दामाद प्रांजल खेवलकर सहित सात गिरफ्तार, एकनाथ खडसे ने कहा, "अगर मेरा दामाद दोषी पाया जाता है, तो मैं...

Trending News: पुणे के खराडी इलाके में 27 जुलाई 2025 की देर रात महाराष्ट्र पुलिस ने एक रेव पार्टी पर छापा मारकर सात लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें....

Jul 29, 2025 - 11:35
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पुणे रेव पार्टी पर छापा- एकनाथ खडसे के दामाद प्रांजल खेवलकर सहित सात गिरफ्तार, एकनाथ खडसे ने कहा, "अगर मेरा दामाद दोषी पाया जाता है, तो मैं...
पुणे रेव पार्टी पर छापा- एकनाथ खडसे के दामाद प्रांजल खेवलकर सहित सात गिरफ्तार, एकनाथ खडसे ने कहा, "अगर मेरा दामाद दोषी पाया जाता है, तो मैं...

पुणे के खराडी इलाके में 27 जुलाई 2025 की देर रात महाराष्ट्र पुलिस ने एक रेव पार्टी पर छापा मारकर सात लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के नेता एकनाथ खडसे के दामाद प्रांजल खेवलकर भी शामिल हैं। इस छापेमारी में पुलिस ने कोकेन, गांजा, शराब, हुक्का और अन्य नशीले पदार्थ जब्त किए, जिनकी कुल कीमत लगभग 41.35 लाख रुपये बताई गई है। इस घटना ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि खडसे और विपक्षी नेताओं ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है। एकनाथ खडसे ने कहा, "अगर मेरा दामाद दोषी पाया जाता है, तो मैं उसे नहीं बचाऊंगा, लेकिन अगर यह साजिश है, तो मैं किसी को नहीं छोडूंगा।" यह मामला जलगांव के दो बड़े नेताओं, खडसे और बीजेपी के मंत्री गिरीश महाजन के बीच चल रहे विवाद से भी जुड़ा हुआ है।

पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच को शनिवार देर रात खराडी के एक आलीशान स्टूडियो अपार्टमेंट में रेव पार्टी होने की सूचना मिली। यह अपार्टमेंट पुणे-अहमदनगर राजमार्ग के पास "स्टे बर्ड" नामक लग्जरी गेस्टहाउस में था, जिसे एयरबीएनबी के जरिए बुक किया गया था। पुलिस ने रविवार तड़के करीब 3:30 बजे छापा मारा और वहां मौजूद सात लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें प्रांजल खेवलकर, उनकी पत्नी और खडसे की बेटी रोहिणी खडसे के पति, शामिल थे। रोहिणी खडसे एनसीपी (शरद पवार) की महिला शाखा की प्रदेश अध्यक्ष हैं।

पुलिस ने छापेमारी के दौरान 2.7 ग्राम कोकेन जैसा पदार्थ, 70 ग्राम गांजा, हुक्का सेट, विभिन्न हुक्का फ्लेवर, शराब की बोतलें, 10 मोबाइल फोन, दो कारें, एक लैपटॉप, तीन पेन ड्राइव और एक हार्ड डिस्क जब्त की। जब्त सामान की कीमत लगभग 41.35 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने सभी सात आरोपियों के खून के नमूने फोरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने नशीले पदार्थों का सेवन किया था या नहीं।

गिरफ्तार अन्य लोगों में निखिल पोपटानी (35, सिगरेट व्यापारी, हडपसर), समीर सय्यद (41, हार्डवेयर व्यवसायी, एनआईबीएम रोड), श्रीपद यादव (27, बिल्डर, अकुर्डी), सचिन भोंबे (42, वाघोली), ईशा सिंह (22, औंध) और प्राची शर्मा (23, महालुंगे) शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि प्रांजल खेवलकर ने शुक्रवार से रविवार तक के लिए अपार्टमेंट में तीन सुइट्स बुक किए थे।

पुलिस ने खराडी पुलिस स्टेशन में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट की धारा 8(सी), 21(बी), 22(बी)(ii)(ए), और 27 और सिगरेट्स एंड अदर टोबैको प्रोडक्ट्स एक्ट (सीओटीपीए) की धारा 7(2) और 20(2) के तहत मामला दर्ज किया। सभी सात आरोपियों को रविवार को पुणे की एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां मजिस्ट्रेट एन.एस. बारी ने उन्हें 29 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया। अभियोजन पक्ष ने सात दिन की हिरासत मांगी थी ताकि ड्रग्स की सप्लाई चेन और संभावित अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क की जांच की जा सके।

प्रांजल खेवलकर के वकील विजयसिंह ठोंबरे ने अदालत में दावा किया कि यह गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी सादी वर्दी में पुलिस ने उनके मुवक्किल को फंसाने की कोशिश की थी, और इसके सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं। हालांकि, अदालत ने पुलिस हिरासत दी, लेकिन कहा कि अवैध गिरफ्तारी की शिकायतों की बाद में समीक्षा की जाएगी।

