दिल्ली में 24 घंटे खुलेंगी दुकानें और संस्थान- महिलाओं को नाइट शिफ्ट की अनुमति, सुरक्षा और परिवहन पर विशेष ध्यान। 

दिल्ली में अब सभी दुकानें और व्यावसायिक संस्थान 24 घंटे खुल सकेंगे। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे....

Aug 1, 2025 - 11:55
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दिल्ली में 24 घंटे खुलेंगी दुकानें और संस्थान- महिलाओं को नाइट शिफ्ट की अनुमति, सुरक्षा और परिवहन पर विशेष ध्यान। 
दिल्ली में 24 घंटे खुलेंगी दुकानें और संस्थान- महिलाओं को नाइट शिफ्ट की अनुमति, सुरक्षा और परिवहन पर विशेष ध्यान। 

दिल्ली में अब सभी दुकानें और व्यावसायिक संस्थान 24 घंटे खुल सकेंगे। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे राष्ट्रीय राजधानी को 24 घंटे सक्रिय व्यापारिक केंद्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। इसके साथ ही, महिलाओं को भी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में रात की शिफ्ट में काम करने की अनुमति दी गई है। इस निर्णय के साथ महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं, और सरकार को सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए हैं। यह कदम दिल्ली की अर्थव्यवस्था को गति देने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दिल्ली सरकार ने इस नीति को लागू करने के लिए दिल्ली दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1954 की धारा 14, 15 और 16 में संशोधन को मंजूरी दी है। पहले इस अधिनियम के तहत महिलाओं को गर्मियों में रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक और सर्दियों में रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक काम करने की अनुमति नहीं थी। अब इन प्रतिबंधों को हटा दिया गया है, जिससे दुकानें और संस्थान पूरे दिन और रात संचालित हो सकेंगे। हालांकि, शराब की दुकानों को इस छूट से बाहर रखा गया है, और उनका समय सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक ही रहेगा। उपराज्यपाल ने सुझाव दिया है कि आबकारी विभाग रेस्तरां और अन्य प्रतिष्ठानों के समय को अन्य दुकानों के अनुरूप समायोजित कर सकता है।

महिलाओं को रात की शिफ्ट में काम करने की अनुमति देने का निर्णय महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह नीति न केवल महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देगी, बल्कि दिल्ली को व्यापार करने में आसानी के मामले में भी आगे ले जाएगी। उन्होंने बताया कि हरियाणा, तेलंगाना, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों में पहले से ही ऐसी व्यवस्था लागू है, और अब दिल्ली भी इस दिशा में कदम बढ़ा रही है। यह निर्णय विशेष रूप से सूचना प्रौद्योगिकी, बीपीओ, और आतिथ्य जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा करेगा।

महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कई सख्त नियम बनाए हैं। रात की शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं की लिखित सहमति अनिवार्य होगी। नियोक्ताओं को सुरक्षित परिवहन, कार्यस्थल पर सीसीटीवी निगरानी, महिला सुरक्षा गार्ड की तैनाती, और अच्छी रोशनी वाले पिक-अप और ड्रॉप पॉइंट सुनिश्चित करने होंगे। इसके अलावा, कार्यस्थलों पर स्वच्छ शौचालय, लॉकर, और रेस्ट रूम की सुविधा उपलब्ध करानी होगी। यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम (POSH) के तहत आंतरिक शिकायत समिति का गठन भी अनिवार्य होगा। वेतन का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक रूप से किया जाएगा, और कर्मचारियों को कर्मचारी राज्य बीमा (ESI), भविष्य निधि (PF), बोनस, साप्ताहिक अवकाश, और ओवरटाइम जैसे सभी वैधानिक लाभ दिए जाएंगे। यदि कोई कर्मचारी रात की शिफ्ट करने से मना करती है, तो उसे बर्खास्त नहीं किया जा सकता।

उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने श्रम विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे व्यापारियों, दुकानदारों, और प्रतिष्ठानों के मालिकों के बीच इस नीति के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हितधारक परामर्श शुरू करें। उन्होंने यह भी कहा कि रात की शिफ्ट में महिलाओं को नियुक्त करने वाले संस्थानों को नियमों का पालन करना होगा, और उनके निरीक्षण भी किए जा सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति की सफलता इसके कार्यान्वयन पर निर्भर करेगी। सामाजिक कार्यकर्ता कल्पना विश्वनाथ ने कहा कि बिना जवाबदेही के यह नीति प्रभावी नहीं होगी, लेकिन सही समर्थन के साथ यह महिलाओं के लिए बदलाव का एक शक्तिशाली अवसर बन सकता है।

सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए भी उपराज्यपाल ने सरकार को निर्देश दिए हैं। रात में काम करने वाले कर्मचारियों, विशेष रूप से महिलाओं, के लिए सुरक्षित और सुलभ परिवहन सुविधा जरूरी है। दिल्ली में पहले से ही मेट्रो और बस सेवाएं रात तक संचालित होती हैं, लेकिन इन सेवाओं को और अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित बनाने की आवश्यकता है। रात के समय बसों की संख्या बढ़ाने, महिला यात्रियों के लिए विशेष बसें शुरू करने, और स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ाने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। इससे न केवल कर्मचारियों को सुविधा होगी, बल्कि दिल्ली की नाइट लाइफ को भी बढ़ावा मिलेगा।

दिल्ली सरकार ने पहले भी 24 घंटे संचालन के लिए कुछ दुकानों और प्रतिष्ठानों को अनुमति दी थी। अब तक 552 दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को यह छूट दी जा चुकी है, जिसमें रेस्तरां और अन्य व्यवसाय शामिल हैं। हाल ही में 29 और दुकानों को 24 घंटे खोलने की मंजूरी दी गई है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य दिल्ली की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और रोजगार के अवसर पैदा करना है। सरकार का मानना है कि 24 घंटे संचालन से न केवल व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के अनुरूप है, जिसमें कहा गया था कि सरकार का काम महिलाओं को काम से रोकना नहीं, बल्कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ ने टिप्पणी की थी कि जब पायलट, सेना के जवान, और अन्य लोग रात में काम कर सकते हैं, तो महिलाओं को क्यों रोका जाए। इस नीति से दिल्ली न केवल आर्थिक रूप से मजबूत होगी, बल्कि लैंगिक समानता की दिशा में भी एक उदाहरण प्रस्तुत करेगी।

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