गोवा नाइटक्लब अग्निकांड में परफॉर्म कर रही डांसर गहरे सदमे में, छह दिन से नहीं सोईं और लगातार रो रही हैं: पति

उत्तरी गोवा के अरपोरा स्थित बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब में 6 दिसंबर 2025 की रात को लगी भीषण आग ने 25 लोगों की जान ले ली और

Dec 15, 2025 - 12:30
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गोवा नाइटक्लब अग्निकांड में परफॉर्म कर रही डांसर गहरे सदमे में, छह दिन से नहीं सोईं और लगातार रो रही हैं: पति
गोवा नाइटक्लब अग्निकांड में परफॉर्म कर रही डांसर गहरे सदमे में, छह दिन से नहीं सोईं और लगातार रो रही हैं: पति

उत्तरी गोवा के अरपोरा स्थित बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब में 6 दिसंबर 2025 की रात को लगी भीषण आग ने 25 लोगों की जान ले ली और कई को घायल कर दिया। इस हादसे के समय क्लब में बॉलीवुड बैंगर नाइट का आयोजन चल रहा था और कजाखस्तान की प्रोफेशनल बेली डांसर क्रिस्टिना शेख स्टेज पर परफॉर्म कर रही थीं। वे शोले फिल्म के गाने मेहबूबा ओ मेहबूबा पर डांस कर रही थीं जब इलेक्ट्रिक फायरक्रैकर्स से छत पर चिंगारी लगी और देखते ही देखते आग पूरे क्लब में फैल गई। इस घटना ने क्रिस्टिना को गहरे सदमे में डाल दिया है। उनके पति मिखाइल बुकिन ने बताया कि उनकी पत्नी पिछले छह दिनों से ठीक से सो नहीं पाई हैं, घर से बाहर नहीं निकल रही हैं और भावनात्मक तनाव के कारण लगभग पांच किलोग्राम वजन कम हो गया है।

मिखाइल बुकिन ने कहा कि उनकी पत्नी लगातार रो रही हैं और यह उनके परिवार के लिए सबसे कठिन समय है। क्रिस्टिना गहराई से आघातग्रस्त हैं और घटना के बाद से उनका जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। उन्होंने बताया कि 25 लोगों की मौत हो गई लेकिन उनकी पत्नी जीते जी मर गई लगती है। पुलिस ने 12 दिसंबर को क्रिस्टिना का बयान दर्ज किया। क्रिस्टिना ने पहले बताया था कि परफॉर्मेंस के बाद वे चेंजिंग रूम की ओर जा रही थीं लेकिन एक क्रू मेंबर ने उन्हें रोक दिया और कहा कि वहां न जाएं, जिससे उनकी जान बच गई। हादसे की रात क्लब में करीब 100 से अधिक लोग मौजूद थे, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे। आग इलेक्ट्रिक फायरक्रैकर्स से शुरू हुई जो परफॉर्मेंस का हिस्सा थे और छत पर लगी ज्वलनशील सामग्री से तेजी से फैल गई। क्लब की संरचना में संकीर्ण प्रवेश और निकास द्वार होने के कारण निकासी में भगदड़ मच गई और कई लोग धुएं से दम घुटने के कारण फंस गए। मरने वालों में 20 कर्मचारी और 5 पर्यटक शामिल थे। कई शव बेसमेंट से मिले जहां लोग भागकर गए थे लेकिन वहां भी निकास नहीं था। एक अन्य उत्तरजीवी भावना जोशी ने बताया कि वे अपने पति विनोद कुमार और तीन बहनों के साथ क्लब में थीं। उनके पति ने सबसे पहले छत पर चिंगारी देखी और स्टाफ को इशारा किया लेकिन आग पर काबू नहीं पाया गया। भीड़ में धक्का-मुक्की हुई और भावना बाहर निकल आईं लेकिन उनके पति और बहनें अंदर ही रह गए। विनोद ने भावना को बाहर धकेला और फिर बहनों को बचाने वापस गए लेकिन वे सभी आग में फंस गए। भावना ने कहा कि क्लब में केवल एक प्रवेश-निकास था, कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं था और फायर ब्रिगेड देर से पहुंची।

क्लब की छत पर सूखे पाम लीव्स और ज्वलनशील सामग्री का उपयोग किया गया था जो आग फैलने का प्रमुख कारण बना। क्लब साल्ट पैन पर अवैध रूप से बनाया गया था और इसे कई नोटिस मिले थे लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। क्लब में फायर सेफ्टी नियमों का पालन नहीं किया गया था। जांच में पता चला कि परफॉर्मेंस के दौरान पाइरोटेक्निक्स का उपयोग बिना अनुमति के किया गया। पुलिस ने अब तक कई गिरफ्तारियां की हैं जिनमें क्लब के मैनेजर और स्टाफ शामिल हैं। क्लब के मालिक सौरभ और गौरव लूथरा हादसे के कुछ घंटों बाद थाईलैंड भाग गए थे और वहां हिरासत में लिए गए हैं, उन्हें भारत लाने की प्रक्रिया चल रही है। क्रिस्टिना कजाखस्तान की नागरिक हैं और प्रोफेशनल डांसर के रूप में दुनिया भर में परफॉर्म करती हैं। वे गोवा में नियमित रूप से परफॉर्म कर रही थीं लेकिन उनके पास परफॉर्म करने के लिए वैध बिजनेस वीजा नहीं था। पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। हादसे के बाद क्रिस्टिना घर पर ही हैं और बाहर नहीं निकल रही हैं। उनके पति ने बताया कि पूरा परिवार इस सदमे से गुजर रहा है। क्रिस्टिना की बेटी भी है और वे उसे गले लगाकर रोती रहती हैं।

हादसे में मरने वाले ज्यादातर कर्मचारी विभिन्न राज्यों से थे जिनमें उत्तराखंड, झारखंड, उत्तर प्रदेश और अन्य शामिल हैं। एक परिवार से चार सदस्यों की मौत हुई जिनमें दिल्ली-गाजियाबाद की भावना जोशी का पति और तीन बहनें थीं। भावना ने कहा कि क्लब में कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी, न फायर अलार्म और न ही आग बुझाने के उपकरण। स्टाफ उपकरण और परफॉर्मर्स को बचाने में लगा था लेकिन मेहमानों की मदद नहीं की गई। फायर ब्रिगेड को पहुंचने में 30-40 मिनट लग गए। पुलिस ने 60 से अधिक बयान दर्ज किए हैं और जांच जारी है। क्लब को सील कर दिया गया है और अन्य वेन्यूज की ऑडिट की जा रही है। हादसे ने गोवा की नाइटलाइफ में सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं। संकीर्ण रास्ते और अवैध निर्माण ने बचाव कार्य को कठिन बना दिया। फायर ट्रक को क्लब से 400 मीटर दूर पार्क करना पड़ा। अधिकांश मौतें धुएं से दम घुटने के कारण हुईं। क्रिस्टिना ने पहले कहा था कि वे सदमे में हैं और सब कुछ उनकी आंखों के सामने घूम रहा है। उनके पति ने बताया कि वे लगातार रोती रहती हैं और नींद नहीं आती। वजन कम होने से उनकी सेहत भी प्रभावित हो रही है। यह हादसा उनके लिए जीवन का सबसे काला अध्याय बन गया है। पुलिस जांच में क्रिस्टिना का बयान महत्वपूर्ण है क्योंकि वे स्टेज पर मौजूद थीं जब आग शुरू हुई।

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