  • एकनाथ खडसे की प्रतिक्रिया

एनसीपी (शरद पवार) के वरिष्ठ नेता और पूर्व महाराष्ट्र मंत्री एकनाथ खडसे ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा, "मैंने अभी तक अपने दामाद से बात नहीं की है और मुझे इस घटना की जानकारी केवल मीडिया के जरिए मिली है। अगर वह दोषी पाया जाता है, तो मैं उसका समर्थन नहीं करूंगा। लेकिन अगर यह साजिश है, तो मैं उन लोगों को नहीं छोडूंगा जो इसके पीछे हैं।" खडसे ने इस कार्रवाई को राजनीतिक साजिश करार दिया और दावा किया कि यह उनकी हाल की टिप्पणियों का जवाब हो सकता है।

खडसे ने हाल ही में जलगांव के बीजेपी नेता और राज्य के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन पर एक हनी-ट्रैप घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया कि महाजन का प्रफुल लोढ़ा नाम के एक संदिग्ध व्यक्ति से संबंध है, जिसके बाद महाजन ने खडसे और लोढ़ा की तस्वीर जारी की थी। खडसे ने कहा, "मैं हनी-ट्रैप मामले में खुलकर बोल रहा था। मुझे पहले से शक था कि मेरे खिलाफ कुछ हो सकता है, और मेरा डर सच हो गया।" उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

  • विपक्ष का रुख

विपक्षी नेताओं ने इस छापेमारी को सरकार के खिलाफ बोलने वालों को चुप कराने की कोशिश बताया। शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, "यह पूरी घटना संदिग्ध है। खडसे पिछले तीन दिनों से हनी-ट्रैप और गिरीश महाजन की संलिप्तता के बारे में बोल रहे थे। उनकी आवाज दबाने के लिए उनके दामाद को गिरफ्तार किया गया।" राउत ने यह भी कहा कि पुलिस सरकार की कठपुतली बन गई है और जो लोग सरकार के खिलाफ बोलते हैं, उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

शिवसेना (यूबीटी) की उपनेता सुषमा अंधारे ने कहा, "यह छापा उन लोगों के लिए एक संदेश है जो सरकार के खिलाफ बोलते हैं।" एनसीपी (शरद पवार) के विधायक रोहित पवार ने भी सवाल उठाया कि इस पार्टी का वीडियो कोर्ट में पेश होने से पहले ही मीडिया में कैसे लीक हो गया। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की और पूछा कि क्या इसके पीछे कोई राजनीतिक कारण है।

  • बीजेपी की प्रतिक्रिया

बीजेपी के मंत्री गिरीश महाजन ने खडसे के साजिश के दावों को खारिज करते हुए कहा, "अगर खडसे को इतनी ही समझ थी, तो उन्हें अपने दामाद को सावधान रहने के लिए कहना चाहिए था। वह कोई बच्चा नहीं है कि उसे पार्टी में ले जाया जाए। यह एक गंभीर पुलिस जांच है, और सच्चाई सामने आएगी।" बीजेपी विधायक मंगेश चव्हाण ने कहा कि खेवलकर के लिए कमरा बुक करने या पार्टी आयोजित करने में उनकी पार्टी का कोई हाथ नहीं है।

यह घटना महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़े विवाद का कारण बनी है। खडसे और महाजन के बीच जलगांव में लंबे समय से राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रही है। खडसे, जो पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता थे, 2020 में एनसीपी (शरद पवार) में शामिल हो गए थे। उनकी बेटी रोहिणी खडसे भी एनसीपी की सक्रिय नेता हैं। इस घटना ने विपक्ष को मौका दिया है कि वह बीजेपी पर राजनीतिक दबाव और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाए।

पुणे में ड्रग्स से जुड़े मामले पहले भी चर्चा में रहे हैं। द हिंदू की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2023-24 में पुणे में एनडीपीएस एक्ट के तहत 300 से अधिक मामले दर्ज किए गए। इस घटना ने शहर में ड्रग्स के बढ़ते उपयोग और रेव पार्टियों पर सवाल उठाए हैं। पुलिस ने कहा कि वे ड्रग्स की सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए जांच कर रही हैं और तीन अन्य लोगों की तलाश कर रही हैं, जो पार्टी में मौजूद थे।

पुणे के खराडी में रेव पार्टी पर पुलिस की छापेमारी ने न केवल ड्रग्स के अवैध उपयोग को उजागर किया है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया तूफान खड़ा कर दिया है। एकनाथ खडसे के दामाद प्रांजल खेवलकर की गिरफ्तारी ने इस मामले को राजनीतिक रंग दे दिया है, जिसमें विपक्ष इसे साजिश बता रहा है, जबकि बीजेपी इसे कानूनी कार्रवाई करार दे रही है। पुलिस की जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट से यह साफ होगा कि क्या यह वास्तव में एक आपराधिक मामला है या इसके पीछे कोई राजनीतिक मंशा थी। फिलहाल, यह मामला महाराष्ट्र की राजनीति और समाज में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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